जिला जनसम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा (म.प्र.)
समाचार
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2 ड्रग लायसेंस निरस्त और एक
फुटकर विक्रय ड्रग लायसेंस निलंबित
औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा जिले के एक फुटकर विक्रय ड्रग लायसेंस को 21 दिनों के लिये निलंबित और 2 ड्रग लायसेंसों को निरस्त कर दिया गया है । यह कार्यवाही औषधि निरीक्षक के निरीक्षण के दौरान दुकान का संचालन औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमावली 1945 के अनुसार नहीं पाये जाने और अन्य अनियमितताओं के पाये जाने पर की गई है।
औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी ने बताया कि जिले के चंदनगांव स्थित मेसर्स प्रीति मेडिकल स्टोर्स का फुटकर ड्रग लायसेंस 21 दिन के लिये निलंबित किया गया है तथा जिले के बिछुआ विकासखंड के ग्राम उल्हावाडी के मेसर्स वर्मा आयुर्वेदिक ड्रग स्टोर और हर्रई विकासखंड के ग्राम हर्रई के मेसर्स संजय मेडीकल स्टोर्स के ड्रग लायसेंस को निरस्त कर दिया गया है ।
औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी ने बताया कि जिले के चंदनगांव स्थित मेसर्स प्रीति मेडिकल स्टोर्स का फुटकर ड्रग लायसेंस 21 दिन के लिये निलंबित किया गया है तथा जिले के बिछुआ विकासखंड के ग्राम उल्हावाडी के मेसर्स वर्मा आयुर्वेदिक ड्रग स्टोर और हर्रई विकासखंड के ग्राम हर्रई के मेसर्स संजय मेडीकल स्टोर्स के ड्रग लायसेंस को निरस्त कर दिया गया है ।
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अभी तक 892.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
जिले में अभी तक 892.8 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है,जबकि गत वर्ष इस अवधि तक 839.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई थी। जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान प्रात: 8 बजे तक 12.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जिसमें विकासखंड छिन्दवाडा में 11.4 मि.मी., मोहखेड में 26.2, तामिया में 18, अमरवाड़ा में 10.2, चौरई में 45.2, हर्रई में 10.4, पांढुर्ना में 4.6, परासिया में 3 और जुन्नारदेव में 6.2 मि.मी. वर्षा शामिल है।
अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा बताया गया कि जिले में 3 सितम्बर तक 892.8 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज की गई है जिसमें विकासखंड छिन्दवाड़ा में 924.2 मि.मी., मोहखेड में 810.6, तामिया में 1066, अमरवाडा में 1245, चौरई में 798.2, हर्रई में 787.7, सौंसर में 779.8, पांढुर्ना में 953.6, बिछुआ में 639.2, परासिया में 948.3 और जुन्नारदेव में 915.2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है।
अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा बताया गया कि जिले में 3 सितम्बर तक 892.8 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज की गई है जिसमें विकासखंड छिन्दवाड़ा में 924.2 मि.मी., मोहखेड में 810.6, तामिया में 1066, अमरवाडा में 1245, चौरई में 798.2, हर्रई में 787.7, सौंसर में 779.8, पांढुर्ना में 953.6, बिछुआ में 639.2, परासिया में 948.3 और जुन्नारदेव में 915.2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है।
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4 मृतकों के वारिसों को 2.50 लाख रुपये
की आर्थिक अनुदान सहायता राशि स्वीकृत
की आर्थिक अनुदान सहायता राशि स्वीकृत
राजस्व अनुविभागीय अधिकारी जुन्नारदेव श्री अखिलेश जैन द्वारा सर्पदंश और नदी की बाढ़ में बहने से मृत्यु होने पर 4 मृतकों के वारिसों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6 (4) के अन्तर्गत 2 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की गई है । इस संबंध में संबंधित तहसीलदारों को स्वीकृत अनुदान राशि आहरित कर संबंधित हितग्राही को भुगतान करने के निर्देश दिये गये हैं ।
राजस्व अनुविभागीय अधिकारी जुन्नारदेव ने बताया कि सर्पदंश से मृत्यु होने पर जिले की तहसील जुन्नारदेव के ग्राम बाकोडी की मृतका 3 माह की कु. तरुणा के वारिस पिता श्री धीरनसा वल्द जयमलसा, ग्राम चंदनिया कुसुमढाना की मृतका श्रीमती सरिता के वारिस पति श्री सम्मल वल्द फक्कूलाल और ग्राम बांगई के मृतक सुकरलाल के वारिस पिता श्री हरगोविंद वल्द लच्छू को 50-50 हजार रुपये तथा गोबरिया नदी की बाढ़ में बहकर मृत्यु होने पर ग्राम बाकोडी की मृतका ढाई वर्ष की धरनती के वारिस पिता श्री हरीराम वल्द सोनिया को एक लाख रुपये की आर्थिक अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की गई है ।
