जिला जन सम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा(म.प्र.)
समाचार
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा स्वेच्छानुदान मद से जिले के
22 हितग्राहियों के उपचार और आर्थिक सहायता के लिए
10 लाख 18 हजार 905 रुपये की स्वीकृति प्रदाय
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने स्वेच्छानुदान मद से जारी वित्तीय वर्ष में जिले के 22 हितग्राहियों को किडनी में पथरी, किडनी रोग, एम.आर.आई., एनीमिया एवं बडी तिल्ली, बर्न कांनटेक्चुअल, रेटिना डिटेचमेंट, मानसिक रोग, ह्मदय रोग, स्पाइनल टूमर, कैंसर, कूल्हा बदलना, पैर के पंजे का आपरेशन, पैर में राड डालना और नी रिप्लेसमेंट, लीवर सिरोसिस, दुर्घटना में घायल होना, लूम्बा सेकरल स्पाईन, ब्रोन और अन्य रोगों के उपचार तथा पति की दुर्घटना में मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता के लिए 10 लाख 18 हजार 905 रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है । कलेक्टर डॉ. पवन कुमार शर्मा द्वारा यह राशि तहसीलदार हर्रई, छिन्दवाड़ा, तामिया, परासिया, पांढुर्ना, बिछुआ, चौरई, जुन्नारदेव और सौंसर को पुनरावंटित कर संबंधित हितग्राही की चिकित्सा संस्था और हितग्राही को राशि का भुगतान करने के निर्देश दिये गये हैं ।
कलेक्टर डॉ.शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा अपने स्वेच्छानुदान मद से जिले की हर्रई तहसील के ग्राम धनौरा के श्री भवानीलाल पिता बैसाकूलाल नागवंशी की किडनी में पथरी के उपचार के लिए केतकी नर्सिंग होम एंड यूरोलॉजी हास्पिटल नागपुर (महाराष्ट्र) को 20 हजार रुपये और ग्राम आंचलकुंड के श्री तुलसीराम पिता सुखराम यादव के पैर में राड डालने और नी रिप्लेसमेंट के लिये सिटी हास्पिटल जबलपुर को 1.50 लाख रुपये, छिन्दवाड़ा तहसील के छिन्दवाडा नगर के श्री ब्राजश तूमराम के पिता एवं जिला जनसम्पर्क कार्यालय के भृत्य श्री बलीराम तूमराम की किडनी के उपचार के लिये वोक्हार्ट हास्पिटल नागपुर (महाराष्ट)्र को एक लाख 92 हजार 905 रुपये, ग्राम कन्हरगांव के रामू पिता कलिराम साहू के कैंसर के उपचार के लिये संचालक मेट्रो हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर जबलपुर को 50 हजार रुपये, ग्राम बांडाबोह के श्री राजेन्द्र पिता परसू के दुर्घटना में घायल होने पर ईलाज के लिये 5 हजार रुपये, छिन्दवाडा नगर के श्री बशीलाल पिता बोधराज नारंग के लुम्बा सेकरल स्पाईन के उपचार के लिए 5 हजार रुपये और ग्राम खापाभाट की श्रीमती राजकुमारी को अपने पति स्व. श्री रग्धू पटेल की दुर्घटना में मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता के लिए 10 हजार रुपये तथा परासिया तहसील के ग्राम गुढी अम्बाडा के श्री नारायण पिता श्री सीताराम के स्पाईनल टूमर के उपचार के लिये स्योरटेक हास्पिटल नागपुर को 50 हजार रुपये और परासिया के श्री सुनील पिता किशोरीलाल राय के ह्मदय रोग के उपचार के लिये संचालक अरनेजा हार्ट इंस्टीट¬ूट नागपुर को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है ।
इसी प्रकार तामिया तहसील के ग्राम पाठई के श्री झलकन पिता खरगराम की एम.आर.आई. कराने के लिए अधिष्ठाता मेडीकल काजेल जबलपुर को 10 हजार रुपये, ग्राम हरकपुरा की श्रीमती अम्मा बाई पति तीरथप्रसाद की एनीमिया एवं बडी तिल्ली के उपचार के लिए अधिष्ठाता मेडिकल कालेज जबलपुर को 20 हजार रुपये, ग्राम चांवलपानी के मास्टर आयान पिता युसूफ खान के रेटिना डिटेचमेंट के लिए शंकर नेत्रालय चैन्नई को 25 हजार रुपये, ग्राम सागर की श्रीमती राशा बाई पति गुलबास के बर्न कांनटेक्चुअल के लिए अधिष्ठाता मेडिकल कालेज जबलपुर को 50 हजार रुपये, ग्राम बुड्डी राजगढ की श्रीमती मायाबाई पति जगदीश यादव के मानसिक रोग के उपचार के लिए अधिष्ठाता मेडीकल कालेज जबलपुर को 50 हजार रुपये, ग्राम खापाखुर्द के श्री सुखदयाल