जिला जनसम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा (म.प्र.)
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महिलाओं की सोच में परिवर्तन आया है
–केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री नाथ
केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री नाथ द्वारा छिन्दवाड़ा
में इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना का शुभारंभ
केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री कमलनाथ ने आज स्थानीय पोला ग्राउंड में इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना का मुख्य अतिथि के रुप में शुभारंभ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा तीरथ और प्रदेश की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती रंजना बघेल विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थी । कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सीताराम डेहरिया, विधायकगण सर्वश्री दीपक सक्सेना, मेरसिंह चौधरी और तेजीलाल सरेयाम, श्रीमती अर्चना जायसवाल, सुश्री मधु उईके और अन्य जनप्रतिनिधि, राष्ट्रीय जनसहयोग एवं बाल विकास संस्थान के संचालक डॉ. दिनेश पौल, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास श्री बी.आर.नायडू, कलेक्टर डॉ. पवन कुमार शर्मा और अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में महिलायें और जिले के नागरिकगण उपस्थित थे ।
केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री नाथ ने इस अवसर पर कहा कि देश की महिलाओं की सोच में, उनके नजरिये में परिवर्तन आया है तथा वे अपने अधिकारों के प्रति जागरुक हुई है । इसका प्रत्यक्ष उदाहरण इस मातृत्व सम्मेलन में बडी संख्या में उपस्थित महिलायें हैं । उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्रीमती इंदिरा गांधी और स्व. श्री राजीव गांधी ने संविधान में संशोधन करके महिलाओं के लिये आरक्षण की व्यवस्था को एक नई दिशा दी है जिससे वे विभिन्न क्षेत्रों में अपने अधिकार प्राप्त कर रही है । उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिये बहुत सी योजनायें संचालित की जा रही है किन्तु इन योजनाओं के सही क्रियान्वयन की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि आंगनवाडी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को बढ़ी हुई दर से निर्धारित मानदेय एरियर्स सहित मिलना चाहिये । उन्होंने कहा कि विगत 30 वर्षो में आम जन से विश्वास और प्यार का जो रिश्ता, संबंध बना है उससे हर क्षेत्र में विकास के आयाम स्थापित हुये हैं । उन्होंने प्रारंभ में दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती तीरथ ने इस अवसर पर कहा कि महिलायें शक्ति का आधार है तथा वे सशक्त होगी तो भावी पीढ़ी भी सशक्त होगी । इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और उसके बच्चे को सशक्त करना है तथा देश के 52 जिलों में यह योजना पायलट योजना के रुप में लागू की गई है जिसमें म.प्र. के छिन्दवाड़ा और सागर जिले शामिल हैं । उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा संचालित आंगनवाडी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को न केवल पौष्टिक आहार दिया जा रहा है, बल्कि बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा के साथ ही अन्य गतिविधियों से भी जोड़ा गया है। आंगनवाडी केन्द्रों से अनौपचारिक शिक्षा प्राप्त कर बच्चे सर्व शिक्षा अभियान से जुड़कर शिक्षित होंगे और देश के लिये सशक्त नागरिक बन सकेंगे । उन्होंने कहा कि आंगनवाडी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय अप्रैल से बढ़ा दिया गया है । उन्होंने प्रदेश की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती बघेल की मांग पर कहा कि राज्य से प्रस्ताव आने पर प्रदेश के 19 आदिवासी बहुल जिलों में इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना का लागू करने पर विचार किया जायेगा । उन्होंने विभाग की अन्य योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी देते हुये महिलाओं, किशोरियों और बच्चों से उनका लाभ लेने का आग्रह किया ।
प्रदेश की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती बघेल ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिये अनेक जनकल्याणकारी योजनायें संचालित की जा रही है । प्रदेश में लागू जननी सुरक्षा योजना और जननी एक्सप्रेस से जहाँ संस्थागत प्रसव अब 85 प्रतिशत हो रहा है, वहीं लाडली लक्ष्मी योजना से प्रदेश की सभी बच्चियाँ लाभान्वित हो रही हैं । पूरे प्रदेश में छिन्दवाडा जिला लाड़ली लक्ष्मी योजना में प्रथम स्थान पर है । इसी प्रकार मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना, गांव की बेटी योजना और विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं, नि:शुल्क साईकिल और गणवेश वितरण योजना आदि से महिलायें और बच्चियाँ लाभान्वित हो रही है । उन्होंने बताया कि प्रदेश के दो जिलों में पायलट योजना के अन्तर्गत संचालित की जाने वाली इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना का मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा 22 सितम्बर को सम्पन्न केबिनेट की बैठक में तत्काल स्वीकृति दी गई है तथा छिन्दवाडा जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस योजना को तत्परतापूर्वक लागू करने का सराहनीय प्रयास किया गया है । उन्होंने गर्भवती और धात्री महिलाओं एवं बच्चों की दृष्टि से जिले के 19 आदिवासी बहुल जिलों में भी इस योजना को लागू करने की अपेक्षा की । उन्होंने बताया कि छिन्दवाड़ा जिले की लगभग 15 लाख गर्भवती और धात्री मातायें आंगनवाडी केन्द्रों से लाभान्वित हो रही है। आंगनवाडी केन्द्रों से दी जा रही अनौपचारिक शिक्षा और अन्य संदर्भ सेवाओं से बच्चों, किशोरी बालिकाओं और महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है तथा पौष्टिक आहार से कुपोषण को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं । उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा बेटी बचाओं अभियान प्रारंभ किया गया है जिसके माध्यम से बेटियों को बचाकर लिंगानुपात को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है जिसकी पूरे देश में सराहना हुई है । उन्होंने अटल बाल आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री ह्मदय बाल उपचार योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि प्रदेश की सभी आंगनवाडी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बढ़ी हुई दर के मानदेय की राशि अप्रैल माह से एरियर्स सहित शीघ्र ही प्रदान की जायेगी ।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय जनसहयोग एवं बाल विकास संस्थान के संचालक श्री पौल ने स्वागत भाषण देते हुये बताया कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की दृष्टि से इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना प्रारंभ की गई है जिसमें तीन किश्तों में 4 हजार रुपये की अनुदान राशि महिलाओं को प्रदाय की जायेगी । उन्होंने बताया कि छिन्दवाड़ा जिले में अभी तक 33 हजार 699 महिलाओं को पंजीकृत किया गया है तथा 32 हजार 164 महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विकास के लिये यह कार्यक्रम एक मील का पत्थर साबित होगा । कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सीताराम डेहरिया, क्षेत्रीय विधायक श्री दीपक सक्सेना, जिला पंचायत सदस्य श्री जाफर खान, जनपद पंचायत परासिया की अध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी इवनाती, श्रीमती अर्चना जायसवाल, श्रीमती नजमा अहमद और श्रीमती बैजंतीबाई ने भी अपने विचार व्यक्त किये । कार्यक्रम में श्रीमती रेखा, श्रीमती मनीषाबाई, श्रीमती अनीताबाई, श्रीमती वैजंतीबाई, श्रीमती सरिताबाई, श्रीमती मीनाबाई और अन्य महिलाओं को प्रतीक स्वरुप योजना की प्रथम किश्त की राशि 1500 रुपये प्रदान की गई ।
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परासिया में ‘बेटियों की पाती अपने मामा के नाम’ का अभिनव कार्यक्रम आज
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