जिला जन सम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा(म.प्र.)
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संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने तीन ग्रामों के
प्रगतिशील कृषकों से रु-ब-रु चर्चा की
उन्नत कृषि तकनीकी से खेती की सराहना
छिन्दवाड़ा 8 फरवरी 2012-जबलपुर संभाग के कमिश्नर डॉ. रवीन्द्र पस्तौर ने गत दिवस जिले के मोहखेड विकासखंड के ग्राम छिंदबोह और पांढुर्ना विकासखंड के ग्राम सिराठा और गोरलीखापा में प्रगतिशील कृषकों से रु-ब-रु चर्चा की और उनसे कृषि संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली तथा कृषकों द्वारा उन्नत कृषि तकनीकी अपनाकर की जा रही खेती की सराहना की । इस दौरान कलेक्टर डॉ. पवन कुमार शर्मा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री स्वाति मीणा, सहायक कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी, संबंधित क्षेत्र के राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री डी.आर.मोझरकर और अन्य अधिकारी भी आपके साथ थे ।
संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर सर्वप्रथम ग्राम छिंदबोह पहुंचे तथा उन्होंने नंदन फलोद्यान उपयोजना के अन्तर्गत 1.670 हेक्टेयर वन भूमि का वनाधिकार पट्टा प्राप्त कृषक श्री केशराम द्वारा लगाये गये संतरे के बगीचे का अवलोकन किया । उन्होंने मेढ़ बंधान का कार्य भी देखा तथा कृषक द्वारा की जा रही खेती की सराहना की । उन्होंने ग्राम के अन्य कृषकों से भी चर्चा कर कृषकों द्वारा बोई जा रही फसल, बीज की प्राप्ति और उपलब्धता, वनाधिकार पट्टा की प्राप्ति, महिला स्व-सहायता समूह, छात्रवृत्ति वितरण, गणवेश की राशि का वितरण, कपिलधारा कूप निर्माण आदि के संबंध में जानकारी ली । कृषकों ने बताया कि ग्राम के सभी पात्र व्यक्तियों को वनाधिकार पट्टा मिल गया है तथा अब कोई भी हितग्राही इस पट्टे के लिये शेष नहीं है । कृषकों को गेहूँ और धनिया के बीज मिले हैं जिसकी बोनी की जा चुकी है । एक कृषक ने बताया कि नंदन फलोद्यान उपयोजना में उसने 400 संतरा पौधे रोपे है जिसमें से 380 पौधे जीवित है । इन पौधों में छोटे फूल आये थे, इसलिये इस बार फसल न लेकर उसने फूल झडा दिये हैं । कृषकों ने बताया कि खरीददार खेतों में आकर फसल देखते हैं और उसे खरीद लेते हैं तथा पैसा देकर खुद ही फसल का परिवहन कर लेते हैं । ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम में एक महिला स्व-सहायता समूह पंजीकृत है जो मध्यान्ह भोजन का कार्य कर रहा है । शाला के सभी बच्चों को छात्रवृत्ति की राशि मिल गई है तथा गणवेश की राशि के चेक मिल गये हैं । ग्राम की राशन दुकान से राशन और मिट्टी तेल निर्धारित मात्रा में प्राप्त हो रहा है । ग्रामवासियों ने ग्राम से मुख्य मार्ग तक लगभग 2 कि.मी. मार्ग निर्माण के लिये कहा । इस पर कलेक्टर डॉ. शर्मा द्वारा मनरेगा से डब्ल्यू.बी.एम.रोड निर्माण का प्रस्ताव प्राप्त होने पर यह कार्य स्वीकृत करने क लिए आश्वस्त किया ।
ग्राम सिराठा में मिर्च फसल का अवलोकन
संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने ग्राम सिराठा में प्रगतिशील कृषक श्री गिरिधर लोनकर के खेत में लगी हरी मिर्च का अवलोकन किया और खेती से संबंधित जानकारी ली । कृषक श्री लोनकर ने बताया कि उन्होंने 4884 किस्म की मिर्च लगाई है । इस किस्म की मिर्च 18-19 सौ रुपये प्रति Ïक्वटल बिकती है तथा यह मिर्च 8 दिन तक अच्छी रहती है और टूटती नहीं है । फसल को नागपुर या छिन्दवाडा सब्जी मंडी में ले जाकर बेचते है । कृषक ने संतरे फसल की भी जानकारी दी । कृषक ने बताया कि फसल के लिये बाजार से बीज लेते हैं तथा खाद, बीज, फल उत्पादन की सहकारी समिति बनाई गई है । संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने कृषक की खेती की सराहना की ।
संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने किसानों को सलाह दी कि समिति के गठन के बाद अब बीज, खाद और दवाई के लायसेंस लें तथा किसानों से इन वस्तुओं की डिमांड प्राप्त कर संबंधित निर्माता कंपनियों से डीलरशिप ले लें जिससे ये वस्तुयें सीधे कम कीमत पर उनके गांव में आ जायेंगी और किसानों की लागत में कमी आयेगी । उन्होंने सलाह दी कि किसान अच्छी किस्म की अधिक मात्रा में एक जैसी फसल का उत्पादन ले जिससे उन्हें अधिक लाभ होगा । उन्होंने कृषकों से अन्य राज्यों में भ्रमण कर नई उन्नत कृषि तकनीकी का अवलोकन करने की सलाह भी दी तथा ग्रीन हाउस बनाकर उसका उपयोग करने के लिये कहा । उन्होंने सहायक संचालक उद्यान को निर्देश दिये कि एन.आर.एच.एम. और आत्मा परियोजना में कृषक भ्रमण के लिए उपलब्ध राशि का पूरा-पूरा उपयोग कर अधिक से अधिक कृषकों को भ्रमण करायें । उन्होंने महाराष्ट्र के जालना में सीड कंपनी द्वारा तैयार किये जा रहे सीड का अवलोकन करने के लिए भी कहा ।
ग्राम गोरलीखापा के ठाकरे कृषि फार्म की सराहना
संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने ग्राम गोरलीखापा में प्रगतिशील कृषक श्री दामोदर ठाकरे के ठाकरे कृषि फार्म का अवलोकन कर बंजर भूमि में ड्रिप सिंचाई द्वारा की जा रही तरबूज, टमाटर और पत्ता गोभी की खेती की सराहना की । कृषक श्री ठाकरे ने बताया कि वे पहले टेलरिंग करते थे तथा पिछले वर्ष उन्होंने 10 एकड़ भूमि खरीदी है । यह भूमि अत्यन्त बंजर है किन्तु महाराष्ट्र में प्रगतिशील कृषकों की खेती का भ्रमण कर देखने से उनमें एक नया आत्म विश्वास पैदा हुआ तथा उन्होंने ड्रिप सिंचाई द्वारा खेती का निर्णय लिया । कृषक ने बताया कि शुरु में भूमि में गेहूँ और सोयाबीन की फसल ली, इसके बाद इन्दौर से 80 हजार रुपये में ड्रिप सिंचाई का पूरा सिस्टम और पाईप आदि लेकर आये तथा जिले के उद्यानिकी और कृषि अधिकारियों से सम्पर्क में आने पर उनसे भी अनुदान पर ड्रिप सिंचाई के यंत्र और सामग्री लेने के साथ ही तकनीकी की जानकारी भी ली । ड्रिप सिंचाई से खेती करने पर गत वर्ष लगभग साढ़े पांच लाख रुपये की शुद्ध आय हुई है जिससे स्वयं का ट्रांसफार्मर भी लगवाया है । इस वर्ष पत्ता गोभी बेचने पर लगभग 3 लाख रुपये की आय हुई है एवं वर्तमान में लगभग 20 टन पत्ता गोभी खेत में उपलब्ध है । कृषक ने बताया कि वर्तमान मं अभिनव प्रयोग करते हुये तरबूज की ब्लैक मैजिक, अपूर्वा और अगस्ता किस्म एवं पत्ता गोभी की ग्रीन चैलेंजर किस्त तथा टमाटर की अच्छी किस्म लगाई गई है जिससे उन्होंने अच्छी आय प्राप्त होने की संभावना है । कृषक ने स्वयं द्वारा निर्मित कृषि के निंदाई-गुडाई के छोटे यंत्रों और विकसित की गई नर्सरी में टमाटर, तरबूज आदि के पौधों का अवलोकन भी कराया ।
संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने कृषक द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा सलाह दी कि कोकोपिट के माध्यम से पौधों के रोपे तैयार करें जिससे पौधों की जड़े नष्ट नहीं होंगी और रोपण के दौरान भी पौधे हरे-भरे बने रहेंगे । उन्होंने बताया कि कोकोपिट तैयार करने के लिए नारियल के बूच का बुरादा एक प्लास्टिक की ट्रे में रखें और इसमें बीजों की बुआई करें । अंकुरण के बाद बुरादा सहित पौधों को उठाकर उसका रोपण करें । अंडे रखने वाली ट्रे की तरह की प्लास्टिक की ट्रे का इस्तेमाल करें जिससे एक खांचे में एक पौधा तैयार हो तथा पौधा निकालने के बाद ट्रे का पुन: इस्तेमाल कर लें ।
क्रमांक 28/159/सोनवंशी/मस्के/
आयकर अधिनियम के टी.डी.एस. की जानकारी उपलब्ध करायें
छिन्दवाड़ा, 8 फरवरी 2012- जिला कोषालय अधिकारी श्री एस.के. धाण्डे ने जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को कहा है कि आयकर अधिनियम के टी.डी.एस.प्रावधानों के अनुपालन हेतु निर्धारित प्रपत्र में 15 फरवरी तक जानकारी जिला कोषालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें । उन्होंने बताया कि उक्त जानकारी संकलित कर आयकर विभाग को 17 फरवरी 2012 तक अनिवार्य रुप से प्रेषित की जाना है । निर्धारित प्रपत्र जिला कोषालय/उप कोषालयों के देयक काऊंटर से प्राप्त किया जा सकता है ।
क्रमांक 29/160/बीएम/मस्के/
कृषक उपज की लागत कम करके और अच्छी
गुणवत्ता की फसल से खेती को लाभ का धंधा बनायें
-- संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर
ग्राम तीगांव में संतरा क्रेता एवं विक्रेता मीट पर एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न छिन्दवाड़ा 8 फरवरी 2012-जबलपुर संभाग के कमिश्नर डॉ. रवीन्द्र पस्तौर ने कहा कि कृषक उपज की लागत कम करके और अच्छी गुणवत्ता की फसल तैयार करके खेती को लाभ का धंधा बना सकते हैं । कृषक खेती की उपज को बेचने की कठिनाई पर भी ध्यान दें तथा बाजार को भी समझे, तो अच्छी तरह से लाभ प्राप्त कर सकते हैं । इसके लिये कृषक म.प्र. स्वायत्त सहकारी अधिनियम के अन्तर्गत सोसायटी या कंपनी बनाकर एक जैसी फसल आधारित खेती को अपनाकर भी अपना समग्र विकास कर सकते हैं । डॉ. पस्तौर गत दिवस जिले के पांढुर्ना विकासखंड के ग्राम तीगांव के डोंगरगढ़ स्थित माँ जगदम्बा मंदिर प्रांगण में संतरा क्रेता एवं विक्रेता मीट पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे । इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री स्वाति मीणा, सहायक कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी आई.जी.खलखो, प्रगतिशील कृषक श्री मधुसूदन टोनपे, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नवोदिता ढोबले, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, पत्रकार तथा बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित थे ।
संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने कहा कि कृषक और कृषि आदान के बीच कई मध्यस्थ होते हैं जिससे कृषक को 100 रुपये में से सिर्फ 22 रुपये मिलते हैं और शेष राशि मध्यस्थों के बीच चली जाती है । उन्होंने सलाह दी कि कृषक फसल आधारित समिति या कंपनी बनाकर खाद, बीज, दवाई आदि की डीलरशिप लें और फसल को सीधे प्रसंस्करणकर्ता को बेचे जिससे फसल लागत कम आयेगी और प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य अधिक मिलेगा एवं किसान को लाभ होगा । उन्होंने सलाह दी कि कृषक प्रत्येक 30 किसान के ऊपर एक सर्विस प्रोवाईडर बनायें और खेत तैयार करने से लेकर विक्रय तक के कार्यो का प्रशिक्षण करायें । हर पंचायत में बीज उत्पादक समिति बनायें और एक जैसी फसल पद्धति अपनाकर अपनी जिंदगी को बदलें । उन्होंने विभिन्न उदाहरण देकर कृषकों को जलगांव, जालना और अन्य क्षेत्रों का भ्रमण करने की भी समझाईश दी जिससे प्रेरणा लेकर नई कृषि तकनीकी पर आधारित खेती कर कम लागत में अधिक उत्पादन ले सकें तथा खेती को लाभ का धंधा बना सकें । उन्होंने ग्राम तीगांव, रझाडीखापा, सिराठा और सिवनी की फल, फूल, साग-सब्जी उत्पादक स्वायत्त सहकारी समिति मर्यादित द्वारा प्रदर्शित फल, फूल, साग-सब्जी की प्रदर्शनी का अवलोकन कर कृषकों से उनके उत्पादों की जानकारी प्राप्त की तथा जैन इरीग्रेशन सिस्टम लि. द्वारा प्रदर्शित ड्रिप सिंचाई पद्धति का अवलोकन कर अन्य कृषकों को भी इस पद्धति को अपनाने की सलाह दी ।
कार्यक्रम में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री मीणा ने नंदन फलोद्यान उपयोजना की विस्तार से जानकारी देते हुये कृषकों से प्रोड¬ूसर कंपनी बनाने और जिले के बाहर अन्य राज्यों में भ्रमण कर नई कृषि तकनीक अपनाने का आव्हान किया । कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री जे.एस.गुर्जर और सहायक संचालक उद्यानिकी श्री डी.आर.मोझरकर ने विभागीय योजनाओं, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस.आर.धारपुरे ने तकनीकी प्रशिक्षण की आवश्यकता तथा जैन इरीग्रेशन सिस्टम लि. के श्री शशांक गिरडकर ने ड्रिप सिंचाई के संबंध में जानकारी दी । कार्यक्रम में संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर का शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर एवं पुष्पहारों से अभिनंदन किया गया । अन्य अतिथियों का भी पुष्पहारों से स्वागत किया गया । प्रगतिशील कृषक श्री मधुसूदन टोनपे ने अपनी पपीता खेती की विस्तार से जानकारी देते हुये अंत में आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी के केजुअल एनाउंसर श्री नरेन्द्र शक्रवार ने किया ।
क्रमांक 30/161/सोनवंशी/मस्के/
स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड़ भ्रमण करेंगे
छिन्दवाड़ा, 8 फरवरी 2012- प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड़ 9 फरवरी को प्रात: 9 बजे ग्राम परतापुर से प्रस्थान कर प्रात: 9.30 बजे ग्राम सायरा पहुंचेंगे तथा विकास यात्रा का शुभारंभ करेंगे । विकास यात्रा ग्राम बेरडी, खेडी, हिवरा होते हुये रझाडी बोरगांव पहुंचेगी । श्री मोहोड़ ग्राम रझाड़ी बोरगांव में रात्रि विश्राम करेंगे । श्री मोहोड़ 10 फरवरी को प्रात: 9 बजे ग्राम रझाडी बोरगांव से प्रस्थान कर प्रात: 9.30 बजे ग्राम संगम पहुंचेंगे । आप विकास यात्रा के साथ ग्राम कबरपिपला, पारडसिंगा, खैरीतायगांव होते हुये गोंडी वाडोना ग्राम पहुंचेंगे । श्री मोहोड़ गोंडी वाडोना में रात्रि विश्राम करेंगे ।
