जिला जनसम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा(म.प्र.)
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सभी मिलकर वृक्षों को बचायें- वन मंत्री श्री सिंह
वन मंत्री श्री सिंह द्वारा बटकाखापा में तेन्दूपत्ता
संग्राहकों को 1.15 करोड़ रुपये का लाभांश वितरित
प्रदेश के वन मंत्री श्री सरताज सिंह ने कहा कि जिस प्रकार सागर मंथन से प्राप्त विष का पान करके भगवान शंकर ने देवताओं को अमृत उपलब्ध कराया थ, उसी प्रकार वर्तमान में वृक्ष वायुमंडल की विषैली गैस सोखकर मनुष्यों को प्राणवायु देते हैं। इन वृक्षों को सभी मिलकर बचायें जिससे हमें निरंतर शुद्ध प्राणवायु मिलती रहे । श्री सिंह गत दिवस जिले के दूरस्थ आदिवासी बहुल क्षेत्र के ग्राम बटकाखापा में तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक (लाभांश) के वितरण तथा आजीविका हितग्राही सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रुप में सम्बोधित कर रहे थे । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य सभा सदस्य सुश्री अनुसूईया उईके ने की तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सीताराम डेहरिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती केशर नेताम और श्री रमेश पोफली विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे । वन मंत्री श्री सिंह ने कार्यक्रम में 1.79 करोड़ रुपये में से लगभग 1.15 करोड़ रुपये की राशि तेन्दूपत्ता संग्राहकों को लाभांश राशि के रुप में वितरित की तथा वन आधारित विभिन्न आजीविकाओं से जुड़े वनवासियों का सम्मान भी किया ।
वन मंत्री श्री सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आदिवासियों और वनवासियों को शोषण और बिचौलियों से बचाने के लिये अचार, गुठली, लाख और साल बीज का समर्थन मूल्य निर्धारित कर दिया है तथा हर्रा, बहेड़ा, आँवला और महुआ का समर्थन मूल्य भी निर्धारित कर वनवासियों को इनका उचित दाम दिलाया जायेगा । उन्होंने वनोपज आधारित उद्योगों में रोजगार की संभावनाओं के मद्देनजर अधिकाधिक वनवासियों को आजीविका समूह से जोड़ने ओर उन्हें वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिये भी कहा । उन्होंने असामयिक मृत्यु होने पर 14 पीड़ित परिवारों को 3.50 लाख रुपये की बीमा राशि के चेक वितरित किये तथा वन आधारित आजीविका विकास में लगे व्यक्तियों एवं कोशा उत्पादन, रेशम धागाकरण, जैविक खाद निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों और स्वसहायता समूहों का शाल-श्रीफल से अभिनंदन किया । उन्होंने तेन्दूपत्ता संग्राहकों के प्रतिभावान छात्रों के सम्पूर्ण शैक्षणिक व्यय के लिये लागू एकलव्य शिक्षा योजना के अन्तर्गत चयनित 5 प्रतिभावान छात्रों को भी प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने 10 वन समितियों को वैवाहिक और अन्य समारोह के आयोजन में उपयोग के लिये बर्तनों का सेट तथा दूरस्थ अंचल चिलक, बालूसार, खमारपानी और कोसमघाट में पदस्थ बीट गार्डो को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वाटर फिल्टर प्रदाय किये। उन्होंने प्रारंभ में दीप प्रज्जवलित कर एवं सरस्वती पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये राज्यसभा सदस्य सुश्री उईके ने कहा कि प्रदेश सरकार वनवासियों और आदिवासियों के उत्थान और विकास के लिये कृत संकल्पित है तथा बहुत सी योजनायें संचालित कर रही है। उन्होंने वनवासियों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आव्हान किया । विशेष अतिथि श्री रमेश पोफली ने वन्य प्राणी और वनों की सुरक्षा का आव्हान करते हुये अपना गहन चिंतन प्रस्तुत किया तथा वृक्ष लगाने के लिये कहा । मुख्य वनसंरक्षक श्री पुष्कर सिंह ने बताया कि पूर्व वनमंडल जिला यूनियन में वर्ष 2010 में 30 हजार 655 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया तथा तेन्दूपत्ता की गुणवत्ता उत्कृष्ट होने से अच्छे दामों में तेन्दूपत्ते का विक्रय हुआ जिससे 12 समितियों में लाभांश के रुप में 1.79 करोड़ रुपये बोनस वितरण के लिये प्राप्त हुये हैं । उन्होंने वन आधारित आजीविका विकास की विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला । पूर्व वनमंडल की जिला यूनियन के अध्यक्ष श्री मूरत नायक ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को उनके उत्कृष्ट कार्य की बधाई देते हुये आगामी वर्षो में और अच्छी गुणवत्ता का तेन्दूपत्ता संग्रहित करने का आव्हान किया।कार्यक्रम का संचालन अपर वनमंडलाधिकारी श्री एस.के. तिवारी और आभार प्रदर्शन पूर्व वनमंडलाधिकारी श्री अशोक कुमार ने किया । कार्यक्रम के आयोजन में पूर्व जिला यूनियन के उप प्रबंध संचालक श्री ए.के. हनवते, उपवनमंडलाधिकारी श्री बी.के. कांकरिया और श्री व्ही.सी. मेश्राम एवं वन परिक्षेत्राधिकारी श्री धीरज सिंह चौहान ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सराहनीय कार्य किया । इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पत्रकार, आजीविका समूहों के वनवासी और आदिवासी, तेन्दूपत्ता संग्राहक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे ।
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