5 Sept 2011

समाचार 5 Sept 2011




जिला जनसम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा (म.प्र.)
समाचार

माह सितम्बर में 68 नसबंदी केम्पों का आयोजन

           मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.आर.चौहान के दिशा निर्देशन में माह सितम्बर में राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम के अन्तर्गत जिले में 68 नसबंदी केम्पों का आयोजन किया गया है । इन कैम्पों के लिए जिले के सभी विकासखंडों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये हैं जो स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सुपरवाईजर और अन्य सहयोगी सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक लेकर परिवार नियोजन का लक्ष्य प्राप्त करने में सहयोग करेंगे । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चौहान द्वारा जिले के दम्पत्तियों से अपील की गई है कि नसबंदी केम्पों में नसबंदी कराकर शासन की प्रेरक राशि, हितग्राही राशि एवं शासन की सभी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें । उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिये हैं कि क्षेत्र भ्रमण कर नसबंदी  कैम्पों की व्यवस्था सुनिश्चित करें ।
            स्वास्थ्य विभाग के मीडिया अधिकारी श्री प्रमोद वासनिक ने बताया कि 7 सितम्बर को जिला अस्पताल, पांढुर्ना, बडकुही, उमरेठ और बुर्रीखुर्द, 8 को बिछुआ और लिंगा, 9 को अमरवाड़ा, सिंगोडी, हर्रई, बटकाखापा, जुन्नारदेव और हिरदागढ़, 10 को चौरई और चांद, 12 को सौंसर, बोरगांव, तामिया और देलाखारी, 14 को जिला अस्पताल, नवेगांव, पांढुर्ना, परासिया और बडकुही, 15 को मोरडोंगरी, खमारपानी, सांवरी और उमरानाला, 16 को अमरवाड़ा, सिंगोडी, हर्रई, सुरलाखापा, जुन्नारदेव और रामपुर, 17 को चौरई और नांदनवाडी, 19 को शिवपुरी, सौंसर, रामाकोना, तामिया और बम्हनी, 21 को जिला अस्पताल, दमुआ, पांढुर्ना, बडकुही और पगारा, 22 को बिछुआ  और सांवरी, 23 को अमरवाड़ा,सिंगोडी, हर्रई और जुन्नारदेव, 24 को चौरई और चांद, 26 को सौंसर, लोधीखेडा, तामिया और छिंदी, 28 को जिला अस्पताल, पांढुर्ना, परासिया और बडकुही, 29 को बिछुआ और मोहखेड तथा 30 सितम्बर को अमरवाड़ा, सिंगोडी, हर्रई और बटकाखापा में नसबंदी शिविर आयोजित किये गये हैं ।

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अभी तक 940.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

             जिले में अभी तक 940.4 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है,जबकि गत वर्ष इस अवधि तक 864.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई थी । जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान प्रात: 8 बजे तक 18.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जिसमें विकासखंड छिन्दवाडा में 9.4 मि.मी., मोहखेड में 29.6, तामिया में 14, अमरवाड़ा में 16.2, चौरई में 5.4, हर्रई में 2.2, सौंसर में 18.2, पांढुर्ना में 17.6, बिछुआ में 22,परासिया में 47.2 और जुन्नारदेव में 24.6 मि.मी. वर्षा शामिल है।
            अधीक्षक भू-अभिलेख श्री डी.एल. वाडिवा द्वारा बताया गया कि जिले में 5 सितम्बर तक 940.4 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज की गई है जिसमें विकासखंड छिन्दवाड़ा में 958.8 मि.मी., मोहखेड में 895.4, तामिया में 1090, अमरवाडा में 1281.4, चौरई में 823.4, हर्रई में 796.5, सौंसर में 815.2, पांढुर्ना में 1034, बिछुआ में 719.4, परासिया में 1019.5 और जुन्नारदेव में 959.2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है।

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मुख्यमंत्री बाल ह्मदय उपचार योजना
 का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील

           मुख्यमंत्री बाल ह्मदय उपचार योजना जुलाई 2011 से प्रारंभ की गई है । यह योजना गरीब एवं वंचित वर्गो के बच्चों के इलाज हेतु अभिनव पहल है जिसमें सभी वर्गो के बच्चों के ह्मदय का मुफ्त इलाज किया जायेगा । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एस.आर.चौहान द्वारा इस योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की गई है । उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये हैं ।
            स्वास्थ्य विभाग के मीडिया अधिकारी श्री प्रमोद वासनिक ने बताया कि विभागीय स्वास्थ्य संस्थाओं को इस योजना की प्रचार–प्रसार सामग्री भेजी गई है तथा विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों को इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये गये हैं जिससे धन के अभाव से वंचित बच्चों का नि:शुल्क इलाज हो सके । इस योजना के अन्तर्गत आर्थिक उपचार का प्रबंध किया गया है तथा ह्मदय रोगी बच्चों की शल्य चिकित्सा आवश्यकतानुसार राज्य या राज्य के बाहर के अस्पतालों में करवाने की विशेष पहल की गई है। आवश्यकता होने पर इलाज के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता का प्रबंध किया जायेगा तथा मुख्यमंत्री को प्राप्त स्मृति चिन्हों  की नीलामी से प्राप्त धन का उपयोग भी इन बच्चों के इलाज पर किया जायेगा ।
           उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए ह्मदय रोग से ग्रसित बच्चे को सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के पास ले जाना चाहिये । यहाँ पर बच्चे का पंजीयन कर उसकी आवश्यक जाँच की जायेगी । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बच्चे का निर्धारित आवेदन भरा जायेगा तथा यह आवेदन संभागीय समिति को भेजा जायेगा । संभागीय समिति 7 दिन में परीक्षण एवं जाँच कर अपनी अनुशंसा सहित मरीज बच्चे को संबंधित अस्पताल में भेजेगी । इलाज के लिए चयनित प्रकरणों की सूची राज्य समन्वयक को भेजी जायेगी । इलाज के दौरान सभी प्रकार की दवाइयाँ, जाँच एवं भोजन की व्यवस्था नि:शुल्क की जायेगी तथा रोगी बच्चे के साथ परिवार के दो सदस्यों के ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था अस्पताल प्रबंधन करेगा । रोगी को अस्पताल तक लाने एवं उपचार के उपरान्त घर तक ले जाने की परिवहन व्यवस्था विभाग द्वारा की जायेगी । डिस्चार्ज के पश्चात मरीज की तीन फालोअप जाँच भी की जायेगी । 

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समय सीमा की साप्ताहिक समीक्षा बैठक सम्पन्न

            जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री स्वाति मीणा ने निर्देश दिये कि जिले में नये चयनित जनशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम कराये तथा डी ग्रेड में आने वाली शालाओं के लिये भी प्रशिक्षण की व्यवस्था करें । सुश्री मीणा ने ये निर्देश आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय सीमा की समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा केन्द्र के जिला परियोजना समन्वयक को दिये । उन्होंने जिला शिक्षा केन्द्र के साथ ही आदिवासी विकास, स्कूल शिक्षा, पंचायत, शहरी विकास, खनिज, पशु चिकित्सा, महिला एवं बाल विकास, कोषालय, श्रम, वन, कृषि, सिंचाई, मत्स्य, उद्योग, लोक निर्माण, सहकारिता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विद्युत, प्रधानमंत्री सडक परियोजना, राजस्व, जिलाध्यक्ष कार्यालय की शिकायत शाखा, उद्यान आदि विभागों के समय सीमा के लंबित पत्रों की प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को पत्रों का समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये । संबंधित विभाग प्रमुखों द्वारा अपने विभाग के लंबित पत्रों के निराकरण की जानकारी देते हुये शेष लंबित पत्रों के संबंध में भी जानकारी दी । बैठक में राजस्व अनुविभागीय अधिकारी डॉ. के.डी.त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती आशा कुशरे और सभी विभागों के कार्यालय प्रमुख उपस्थित थे ।

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