राजस्व अनुविभागीय अधिकारी जुन्नारदेव ने बताया कि सर्पदंश से मृत्यु होने पर जिले की तहसील जुन्नारदेव के ग्राम बाकोडी की मृतका 3 माह की कु. तरुणा के वारिस पिता श्री धीरनसा वल्द जयमलसा, ग्राम चंदनिया कुसुमढाना की मृतका श्रीमती सरिता के वारिस पति श्री सम्मल वल्द फक्कूलाल और ग्राम बांगई के मृतक सुकरलाल के वारिस पिता श्री हरगोविंद वल्द लच्छू को 50-50 हजार रुपये तथा गोबरिया नदी की बाढ़ में बहकर मृत्यु होने पर ग्राम बाकोडी की मृतका ढाई वर्ष की धरनती के वारिस पिता श्री हरीराम वल्द सोनिया को एक लाख रुपये की आर्थिक अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की गई है ।
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कडाई से शासन के निर्देशों का पालन करें बस आपरेटर
अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा बताया गया कि सभी बस आपरेटरों को शासन से प्राप्त निर्देशों का कड़ाई से पालन करना है अन्यथा कड़ी कार्यवाही की जायेगी । इन निर्देशों में यात्री बसों में आगमन निर्गम में पृथक-पृथक द्वार हो, वाहन की विण्ड स्क्रीन पर परमिट क्रमांक, परमिट वैद्यता अवधि, वाहन की फिटनेस, वाहन का बीमा अनिवार्य रुप से अंकित होना चाहिये, वाहन में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हों, किराया सूची में समय सारणी प्रदर्शित करना होगी, चालक एवं परिचालक निर्धारित ड्रेस में हों, परमिट फिटनेस टेक्स एवं बीमा के बिना वाहन का संचालन न हों, वाहन मालिक, चालक एवं परिचालक का अपराधिक रिकार्ड न हों ।
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जल उपभोक्ता संथा निर्वाचन के अन्तर्गत निर्वाचन अवधि में
कानून व्यवस्था की स्थिति पर निगरानी रखने के निर्देश
कानून व्यवस्था की स्थिति पर निगरानी रखने के निर्देश
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) डॉ.पवन कुमार शर्मा ने जल उपभोक्ता संथा निर्वाचन 2011 के अन्तर्गत निर्वाचन अवधि में कानून व्यवस्था की स्थिति पर निगरानी रखने के संबंध में निर्देश दिये हैं । ये निर्देश पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी/अपर कलेक्टर (विकास) जिला पंचायत, अतिरिक्त कलेक्टर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के साथ ही सभी राजस्व और पुलिस अनुविभागीय अधिकारियों, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, थाना और चौकी प्रभारियों तथा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग को दिये गये हैं ।
कलेक्टर एवं निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) डॉ. शर्मा ने बताया कि जल उपभोक्ता संथा निर्वाचन 2011 के लिए निर्वाचन की घोषणा की जा चुकी है । निर्वाचन की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है जो निर्वाचन के परिणामों की घोषणा तक प्रभावशील रहेगी । जल उपभोक्ता संथा निर्वाचन के लिए 16 सितम्बर को प्रात: 8 से 2 बजे तक मतदान होगा तथा इसके तत्काल बाद पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदान स्थल पर ही मतों की गणना की जायेगी । निर्वाचन अधिकारी द्वारा 19 सितम्बर 2011 को मतगणना की जायेगी । निर्वाचन की सम्पूर्ण प्रक्रिया स्वतंत्र एवं निष्पक्ष हो तथा निर्वाचन के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे, इन मुद्दों को दृष्टिगत रखते हुये कार्यवाही की जानी है ताकि मतदान अधिकारी/कर्मचारी अपना कार्य निर्भीक एवं निडर होकर कर सकें । इस उद्देश्य से सभी अधिकारी दिये गये निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़े और इसका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें ।
कलेक्टर एवं निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) डॉ. शर्मा ने बताया कि जल उपभोक्ता संथा निर्वाचन 2011 के लिए निर्वाचन की घोषणा की जा चुकी है । निर्वाचन की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है जो निर्वाचन के परिणामों की घोषणा तक प्रभावशील रहेगी । जल उपभोक्ता संथा निर्वाचन के लिए 16 सितम्बर को प्रात: 8 से 2 बजे तक मतदान होगा तथा इसके तत्काल बाद पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदान स्थल पर ही मतों की गणना की जायेगी । निर्वाचन अधिकारी द्वारा 19 सितम्बर 2011 को मतगणना की जायेगी । निर्वाचन की सम्पूर्ण प्रक्रिया स्वतंत्र एवं निष्पक्ष हो तथा निर्वाचन के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे, इन मुद्दों को दृष्टिगत रखते हुये कार्यवाही की जानी है ताकि मतदान अधिकारी/कर्मचारी अपना कार्य निर्भीक एवं निडर होकर कर सकें । इस उद्देश्य से सभी अधिकारी दिये गये निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़े और इसका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें ।
सीमा चौकी पर बैरियर्स का सुदृढ़ीकरण
