7 Feb 2012

NEWS 7 FEB 2012

जिला जन सम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा(म.प्र.)
समाचार

संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर द्वारा तहसील परासिया का निरीक्षण

              जबलपुर संभाग के कमिश्नर डॉ. रवीन्द्र पस्तौर ने गत दिवस जिले की परासिया तहसील का निरीक्षण किया। आपने तहसील में राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के न्यायालयों का निरीक्षण करने के साथ ही समाधान एक दिन और कम्प्यूटर कक्ष का भी अवलोकन किया । इस दौरान कलेक्टर डॉ. पवन कुमार शर्मा, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी श्री अनुराग सक्सेना, तहसीलदार श्री गोपाल सोनी और अन्य अधिकारी भी आपके साथ थे ।
              संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने तहसीलदार न्यायालय में वर्ष 2009-10 का एक प्रकरण निकलवाकर उसका अवलोकन किया तथा म.प्र. भू-राजस्व संहिता में हुये नये संशोधन की जानकारी लेते हुये संशोधन के अनुरुप की जा रही कार्यवाही की भी जानकारी ली ।  उन्होंने तहसील के खसरों के कम्प्यूटराइजेशन के संबंध में भी जानकारी प्रापत की । कलेक्टर डॉ. शर्मा ने राजस्व अनुविभागीय अधिकारी श्री सक्सेना को निर्देश दिये कि राजस्व अमले की बैठक लेकर उन्हें म.प्र. भू-राजस्व संहिता में हुये विभिन्न नये संशोधनों की जानकारी दें ।

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स्व-सहायता समूह अपने समूह का व्यवस्थित रुप से संचालन करें

 -- संभागीय कमिश्नर डॉ.पस्तौर

 स्व सहायता समूहों से रु-ब-रु चर्चा

               जबलपुर संभाग के कमिश्नर डॉ. रवीन्द्र पस्तौर ने कहा कि स्व सहायता समूह सुदृढ़ होकर अपने समूह का व्यवस्थित रुप से संचालन करें । इसके लिये अपने समूह के गठन के बाद सामाजिक और आर्थिक समानता तथा गतिविधि की समानता के आधार पर कार्य करें जिससे आय में बढ़ोत्तरी के साथ ही एक अच्छी और सुदृढ़ स्थिति में समूह आ सके । डॉ. पस्तौर गत दिवस जिले की जनपद पंचायत परासिया के सभाकक्ष में आयोजित स्व-सहायता समूहों से रु-ब-रु चर्चा कर रहे थे । इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. पवन कुमार शर्मा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री स्वाति मीणा, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी श्री अनुराग सक्सेना, तहसीलदार, श्री गोपाल सोनी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री श्रीवास्तव, मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री विनय शुक्ला, अन्य अधिकारी, जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती आशा सरोज उईके, पत्रकार तथा स्व-सहायता समूह के पदाधिकारी और सदस्य एवं प्रेरक उपस्थित थे ।
                  संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने बताया कि जिला पंचायत द्वारा प्रेरकों के लिये एक बड़ी और स्व-सहायता समूह के लिये एक छोटी पुस्तिका का प्रकाशन किया जा रहा है जो मार्च के प्रथम सप्ताह तक उपलब्ध होगी । समूह के लिये इस छोटी पुस्तिका में सात अवस्थाओं का विवरण रहेगा जिसका पालन करके समूह अपनी आय बढ़ा सकते हैं । उन्होंने समझाईश दी कि स्व-सहायता समूह अपने समूह का व्यवस्थित रुप से संचालन करें और अपना रिकार्ड अपने पास रखें । समूह की साप्ताहिक बैठक नियमित रुप से करें तथा इसके लिये दिन और समय भी तय करें । माइक्रो फायनेंस के अन्तर्गत अपना खुद का बैंक तैयार करें और बचत राशि से आपस में उधार देने का कार्य करें । उन्होंने समझाईश दी कि समूह की गतिविधि तय करें तथा अच्छी और एक जैसी गुणवत्ता की अधिक सामग्री को निर्माण और प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य रखें, तो इससे समूह की आमदनी बढ़ेगी । उन्होंने समझाईश दी कि जगार दल बनायें, प्रेरक के मार्गदर्शन में कार्य करें एवं बुककीपर और सर्विस प्रोवाईडर रखें । आडिटर से स्पेशल आडिट करायें और एक जैसी गणवेश पहने तथा कडी मेहनत करें तभी सफलता मिलेगी । उन्होंने प्रेरकों को निर्देश दिये कि स्व-सहायता समूह के गठन के बाद उनकी प्रथम और द्वितीय ग्रेडिंग करायें तथा उन्हें अच्छी गतिविधियों के लिये प्रेरित करें।
                 संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री श्रीवास्तव और मुख्य नगरपालिक अधिकारी श्री शुक्ला को निर्देश दिये कि स्व-सहायता समूह को बैंक से ऋण दिलायें तथा कोयला अंचल के नगरीय निकायों में सांची दूध की गुमठियाँ रखवाकर समूहों को व्यापार की नई गतिविधियों से जोड़े । इस दौरान भगवती महिला स्व-सहायता समूह, तुरसी स्व-सहायता समूह, ओम सांई स्व-सहायता समूह, सांईराम स्व-सहायता समूह, महिला शक्ति स्व-सहायता समूह, जागृति स्व-सहायता समूह और अन्य समूहों के पदाधिकारियों ने अपने समूह की गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी तथा प्रेरक श्री संतोष बाथरे, श्री साहू एवं श्रीमती फूलनदेवी अहिरवार ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।  संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने वाहन चालक प्रशिक्षण में प्रशिक्षु वाहन चालकों से भी रु-ब-रु चर्चा कर उन्हें अच्छी तरह से प्रशिक्षण प्राप्त कर वाहन चालन कर रोजगार से जुड़ने के निर्देश दिये। 
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