जिला जनसम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा(म.प्र.)
समाचार
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एक औषधि अवमानक स्तर की घोषित
इन्दौर की दवा निर्माता कंपनी मेसर्स इंडो लेब्स द्वारा निर्मित एक औषधि फ्रोसिमाइड टेबलेट अवमानक स्तर की घोषित की गई है । जिले के सभी दवा विक्रेताओं को निर्देश दिये गये हैं कि वे इस अवमानक स्तर की घोषित औषधि का तत्काल क्रय-विक्रय बंद करें तथा यह सुनिश्चित करें कि अवमानक स्तर की यह औषधि उनके प्रतिष्ठान में उपलब्ध नहीं रहें । निरीक्षण के दौरान यदि अवमानक स्तर की यह औषधि पायी जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी ।
औषधि निरीक्षक एवं औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी ने बताया कि नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल से प्राप्त सूचना और निर्देशों के अनुरुप शासकीय विश्लेषक महाराष्ट्र द्वारा परीक्षण करने में इंडो लेब्स इन्दौर द्वारा निर्मित फ्रोसिमाइड टेबलेट आई.पी. 40 मिलीग्राम, बैच नंबर 0310, निर्माण तिथि 1-9-2010 और अवसान तिथि 31-8-2012 अवमानक स्तर की घोषित की गई है ।
औषधि निरीक्षक एवं औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी ने बताया कि नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल से प्राप्त सूचना और निर्देशों के अनुरुप शासकीय विश्लेषक महाराष्ट्र द्वारा परीक्षण करने में इंडो लेब्स इन्दौर द्वारा निर्मित फ्रोसिमाइड टेबलेट आई.पी. 40 मिलीग्राम, बैच नंबर 0310, निर्माण तिथि 1-9-2010 और अवसान तिथि 31-8-2012 अवमानक स्तर की घोषित की गई है ।
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3 मेडिकल स्टोर्स के फुटकर लायसेंस निलंबित
औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा 3 मेडिकल स्टोर्स के फुटकर लायसेंस तत्काल प्रभाव से 21 दिनों के लिये निलंबित कर दिये गये हं । यह कार्यवाही औषधि निरीक्षक द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान दुकान का संचालन औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के अनुसार नहीं पाये जाने और विभिन्न अनियमितताओं के पाये जाने के कारण की गई है ।
औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी ने बताया कि जिले की तहसील पांढुर्ना के ग्राम मारुड़ के श्री प्रशांत कलंबे प्रोप्राईटर मेसर्स रोशन मेडिकल स्टोर्स और ग्राम तिगांव के श्री मोहम्मद जाकिर दीवान प्रोप्राईटर मेसर्स दीवान मेडिकल एण्ड जनरल स्टोर्स तथा तहसील छिन्दवाडा के ग्राम बीसापुरकला के श्री कैलाश भुजे प्रोप्राईटर मेसर्स चैतन्य मेडिकल स्टोर्स के फुटकर लायसेंस 21 दिनों के लिये तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिये गये हैं ।
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सरपंच /सचिवों को ग्रामसभा की बैठक और
विशेष सम्मिलन आयोजित करने के निर्देश
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री स्वाति मीणा ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच/सचिवों को निर्देश दिये हैं कि निर्धारित नियमों के तहत ग्राम सभा की बैठक और विशेष सम्मिलन आयोजित करें । यदि नियमों के तहत सरपंच/सचिव ग्राम सभा की बैठक या विशेष सम्मिलन की कार्यवाही नहीं करते हैं तो ग्राम सभा के सदस्य संबंधित राजस्व अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष उनके विरुद्ध आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं ।