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) ने बताया कि जिले के सीमावर्ती क्षेत्र एवं जिले के प्रवेश मार्ग जैसे सतनूर, बोरगांव, पांढुर्ना, कुंभपानी, तोतलाडोह, झिरपा, हर्रई, बटकाखापा, चौरई, सुरलाखापा आदि में विभिन्न विभागों द्वारा जाँच चौकी तथा बैरियर कायम किये गये हैं । उन्होंने निर्देश दिये हैं कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुये इन बैरियरों को पुलिस द्वारा और अधिक मजबूत किया जाये और यह देखा जाये कि अन्य जिले से इस जिले में असामाजिक तत्वों का प्रवेश तो नहीं हो रहा है । बैरियर में इस हेतु एक पंजी संधारित की जाये । पंजी में जाँच का समय, जाँच किये गये वाहनों के संबंध में वाहन कहाँ से आ रहा है तथा कहाँ जा रहा है उसका विवरण, वाहन के स्वामी का नाम दर्ज किया जाये और जाँच के दौरान कोई असामान्य बात पाई जाती है तो उसका भी उल्लेख पंजी में किया जाये । जिले के सीमावर्ती प्रदेश से भी वाहनों का प्रवेश जिले के भीतर होता है ऐसे मार्गो से आने-जाने वाले वाहनों में ऐसे पोस्टर/पम्पलेट्स इत्यादि तो नहीं ले जाये जा रहे हैं जिन पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम मुद्रित नहीं है । यदि ऐसे पोस्टर/पम्पलेट्स इन वाहनों के द्वारा ले जाये जा रहे हों, तो उन्हें तत्काल जप्त कर संबंधितों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाये। ऐसे सभी स्थान जहां से सीमावर्ती इलाकों से वाहन का प्रवेश हो रहा है उन स्थानों पर यदि बैरियर्स नहीं हें, तो बैरियर्स स्थापित करें एवं कर्मचारियों की नियमित ड¬ूटी लगाये ताकि आने-जाने वालों पर नियंत्रण रखा जा सके और उनकी जानकारी प्राप्त की जा सके । उन्होंने निर्देश दिये कि गडबडी फैलाने वाले आपराधिक तत्वों की धरपकड प्रारंभ से ही करें ताकि निर्वाचन शांतिपूर्वक एवं निर्विघ्न सम्पन्न हो सके । इस प्रकार से गिरफ्तार किये गये व्यक्तियों की जानकारी प्रतिदिन जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे तथा यह भी सुनिश्चित करें कि जिन व्यक्तियों की धरपकड की जाती है, उनकी जानकारी नगर दंडाधिकारी छिन्दवाड़ा को भी उसी दिन भेजे ताकि जिला निर्वाचन अधिकारी को इस संबंध में जानकारी दी जा सके । उन्होंने बताया कि मतदान की तारीख से दो दिन पूर्व से लेकर मतदान के दिन 16 सितम्बर 2011 तथा मतगणना के एक दिन पूर्व एवं मतगणना के दिन 19 सितम्बर 2011 को मदिरा के विक्रय पर प्रतिबंध रहेगा । उन्होंने निर्देश दिये कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रतिबंधित अवधि में किसी प्रकार से मदिरा का विक्रय नहीं हो और यदि मदिरा का विक्रय हो रहा हो तो ऐसी मदिरा जप्त कर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें । उन्होंने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ होने से मतगणना की समाप्ति तक प्रतिदिन कानून व्यवस्था संबंधी प्रतिवेदन जिला कार्यालय से आयुक्त, जबलपुर संभाग, जबलपुर को नियमित रुप से भेजा जाना है । उन्होंने निर्देश दिये कि इस संबंध में आपराधिक तत्वों के विरुद्ध की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, वाहनों की जाँच, अवैध शराब बिक्री को रोकने के लिए की गई कार्यवाही, अवैध हथियार एवं अन्य आग्नेय शस्त्रों की जप्ती की कार्यवाही का विवरण, धारा 144 के उल्लंघन के प्रकरणों का विवरण, सीमावर्ती चौकी पर हुई जाँच में जप्त किये गये हथियार, शराब, विस्फोटक पदार्थो का विवरण तथा वाहन में जा रहे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध की गई कार्यवाही का विवरण, सम्पत्ति विरुपण की घटनाओं का विवरण, चुनाव से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण या हिंसक घटनायें, अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण जिससे कि यह पता चल सके कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए कानून व्यवस्था की स्थिति अनुकूल है , की दैनिक रिपोर्ट जिला दंडाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को सभी थाना प्रभारी, तहसीलदार, अनुविभागीय दंडाधिकारी और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी संयुक्त हस्ताक्षर से भेजें । कई स्थानों से कार्यपालन दंडाधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की ओर से जो दैनिक प्रतिवेदन भेजे जाते हैं उसमें केवल “क्षेत्र में शांति” का उल्लेख रहा है, यह सर्वथा अनुचित है । निर्धारित सभी बिन्दुओं पर स्पष्ट जानकारी देकर रोज शाम को 6 बजे के पूर्व वायरलैस मैसेज जिला दंडाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को भेजे ।
संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर सतर्कता