पिता बाबूलाल उईके के कूल्हा बदलने के लिए सिटी हास्पिटल जबलपुर को 81 हजार रुपये और ग्राम झिरपा के मास्टर शिवांग पिता चैनसिंह सराठे के पैर के पंजे के आपरेशन के लिए अधिष्ठाता मेडीकल काजेल जबलपुर को 20 हजार रुपये, पांढुर्ना तहसील के ग्राम मारुड के श्री अरुण कांडलकर को लीवर सिरोसिस के उपचार के लिए 5 हजार रुपये, बिछुआ तहसील के ग्राम सामरबोह की श्रीमती पुष्पाबाई को उसके पति स्व. श्री रामलखन पवार की कुयें में मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता के लिए 10 हजार रुपये और ग्राम उल्हावाडी के श्री हेमंत कुमार पिता ओमकार प्रसाद शर्मा को किडनी के उपचार के लिए 5 हजार रुपये, चौरई तहसील के ग्राम तितरी के श्री रुपलाल वर्मा को ब्रोन के उपचार के लिए 5 हजार रुपये, तहसील जुन्नारदेव के नगर दमुआ की श्रीमती जहूर बी. को उपचार के लिए 5 हजार रुपये तथा सौंसर तहसील के नगर सौंसर के वार्ड क्रमांक 2 के श्री सुधाकर कपाले की पत्नी श्रीमती गौरी कपाले के उपचार के लिए केयर हास्पिटल नागपुर को 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है ।
कलेक्टर डॉ.शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा अपने स्वेच्छानुदान मद से जिले की हर्रई तहसील के ग्राम धनौरा के श्री भवानीलाल पिता बैसाकूलाल नागवंशी की किडनी में पथरी के उपचार के लिए केतकी नर्सिंग होम एंड यूरोलॉजी हास्पिटल नागपुर (महाराष्ट्र) को 20 हजार रुपये और ग्राम आंचलकुंड के श्री तुलसीराम पिता सुखराम यादव के पैर में राड डालने और नी रिप्लेसमेंट के लिये सिटी हास्पिटल जबलपुर को 1.50 लाख रुपये, छिन्दवाड़ा तहसील के छिन्दवाडा नगर के श्री ब्राजश तूमराम के पिता एवं जिला जनसम्पर्क कार्यालय के भृत्य श्री बलीराम तूमराम की किडनी के उपचार के लिये वोक्हार्ट हास्पिटल नागपुर (महाराष्ट)्र को एक लाख 92 हजार 905 रुपये, ग्राम कन्हरगांव के रामू पिता कलिराम साहू के कैंसर के उपचार के लिये संचालक मेट्रो हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर जबलपुर को 50 हजार रुपये, ग्राम बांडाबोह के श्री राजेन्द्र पिता परसू के दुर्घटना में घायल होने पर ईलाज के लिये 5 हजार रुपये, छिन्दवाडा नगर के श्री बशीलाल पिता बोधराज नारंग के लुम्बा सेकरल स्पाईन के उपचार के लिए 5 हजार रुपये और ग्राम खापाभाट की श्रीमती राजकुमारी को अपने पति स्व. श्री रग्धू पटेल की दुर्घटना में मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता के लिए 10 हजार रुपये तथा परासिया तहसील के ग्राम गुढी अम्बाडा के श्री नारायण पिता श्री सीताराम के स्पाईनल टूमर के उपचार के लिये स्योरटेक हास्पिटल नागपुर को 50 हजार रुपये और परासिया के श्री सुनील पिता किशोरीलाल राय के ह्मदय रोग के उपचार के लिये संचालक अरनेजा हार्ट इंस्टीट¬ूट नागपुर को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है ।
इसी प्रकार तामिया तहसील के ग्राम पाठई के श्री झलकन पिता खरगराम की एम.आर.आई. कराने के लिए अधिष्ठाता मेडीकल काजेल जबलपुर को 10 हजार रुपये, ग्राम हरकपुरा की श्रीमती अम्मा बाई पति तीरथप्रसाद की एनीमिया एवं बडी तिल्ली के उपचार के लिए अधिष्ठाता मेडिकल कालेज जबलपुर को 20 हजार रुपये, ग्राम चांवलपानी के मास्टर आयान पिता युसूफ खान के रेटिना डिटेचमेंट के लिए शंकर नेत्रालय चैन्नई को 25 हजार रुपये, ग्राम सागर की श्रीमती राशा बाई पति गुलबास के बर्न कांनटेक्चुअल के लिए अधिष्ठाता मेडिकल कालेज जबलपुर को 50 हजार रुपये, ग्राम बुड्डी राजगढ की श्रीमती मायाबाई पति जगदीश यादव के मानसिक रोग के उपचार के लिए अधिष्ठाता मेडीकल कालेज जबलपुर को 50 हजार रुपये, ग्राम खापाखुर्द के श्री सुखदयाल पिता बाबूलाल उईके के कूल्हा बदलने के लिए सिटी हास्पिटल जबलपुर को 81 हजार रुपये और ग्राम झिरपा के मास्टर शिवांग पिता चैनसिंह सराठे के पैर के पंजे के