क्रमांक 31/162/बीएम/मस्के/
सैनिक सम्मेलन का आयोजन आज
छिन्दवाड़ा, 8 फरवरी 2012- भूतपूर्व सैनिकों का सम्मेलन 9 फरवरी 2012 को दोपहर एक बजे से सैनिक विश्राम भवन के सभाकक्ष में कर्नल राजा शेखर (सेवानिवृत्त) जिला सैनिक कल्याण अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित किया जायेगा जिसमें भूतपूर्व सैनिकों, उनकी विधवाओं एवं आश्रितों की समस्याओं का निराकरण किया जायेगा ।
क्रमांक 32/163/बीएम/मस्के/
संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर द्वारा
ग्राम तीगांव में पपीता की खेती का अवलोकन
छिन्दवाड़ा 8 फरवरी 2012-जबलपुर संभाग के कमिश्नर डॉ. रवीन्द्र पस्तौर ने गत दिवस जिले के पांढुर्ना विकासखंड के ग्राम तीगांव में प्रगतिशील कृषक श्री मधुसूदन टोनपे द्वारा आधुनिक कृषि तकनीकी पर आधारित पपीता खेती का अवलोकन किया तथा फसल उत्पादन और विक्रय गतिविधियों की जानकारी ली । उन्होंने कृषक को मिल रहे आर्थिक लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा उसकी खेती की सराहना की । इस दौरान क्षेत्रीय विधायक श्री रामराव कवडेती, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री स्वाति मीणा, सहायक कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी आई.जे.खलखो, उप संचालक कृषि श्री जे.एस.गुर्जर, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री डी.आर.मोझरकर, अन्य अधिकारी, प्रगतिशील कृषक श्री मधुसूदन टोनपे, अन्य कृषक, पत्रकार तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण भी आपके साथ थे ।
संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने कृषक श्री टोनपे के खेत में लगी पपीते की फसल का अवलोकन कर प्रसन्नता व्यक्त की । कृषक श्री टोनपे ने बताया कि उन्होंने पहले 6 एकड़ में पपीते की रेड लेडी 7-8-6 किस्म का उत्पादन लिया तथा इसकी सफलता मिलने पर और 4 एकड़ भूमि पर इस फसल का उत्पादन शुरु किया । कृषक ने बताया कि इस संतरा उत्पादक क्षेत्र में पपीता खेती का यह एक नया और अभिनव प्रयोग है जिसमें 9 लाख रुपये की लागत पर लगभग 32 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है । राष्ट्रीय राजमार्ग से खेत लगा होने से और यहाँ पर बिक्री स्टाल लगा देने से प्रतिदिन 10 से 12 हजार रुपये की आय भी हो रही है । कृषक ने बताया कि वह खेती में ड्रिप सिंचाई सिस्टम का प्रयोग करने से सफल रहा है तथा ड्रिप के माध्यम से ही इस फसल में लगने वाले वायरस को रिडोमिल दवा से नियंत्रित कर लिया गया है । संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने जिले के अन्य कृषकों को भी पपीता की इस अभिनव खेती का भ्रमण कराने की सलाह दी जिससे अन्य कृषक भी प्रेरणा ले सकें । इस अवसर पर कृषक श्री मधुसूदन टोनपे और अन्य कृषकों ने संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर और अन्य अतिथियों का शाल, श्रीफल और पुष्पहारों से अभिनंदन भी किया गया ।
क्रमांक 33/164/सोनवंशी/मस्के/
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