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) ने निर्देश दिये है कि जिले के संवेदनशील मतदान केन्द्रों की उपलब्ध सूची के अलावा चुनाव लडने वाले अभ्यर्थियों की सूची अंतिम होने के बाद इस बात का पुन: निरीक्षण करें कि किसी भी क्षेत्र में चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की स्थिति को देखते हुये कोई नया मतदान केन्द्र ऐसा तो नहीं है जो कि पहले की अपेक्षा ज्यादा संवेदनशील बन गया हो । ऐसे क्षेत्र अथवा मतदान केन्द्रों में विशेष रुप से सतर्कता बरते ताकि इन क्षेत्रों में चुनाव का कार्य स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रुप से हो सके । इस हेतु विशेष ध्यान रखें । जिन संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर गडबड़ी की आशंका हो, वहाँ पर मतदान केन्द्रों के चारो तरफ बैरीकेटिंग आवश्यक रुप से करें ताकि मतदानाओं की भीड को नियंत्रित किया जा सके । ऐसे मतदान केन्द्र जिनके भवन बहुत छोटे हैं, पर भी सुचारु रुप से मतदान के लिए बैरिकेटिंग की जा सकती है । ऐसे मतदान केन्द्रों पर बैरिकेटिंग लोक निर्माण विभाग एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय करके करें । यह काम मतदान के दो दिन पूर्व सम्पन्न करें । उन्होंने निर्देश दिये कि मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग बिना किसी डर तथा दबाव के कर सके, इसका विशेष ध्यान रखें । इस हेतु खासकर ऐसे क्षेत्रों जहाँ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति तथा गरीब एवं कमजोर वर्ग के लोगों की संख्या अधिक है, पर विशेष ध्यान दें जिससे वहाँ लोगों को डरा धमका कर अथवा प्रलोभन देकर मत प्राप्त करने की कार्यवाही न हो सके । इस संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल ऐसे क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा प्रदान करते हुये तत्काल अवगत कराये ।
जुलूस तथा आम सभा की विनियमन और नियंत्रण
जिला निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) ने बताया कि निर्वाचन में विभिन्न प्रत्याशियों द्वारा जुलूसों और आम सभाओं का आयोजन किया जाता है । आदर्श आचरण संहिता व कानून व्यवस्था की दृष्टि से ऐसे जुलूस तथा आमसभा के आयोजन के पूर्व सक्षम प्राधिकारी जो कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक/अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) होंगे से पूर्व अनुमति ली जानी होगी । आवेदनों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक/अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), थाना प्रभारियों/चौकी प्रभारियों के समक्ष संबंधितों द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा । अनुमति की एक-एक प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ ही संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दंडाधिकारी/कार्यपालन दंडाधिकारी और थाना प्रभारी को भी दी जाये । जहाँ पर अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) का मुख्यालय नहीं है, वहाँ पर आवेदन पत्र संबंधित थाना प्रभारी/चौकी प्रभारी को प्रस्तुत किया जायेगा । अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) /थाना प्रभारी/चौकी प्रभारी यथास्थिति आवेदन पत्र प्राप्त होते ही उसके ऊपर आवेदक का नाम, समय तथा तिथि का इन्द्राज करेंगे । जुलूस तथा आम सभा के लिए अनुमति देते समय इस बात का ध्यान रखा जाये कि ऐसी अनुमति देने से उस क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति में बाधा तो उत्पन्न नहीं हो रही है । अनुमति देने हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों के लिये निर्धारित फार्म में एक पंजी का संधारण किया जाये। यदि एक ही दिन, एक ही साथ तथा एक ही स्थान पर एक से अधिक प्रत्याशी के द्वारा सभा करने या जुलूस निकालने की अनुमति चाही जाती है और ऐसे आवेदन पत्र एक ही समय प्रस्तुत होते हैं तो प्राधिकृत अधिकारी को चाहिये कि वे संबंधित आवेदकों को समक्ष में बुलाकर उन्हें समझाईश देकर समय एवं स्थान में परिवर्तन करायें ताकि समस्या का समाधान हो सके । ऐसी स्थिति में ऐसे प्रत्याशी / आवेदकों को अनुमति दी जाये जिसने सभा या जुलूस के लिए पहले आवेदन पत्र प्रस्तुत किया हो । आवेदन पत्र के ऊपर आवेदक का नाम, प्रस्तुत करने का समय तथा तिथि का स्पष्ट इन्द्राज रहने से कौन सा आवेदन पत्र पहले प्राप्त हुआ है, उसका निराकरण करने के लिए प्राधिकृत अधिकारी के दिमाग में कोई शंका नहीं रहेगी । जुलूस सभा आयोजित करने की अनुमति प्रात: 6 बजे के पूर्व तथा रात्रि 10 बजे के उपरान्त नहीं दी जाये । इसी प्रकार लाउड स्पीकर के उपयोग पर नियंत्रण रखने हेतु सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति प्राप्त किये बिना कोई भी व्यक्ति/अभ्यर्थी/निर्वाचन अभिकर्ता या कार्यकर्ता लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं कर सकता है । लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति देने हेतु