आपरेशन के लिए अधिष्ठाता मेडीकल काजेल जबलपुर को 20 हजार रुपये, पांढुर्ना तहसील के ग्राम मारुड के श्री अरुण कांडलकर को लीवर सिरोसिस के उपचार के लिए 5 हजार रुपये, बिछुआ तहसील के ग्राम सामरबोह की श्रीमती पुष्पाबाई को उसके पति स्व. श्री रामलखन पवार की कुयें में मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता के लिए 10 हजार रुपये और ग्राम उल्हावाडी के श्री हेमंत कुमार पिता ओमकार प्रसाद शर्मा को किडनी के उपचार के लिए 5 हजार रुपये, चौरई तहसील के ग्राम तितरी के श्री रुपलाल वर्मा को ब्रोन के उपचार के लिए 5 हजार रुपये, तहसील जुन्नारदेव के नगर दमुआ की श्रीमती जहूर बी. को उपचार के लिए 5 हजार रुपये तथा सौंसर तहसील के नगर सौंसर के वार्ड क्रमांक 2 के श्री सुधाकर कपाले की पत्नी श्रीमती गौरी कपाले के उपचार के लिए केयर हास्पिटल नागपुर को 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है ।
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व्यापारियों को तौलन/मापन उपकरणों के
सत्यापन और मुद्रांकन के निर्देश
व्यापारियों को तौलन-मापन उपकरणों यथा कांटा, बांट, माप, मीटर, इलेक्ट्रानिक तौल यंत्र एवं मापन यंत्रों का नाप-तौल विभाग द्वारा निश्चित अन्तराल के बाद सत्यापन और मुद्रांकन किया जाता है । सत्यापन और मुद्रांकन की प्रक्रिया का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही मात्रा में उनके द्वारा मांगी गई सामग्री प्राप्त कराना है तथा उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कार्य है । इन उपकरणों / यंत्रों का सुधार कार्य व्यापारी किसी भी अनुज्ञप्तिधारक सुधारक से करवा सकते है जिसमें विभाग का काई हस्तक्षेत्र नहीं है।
निरीक्षक नाप तौल ने बताया कि विभाग द्वारा जारी अनुज्ञप्तियों के धारक नाप-तौल उपकरणों का सुधार कार्य करते है । साथ ही इलेक्ट्रानिक उपकरणों का केलीब्रोशन भी उनके ही द्वारा किया जाकर विभागीय कर्मचारियों के समक्ष सत्यापन के लिए प्रस्तुत किया जाता है । अनुज्ञप्तिधारी सुधारक व्यापारियों से सत्यापन का शुल्क और उपकरण के सुधार का पारिश्रमिक प्राप्त करता है । सत्यापन शुल्क विभाग को अग्रिम जमा कर उनके उपकरणों को सत्यापित/मुद्रांकित करवा कर व्यापारी को लौटाना अनुज्ञप्तिधारी सुधारक का दायित्व है । व्यापारी अपने उपकरणें/यंत्रों को किसी भी अनुज्ञप्तिधारी सुधाकर से सुधार सकते है । इसमें विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं है । यह व्यापारी और सुधारक के बीच की प्रक्रिया है। सुधार पारिश्रमिक निर्धारण का भी विभाग को कोई अधिकार नहीं है। यह व्यापारी और सुधारक की आपसी सहमति का विषय है । तोलन-मापन उपकरणों का विधिमान्यता तारीख के बाद उपयोग करना दंडनीय अपराध है ।
निरीक्षक नाप तौल ने बताया कि विभाग द्वारा जारी अनुज्ञप्तियों के धारक नाप-तौल उपकरणों का सुधार कार्य करते है । साथ ही इलेक्ट्रानिक उपकरणों का केलीब्रोशन भी उनके ही द्वारा किया जाकर विभागीय कर्मचारियों के समक्ष सत्यापन के लिए प्रस्तुत किया जाता है । अनुज्ञप्तिधारी सुधारक व्यापारियों से सत्यापन का शुल्क और उपकरण के सुधार का पारिश्रमिक प्राप्त करता है । सत्यापन शुल्क विभाग को अग्रिम जमा कर उनके उपकरणों को सत्यापित/मुद्रांकित करवा कर व्यापारी को लौटाना अनुज्ञप्तिधारी सुधारक का दायित्व है । व्यापारी अपने उपकरणें/यंत्रों को किसी भी अनुज्ञप्तिधारी सुधाकर से सुधार सकते है । इसमें विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं है । यह व्यापारी और सुधारक के बीच की प्रक्रिया है। सुधार पारिश्रमिक निर्धारण का भी विभाग को कोई अधिकार नहीं है। यह व्यापारी और सुधारक की आपसी सहमति का विषय है । तोलन-मापन उपकरणों का विधिमान्यता तारीख के बाद उपयोग करना दंडनीय अपराध है ।
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