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री मीणा ने बताया कि प्राय: ग्राम पंचायतों के सरपंच/सचिव द्वारा ग्राम सभा की बैठक आयोजित नहीं करने संबंधी शिकायतें जिले में जनसुनवाई के दौरान प्राप्त हो रही है । उन्होंने बताया कि म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वरज अधिनियम 1993 के प्रावधानों के अनुसार वर्ष में चार ग्राम सभा आयोजित किया जाना निर्धारित हे जो माह जनवरी, अप्रैल, जुलाई तथा अक्टूबर में होगी । अधिनियम की धारा 6 के अनुसार ग्राम सभा का सम्मिलन बुलाने का दायित्व सचिव/सरपंच का है । यदि संबंधित सचिव एवं सरपंच ग्राम सभा नियमित रुप से आयोजित नहीं करते हैं तथा ग्राम सभा के सदस्यों को ग्राम सभा का सम्मिलन आयोजित करना आवश्यक हो तो अधिनियम की धारा 6-क के अनुसार ग्राम सभा के 10 प्रतिशत से अधिक सदस्य या 50 सदस्य जो भी कम हों ग्राम सभा के विशेष सम्मेलन के लिये लिखित में अध्यपेक्षा करते हैं, तो संबंधित सचिव ऐसी अध्यपेक्षा की प्राप्ति की तारीख से 7 दिन के भीतर ऐसा सम्मिलन बुलाएगा । इस संबंध में सचिव/सरपंच द्वारा नियमों के तहत कार्यवाही नहीं किये जाने की स्थिति में सचिव/सरपंच के विरुद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है ।
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राजस्व विभाग द्वारा समय पर प्रदाय लोक सेवाओं
से एक तहसील और एक उप तहसील में
12 हजार 560 हितग्राही लाभान्वित
म.प्र. लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2010 के अन्तर्गत राजस्व विभाग द्वारा समय सीमा में दी जा रही लोक सेवायें ग्रामीणों और किसानों में अत्यन्त लोकप्रिय हो रही है तथा इस अधिनियम में राजस्व विभाग के लिए निर्धारित 6 योजनाओं में तहसील चौरई और उप तहसील बटकाखापा में 12 हजार 560 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है । इसमें तहसील चौरई के 4 हजार 940 और उप तहसील बटकाखापा के 7 हजार 620 हितग्राही शामिल हैं ।
तहसीलदार चौरई ने बताया कि अधिनियम लागू होने से लेकर माह अगस्त 2011 तक तहसील चौरई में 741 हितग्राहियों को स्थानीय निवासी प्रमाण और 17 हितग्राहियों को नवीन बी.पी.एल. राशन कार्ड जारी किये गये । इसी प्रकार 2 हजार 85 हितग्राहियों को चालू खसरा खतौनी और 2 हजार 87 हितग्राहियों को चालू नक्शा की प्रतिलिपियों एवं 10 हितग्राहियों को भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका की द्वितीय प्रति समय सीमा में प्रदाय कर इन हितग्राहियों को लोक सेवाओं से लाभान्वित किया गया ।
नायब तहसीलदार बटकाखापा ने बताया कि अधिनियम लागू होने से लेकर 23 सितम्बर 2011 तक उप तहसील बटकाखापा में 6 हजार 925 हितग्राहियों को भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका का प्रथम बार प्रदाय किया गया तथा 213 हितग्राहियों चालू खसरा/खतौनी और 213 हितग्राहियों को चालू नक्शा की प्रतिलिपियों का प्रदाय किया गया । इसी प्रकार 257 हितग्राहियों को सथानीय निवासी प्रमाण पत्र जारी किये गये तथा 12 हितग्राहियों को प्राकृतिक प्रकोप से शारीरिक अंगहानि और मृत्यु पर आर्थिक सहायता समय सीमा में प्रदाय कर इन हितग्राहियों को लोक सेवाओं से लाभान्वित किया गया ।
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ग्राम बनगांव में 2 अक्टूबर को सद्भावना शिविर का आयोजन
अस्पृश्यता निवारण के लिये जिले के पांढुर्ना विकासखंड के ग्राम बनगांव में आगामी 2 अक्टूबर को आदिवासी विकास विभाग द्वारा सद्भावना शिविर का आयोजन किया गया है । साथ ही शिविर स्थल पर सहभोज का भी आयोजन किया गया है । शिविर के सफल आयोजन के लिए सभी शासकीय एवं अशासकीय व्यक्तियों और गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया गया है ।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि सद्भवना शिविर में अनुसूचित जातियों के संरक्षण हेतु किये गये उपबंधों पर भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गई है । साथ ही जिले के विभिन्न विकास विभागों के अधिकारियों को भी अनुसूचित जातियों के विकास हेतु संचालित योजनाओं की विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के लिये आमंत्रित किया गया है ।
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