अनुविभागीय अधिकारी/तहसीलदारों को उनके क्षेत्रों के लिए प्राधिकृत किया गया है । लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति वाहनों से प्रचार हेतु दी जायेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि वाहनों पर लाउडस्पीकर उपयोग करने की अनुमति देते समय प्राधिकृत अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिस वाहन द्वारा निर्वाचन संबंधी प्रचार-प्रसार के लिए अनुमति दी गई है, उस वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य विवरण जैसे जीप, टेम्पो, 407 इत्यादि की जानकारी की अनुज्ञा पत्र की प्रतिलिपि संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को दी जाये । लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति ग्रामीण क्षेत्रों में प्रात: 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही दी जाये । यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा बिना अनुमति प्राप्त किये या निर्धारित समय के बाहर लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाता है तो उस लाउडस्पीकर को तत्काल जप्त किया जाये।
चुनाव प्रचार में सरकारी वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध
जिला निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) ने बताया कि चुनाव घोषणा से लेकर चुनाव समाप्ति तक शासन एवं संस्थाओं के वाहनों के माध्यम से चुनाव प्रचार करना पूर्णत: प्रतिबंधित है। इसमें केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार, केन्द्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम, और संयुक्त क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकायों, नगर निगम एवं नगरपालिकाओं, विपणन बोर्ड (चाहे किसी भी नाम से), सहकारी समितियों, स्वतंत्र जिला पंचायत या अन्य किसी निकायों जिसमें सार्वजनिक धन का विनियोग किया गया हो, के वाहन शामिल है । वाहनों का तात्पर्य परिवहन के प्रयोजन के लिए आने वाले कोई भी वाहन चाहे वे यांत्रिकी शक्ति से चलित हो या अन्य शक्ति से और इसमें जीप, कार, ट्रक, लारी, टैम्पों, आटो रिक्शा एवं बस शामिल है । रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय के अधीन केन्द्रीय पुलिस संगठन और राज्य सरकारों के वाहन भी इसमें शामिल है । उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित शासन और संगठनों के स्वामित्व के किसी भी प्रकार के वाहनों यथा हैलीकाप्टर, वायुयान, कार, जीप, आटोमोबाईल, नाव और एयरक्राफ्ट आदि के प्रयोग पर पूर्णत: निषेध है । उन्होंने निर्देश दिये हैं कि यदि इन श्रेणी के वाहनों के दुरुपयोग का कोई भी प्रकरण सामने आता है तो तत्काल ही संबधित वाहनों को जप्त करें और इसकी सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी/जिला दंडाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक को दें । केवल प्रधानमंत्री और दूसरे राजनैतिक व्यक्त्वि इसके अपवाद होंगे जिन्हें आतंकवादी और उग्रवादी गतिविधियों ओर उनके जीवन के प्रति खतरे को देखते हुये ऊंचे दर्जे की सुरक्षा की आवश्यकता है और जिनकी सुरक्षा की अपेक्षायें सांसद या राज्य विधान मंडल द्वारा बनाये गये किसी संविधिक/उपबंध द्वारा शासित होती हैं । यह प्रतिबंध भारत के महामहिम राष्ट्रपति और महामहिम उप राष्ट्रपति पर लागू नहीं होंगे । निर्वाचन के भ्रमण प्रचार हेतु अधिक से अधिक तीन वाहनों से अधिक के काफिले को चलने की अनुमति नहीं है । तीन से अधिक वाहनों के काफिले को तोड दिया जाना चाहिये, परन्तु ये वाहन ऐसे निर्देशों के अध्यधीन रहेंगे अर्थात किसी व्यक्ति के वाहनों का काफिला तीन से अधिक नहीं होगा, परन्तु इसमें उस व्यक्ति की सुरक्षा हेतु लगे वाहन सम्मिलित नहीं रहेंगे । उन्होंने निर्देश दिये हैं कि निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ होने से समाप्ति तक वाहनों की सघन जाँच करें । यह जाँच जिला मुख्यालय, तहसील व विकासखंड मुख्यालय पर स्थित विभिन्न विभागों, नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों तथा सीमा पर स्थित बैरियर पर करें । आवश्यकता पडने पर नये बैरियर भी स्थापित करें तथा बैरियर के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों, हाट बाजार के दिनों या अन्य अवसरों पर जब वाहनों का आवागमन ज्यादा होता है पर वाहनों की सघन जाँच करें । मतदान के 7 दिन पूर्व से वाहनों की सघन जाँच का कार्य अत्यन्त मुस्तैदी से करें तथा वाहनों की जाँच के समय इस बात पर विशेष ध्यान दें कि वाहन के अन्दर संग्रहण हेतु अवैध रुप से शराब तो नहीं ले जाई जा रही है । विशेष रुप से मतदान के 2 दिन पूर्व शराब के विक्रय पर प्रतिबंध लग जाता है और मतदाताओं को प्रलोभन देने के लिए प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं को बांटने के लिए शराब आदि लाने का प्रयास किया जाता है । ऐसे में अवैध रुप से ले जाई जा रही शराब को जप्त करें । वाहनों में आग्नेय अस्त्र, लाठी, ज्वलनशील पदार्थ, धारदार शस्त्र, लाठी बल्लम आदि का परिवहन तो नहीं किया जा रहा है । यदि ऐसा हो तो उन्हें तत्काल जप्त किया जाकर संबंधितों के विरुद्ध कार्यवाही करें ।
मतदाताओं को वाहनों पर लाना, ले जाना प्रतिबंधित
जिला निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) ने बताया कि मतदान के दिन निर्वाचन कार्य के अतिरिक्त अन्य प्रयोजनों के लिए निजी वाहनों जो मालिक स्वयं के लिए या अपने परिवार के लिए मतदान केन्द्र में वोट डालने के लिए प्रयोग करता है, किन्तु मतदान केन्द्र के 200 मीटर के घेरे के भीतर कहीं भी नहीं, आवश्यक सेवाओं के लिए प्रयुक्त वाहन जैसे हास्पीटल वैन, एम्बुलेंस, दूध की गाडी, पानी टेंकरों, विद्युत संबंधी आपातकालीन सेवाओं के लिए वैन, ड¬ूटी पर तैनात कर्मचारी, निर्धारित टर्मिनल से और नियत समय पर चलने वाली बसें जैसे सार्वजनिक परिवहन, हवाई अड्डों, रेल्वे स्टेशनों अन्तर्राष्ट्रीय बस अड्डों, अस्पतालों के लिए टैक्सी, तिपहिया, स्कूटर, रिक्शे आदि और बीमार या अपंग व्यक्तियों के लिए प्रयोग किये जाने वाले प्रायवेट वाहनों को चलाने की अनुमति दी जा सकती है , किन्तु अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मतदान के दिन मतदाताओं को ढोने के लिए वाहनों का उपयोग नहीं हो । इसके लिए मतदान के दिन मतदान क्षेत्रों का नियमित रुप से भ्रमण करें और सभी चलने वाले वाहनों पर नियंत्रण रखें । यदि किसी वाहन को मतदाता को लाने ले जाने के कार्य में लिप्त देखा जाये तो उसे तत्काल जप्त करें । मतदान के दिन कमांड क्षेत्र के प्रत्येक अभ्यर्थी को पूरे कमांड क्षेत्र के लिए मतदान के दिन अपने स्वयं के उपयोग के लिए एक वाहन और कमांड क्षेत्र में अभ्यर्थी के निर्वाचन एजेंटों या उनके कार्यकर्ताओं के उपयोग के लिए प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक वाहन के उपयोग की अनुमति दी जायेगी । निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को अपने स्वयं के उपयोग के लिए एक वाहन तथा एजेंटों के उपयोग के लिए एक वाहन की छूट होगी, अर्थात कुल मिलाकर एक अभ्यर्थी द्वारा 02 वाहनों का उपयोग किया जा सकता है, परन्तु इन वाहनों का उपयोग अभ्यर्थी उसके निर्वाचन अभिकर्ता या उसके कार्यकर्ता द्वारा अपने स्वयं के लिए किया जायेगा । किसी भी स्थिति में मतदाताओं को लाने, ले जाने के लिए नहीं किया जायेगा । यदि ऐसे किसी वाहन को मतदाताओं को लाने ले जाने के कार्य में लिप्त होना पाया जाता है तो उसे तत्काल जप्त किया जायेगा । मतदान के दिन आवेदन करने पर अभ्यर्थी, उनके निर्वाचन एजेंट तथा उनके कार्यकर्ताओं के उपयोग के लिए दिये जाने वाले वाहनों के लिए एक निर्वाचन परमिट रिटर्निंग आफिसर द्वारा दिया जायेगा जिसे वाहन के शीशे पर लगाना होगा । उन्होंने निर्देश दिये हैं कि यदि कोई अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता बिना परमिट के वाहन का उपयोग करता है तो उसे जप्त करें । जिन वाहनों को निर्वाचन परमिट दिया जायेगा उसका रजिस्ट्रेशन नंबर व प्रकार से मतदान के दिन या एक दिन पूर्व अधिकारियों को अवगत कराया जायेगा, लेकिन किसी भी स्थिति में अभ्यर्थी या उसके अभिकर्ता द्वारा विधिवत अनुज्ञा प्राप्त वाहनों का उपयोग करते समय यदि उसमें अवैधानिक अस्त्र, शस्त्र, विस्फोटक पदार्थ, घातक हथियार या गुण्डा या असामाजिक तत्व को बैठाकर लोगों को भयभीत करने के उद्देश्य से प्रयोग करने का मामला प्रकाश में आता है तो ऐसे अनुज्ञा प्राप्त वाहनों को भी पुलिस अधिकारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट जप्त कर संबंधितों के खिलाफ दाण्डिक कार्यवाही करेंगे ।
मंत्रियों के दौरे पर व्यवस्था
जिला निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) ने बताया कि यदि कोई मंत्री निर्वाचन के काम के लिए ग्रामीण क्षेत्र में जाये तो शासकीय कर्मचारियों तथा अधिकारियों को उनके साथ नहीं जाना चाहिये । यदि मंत्रीगण द्वारा निर्वाचन के समय ग्रामीण क्षेत्र में आम सभा आयोजित की जाती है तो उसे निर्वाचन संबंधी सभा मानना चाहिये और उस पर कोई शासकीय व्यय नहीं होना चाहिये । निर्वाचन के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में किसी निर्माण कार्य या परियोजना के शिलान्यास या उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाना चाहिये । मंत्रीगण द्वारा जनसम्पर्क राशि में से कोई अनुदान स्वीकृत नहीं किया जाना चाहिये और न ही किसी सहायता या अनुदान का आश्वासन दिया जाना चाहिये । इसी प्रकार नगरपालिकाओं/ निगमों, सहकारी संस्थाओं एवं शासकीय उपक्रमों/ प्राधिकरणों/ निकायों के वाहनों के उपयोग की अनुमति विधान सभा सदस्यों, संसद सदस्यों अथवा उम्मीदवारों को नहीं दी जाना चाहिये ।
पोस्टर /पम्पलेट्स आदि के मुद्रण पर नियंत्रण
जिला निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) ने बताया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी निर्वाचन पेम्पलेट्स या पोस्टर को प्रकाशित या मुद्रित नहीं करेगा या मुद्रित या प्रकाशित नहीं करायेगा जिस पर उसके मुद्रक/प्रकाशक का नाम और पता नहीं दिया गया हो । उन्होंने निर्देश दिये हैं कि निर्वाचन के दौरान प्रत्याशी द्वारा निर्वाचन प्रचार-प्रसार हेतु पोस्टर/पेम्पलेट्स आदि पाये जाते हैं और उनका वितरण कराया जाता है, तो यह सुनिश्चित करें कि जो भी विज्ञापन पेम्पलेट्स/पोस्टर आदि का प्रत्याशी द्वारा निर्वाचन प्रचार प्रसार हेतु वितरण किया जा रहा है, उस पोस्टर, पेम्पलेट्स पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम है अथवा नहीं । यदि उस पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम नहीं है तो उन्हें जप्त करें एवं उसकी जांच कर कानून के प्रावधानों के अनुरुप कार्यवाही करें तथा अपने क्षेत्र में स्थित मुद्रकों/प्रकाशकों को भी यह हिदायत दें कि जब भी वे किसी निर्वाचन पेम्पलेट्स, पोस्टर का मुद्रण करें, तो उस पर मुद्रक/प्रकाशक का नाम अवश्य लिखें । यह स्थिति भी आ सकती हैं कि किन्हीं प्रत्याशी द्वारा स्थानीय प्रेस से पोस्टर, पेम्पलेट्स आदि न छपवाये जाकर किसी अन्य स्थान से पोस्टर, पेम्पलेट्स छपवाये जाये एवं उस पर मुद्रक/प्रकाशक का नाम नहीं हो । इसको रोकने के लिए आवश्यक है कि अपने क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले सभी वाहनों की सघन जांच नियमित रुप से करते रहें ताकि ऐसा कोई पोस्टर विज्ञापन आदि जिस पर मुद्रक /प्रकाशक का नाम नहीं है, वितरण हेतु लाया जा रहा हों, तो उसे जप्त किया जा सकें ।
विशाल कटआउट, पट्ट विज्ञापन,बैनर आदि पर नियंत्रण
जिला निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) ने बताया कि प्रत्याशी या अन्य संघ निकाय या व्यक्ति ऐसे प्रत्याशी से लिखित रुप से सामान्य या विशेष अधिकार प्राप्त किये बिना कोई कटआउट, पट्ट विज्ञापन, दीवार पेंटिंग, झण्डों, बैनरों, समाचार पत्रों में विज्ञापन इत्यादि नहीं लगवायेगा । प्रत्याशी , संगठन या व्यक्ति कोई कटआउट लगाने के पूर्व स्थानीय अधिकारियों जैसे नगरपालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, जनपद पंचायत इत्यादि से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करेगा । प्रत्याशी, संघ या निकाय या व्यक्ति द्वारा पूर्व में लिखित अनुमति के बिना किसी राष्ट्रीय राज्य मार्ग, किसी यातायात के चौराहें, सरकारी भवनों या संपत्ति जैसे बिजली या टेलीफोन के खम्बो आदि पर कोई कटआउट, विज्ञापन आदि नहीं लगायेगा और यदि किसी ने बिना प्राधिकार के लगाया है तो उसे लगाने वाले अभ्यर्थी की कीमत पर तत्काल हटाया जायेगा । उन्होंने निर्देश दिये कि अपने क्षेत्र में यह सुनिश्चित करें कि ऐसे सभी कटाआउट, बैनर जो सरकारी और गैर सरकारी स्थानों पर बिना अनुमति के लगाये गये हैं, उन्हें तत्काल हटाकर अपने क्षेत्र के अभ्यर्थी को भी हिदायत दें कि कोई कटआऊट, बैनर आदि सरकारी सम्पत्तियों पर नहीं लगाये । इस पर पूर्ण नियंत्रण हेतु यह आवश्यक है कि अधिकारी अपने क्षेत्र में व्यापक भ्रमण करें और सभी प्रत्याशियों को समझाईश दें ताकि आदर्श आचरण संहिता का पालन हो सके । उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी और कार्यकर्ता को बिना भवन स्वामी/भूमि स्वामी की लिखित अनुमति के किसी भी अभ्यर्थी या उनके समर्थकों को भवनों, दीवारों, भूमियों आदि में सूचनायें चिपकाने, नारे लिखने, प्रतीक इत्यादि के चिन्ह बनाकर विकृत करने का कोई अधिकार नहीं है । शासकीय भवनों एवं सम्पत्तियों जैसे राजपथ या सड़कों के किनारे या चौराहों या जनपथों के मील के पत्थर, रेल्वे क्रासिंग पर लगे हुये एहतियाती नोटिस बोर्ड, रेल्वे प्लेटफार्म की नाम पट्टियों, बस टर्मिनलों के मार्ग निर्देश संबंधी साईन बोर्ड या सर्व साधारण के लिए प्रदर्शित किये गये कोई भी नोटिस बोर्ड या साईन बोर्ड, टेलीफोन खम्बे, बिजली के खम्बे, तार, सार्वजनिक चौराहें आदि शामिल हैं, में न तो बैनर्स, पोस्टर्स, झण्डे या अन्य प्रचार सामग्री को टांग सकेंगे और न ही किसी भी प्रकार से प्रदर्शित कर सकेंगे, न ही इन स्थानों पर नारे, स्लोगन आदि लिखकर के इन स्थानों को विकृत करेंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश शासन ने सम्पत्ति विरुपण को रोकने के लिए सम्पत्ति विरुपण निवारण अधिनियम 1994 लागू किया है । सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में बिना भवन स्वामी की लिखित अनुमति प्राप्त किये किसी भी व्यक्ति, अभ्यर्थी या उसके कार्यकर्ता द्वारा उनके भवनों, दीवारों आदि पर निर्वाचन प्रचार के रुप में कुछ भी नहीं लिखा जाये । यदि भवन स्वामियों की सम्पत्तियों पर नारे आदि लिखे गये हैं, तो भवन स्वामियों से पूछताछ करें कि उनकी सम्पत्ति पर लिखे गये नारे उनकी सहमति से लिखे गये हैं या नहीं । यदि नहीं तो जाँच के उपरान्त सम्पत्ति विरुपण अधिनियम के अनुरुप कार्यवाही करें तथा नारों आदि को मिटाने की कार्यवाही भी करें । अपने क्षेत्र में स्थित सभी शासकीय कार्यालयों और अद्र्धशासकीय, स्थानीय निकायों के कार्यालयों के कार्यालय प्रमुखों को भी यह निर्देश देवें कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके कार्यालयों की दीवारों, अहातों आदि पर किसी भी राजनैतिक दल द्वारा निर्वाचन प्रचार के दौरान कोई नारे आदि नहीं लिखें जाये । यदि शासकीय अद्र्धशासकीय, स्थानीय निकायों की सम्पत्ति पर कोई नारे आदि लिखे हैं, तो उसकी जाँच करें एवं इन नारों को तत्काल संबंधित व्यक्ति के खर्चे पर मिटाने की कार्यवाही करें।
विश्राम गृहों का आरक्षण
जिला निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) ने बताया कि जिले में स्थित विश्रामगृहों के आरक्षण हेतु नगर दंडाधिकारी छिन्दवाड़ा तथा अनुविभागीय दंडाधिकारी/तहसीलदारों को अधिकृत किया गया है । इस संबंध में पृथक से निर्देश जारी किये गये हैं तथा विश्रामगृहों का आवंटन प्रथम आगमन प्रथम आवंटन के आधार पर बिना किसी भेदभाव के किया जायेगा । उन्होंने निर्देश दिये कि सभी अनुविभागीय दंडाधिकारी एवं तहसीलदार यह ध्यान रखें कि जिला मुख्यालय का मध्यप्रदेश विद्युत मंडल का अतिथि गृह निर्वाचन हेतु नियुक्त किये गये अधिकारियों के लिए आरक्षित रखा जाये । इसी प्रकार तहसील मुख्यालय पर एवं अन्य जगह पर स्थित रैस्ट हाउस का एक कमरा आवश्यक रुप से निर्वाचन हेतु आदेशित अधिकारियों के भ्रमण के समय ठहरने के लिए प्राथमिकता के आधार पर आरक्षित रहेगा ।
महत्वपूर्ण घटनाओं की वीडियोग्राफी
जिला निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) ने निर्देश दिये कि निर्वाचन के दौरान होने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं की वीडियोग्राफी करें और यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में निर्वाचन के दौरान घटित होने वाली महत्वपूर्ण/क्रिटिकल घटनाओं जैसे हिंसा, पथराव, सम्पत्तियों को बरबाद करना, बूथ कैप्चरिंग करना, मतदाताओं को धमकाना, प्रलोभन देना , मतदान केन्द्र के 100 मीटर के भीतर मत याचना करना, बडे-बडे कटआऊट का प्रदर्शन करना आदि की वीडियोग्राफी आवश्यक रुप से की जाये । साथ ही यदि क्षेत्र में कोई राष्ट्रीय स्तर/राज्य स्तर के नेता की आमसभा होती है, तो उसकी भी वीडियोग्राफी की जाये । जल उपभोक्ता संथा निर्वाचन के नोडल अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन सभाग को कितने और कब वीडियोग्राफी की आवश्यकता है, के संबंध में बताकर वीडियोग्राफर प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था की जा रही है कि प्रत्येक विकासखंड मुख्यालय पर एक वीडियोग्राफर उपलब्ध रहे । उन्होंने निर्देश दिये कि यह ध्यान देने योग्य बात है कि वीडियोग्राफर किसी राजनैतिक दल से संबद्ध नहीं हो और न ही किसी अभ्यर्थी का संबंधी हो। वीडियोग्राफी मौके पर उपलब्ध प्राधिकृत अधिकारी की उपस्थिति में उसके निर्देशानुसार की जाये ।
निर्वाचन में कार्यरत शासकीय सेवकों की निष्पक्षता
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (ज.उ.सं.नि.) ने निर्देश दिये कि निर्वाचन के दौरान ऐसे अधिकारी/कर्मचारी जिनकी ड¬ूटी निर्वाचन कार्य में लगाई गई है वे निष्पक्ष एवं निडर होकर अपने निर्वाचन संबंधी कर्तव्यों को करें तथा यह सुनिश्चित करें कि उनकी निष्वक्षता उनके कार्यकलापों से भी परिलक्षित हों । अपने क्षेत्र में इस बात पर भी निगरानी रखें कि कोई भी शासकीय कर्मचारी द्वारा किसी प्रत्याशी के चुनाव प्रचार प्रसार में भाग तो नहीं लिया जा रहा है। यदि कोई कर्मचारी राजनैतिक गतिविधियों में लिप्त है तो तत्काल इसकी जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय में दें । उन्होंने निर्देश दिये कि भ्रष्ट आचरण और निर्वाचन अपराधों के बारे में भारतीय दंड संहिता के अध्याय के उपबन्धों का भली भांति अध्ययन कर उनका विधिवत पालन सुनिश्चित कराये । साथ ही कार्यपालिक दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी आपस में सम्पर्क और सांमजस्य बनाकर रखें ताकि निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारु एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न किया जा सके। इन निर्देशों का तत्परतापूर्वक तथा कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें ।
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