जिला जनसम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा(म.प्र.)
समाचार
समाचार
संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर द्वारा
तहसील कार्यालय सहित दो केन्द्रों का निरीक्षण
जबलपुर संभाग के कमिश्नर डॉ. रवीन्द्र पस्तौर ने आज जिला मुख्यालय स्थित तहसील कार्यालय, फुटवियर डिजाईन एवं प्रशिक्षण केन्द्र तथा एन.आई.आई.टी. केन्द्र का निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. पवन कुमार शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री स्वाति मीणा, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी डॉ. के.डी. त्रिपाठी, तहसीलदार श्री महेश अग्रवाल और अन्य अधिकारी भी आपके साथ थे ।
संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने तहसील कार्यालय में समाधान केन्द्र, तहसीलदार कार्यालय, नायब तहसीलदार कार्यालय, अभिलेखागार, कानूनगो और अन्य शाखाओं का निरीक्षण किया । उन्होंने निर्देश दिये कि वर्ष 2010-11 तक के सभी राजस्व अभिलेख अभिलेखागार में जमा करें तथा अभिलेख जमा नहीं करने वाले पटवारियों के वेतन रोकने की कार्यवाही करें । उन्होंने तहसीलदार न्यायालय के राजस्व प्रकरणों के अभिलेखों का अवलोकन किया तथा 4 साल से लंबित एक प्रकरण में स्थल निरीक्षण कर आवेदक के खाते में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिये । उन्होंने तामीली प्रक्रिया की जानकारी ली तथा फोटोयुक्त मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के लिये प्राप्त आवेदनों के निराकरण संबंधी जानकारी ली । उन्होंने निर्देश दिये कि तहसीलदार न्यायालय के पुराने प्रकरणों की सूची बनाकर उसे कार्यालय में चस्पा करें तथा इन सूची में दर्ज प्रकरणों का एक तिथि निश्चित कर निर्धारित तिथि तक इन प्रकरणों को निराकृत करें । उन्होंने सिवाय आय के अभिलेखों का अवलोकन कर नीलामी और आय संबंधी जानकारी पटवारी के माध्यम से अपग्रेड कराने के निर्देश दिये । उन्होंने राजस्व संबंधी भाग एक, दो, तीन और चार के संबंध में पटवारियों का प्रशिक्षण कराने के निर्देश भी दिये ।
फुटवियर डिजाईन एवं प्रशिक्षण केन्द्र का निरीक्षण
संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने इमलीखेड़ा स्थित फुटवियर डिजाईन एवं प्रशिक्षण केन्द्र का निरीक्षण किया । उन्होंने फुटवियर की उत्पादन प्रक्रिया, डिजाईन, प्रशिक्षण, फीस, मार्केटिंग आदि की जानकारी प्राप्त की । केन्द्र के प्रभारी अधिकारी श्री टी.निरंजन ने बताया कि केन्द्र में डिजाईन निर्माण, उत्पादन प्रक्रिया और जूता निर्माण, उपयोग की जाने वाली सामग्री, चमड़ा आदि के संबंध में जानकारी दी तथा केन्द्र में उपलब्ध मशीनों का अवलोकन कराया । उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण सत्र सितम्बर से शुरु होता है तथा पूरे पाठ¬क्रम का शुल्क लगभग 4 लाख रुपये है जिसमें आवास व्यय शामिल नहीं है । संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर को इस दौरान कलेक्टर डॉ.शर्मा ने जानकारी दी कि फुटवियर केन्द्र के दाहिनी ओर अपैरल ट्रेनिग सेंटर को भूमि आवंटित की गई है तथा इस सेंटर का भवन निर्माण का कार्य जारी है । इसी सेंटर के पास केन्द्रीय विद्यालय-2 को भी भूमि आवंटित की गई है । उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र को ऐजूकेशन हब के रुप में विकसित करने पर विचार किया जा रहा है ।
एन.आई.आई.टी. केन्द्र का निरीक्षण
संभागीय कमिश्नर डॉ. पस्तौर ने एन.आई.आई.टी. के डिस्ट्रिक्ट लर्निंग केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केन्द्र में उपलब्ध इन्फ्रास्ट्रक्चर, रीडिंग रुम, नेटवर्क लैब, रिक्रियेशन रुम के अवलोकन के साथ ही उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली । उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग की रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण योजना के अन्तर्गत बी.पी.एल. के हितग्राहियों को 100 प्रतिशत प्लेसमेंट पर प्रशिक्षण देने के लिए एग्रीमेंट करके कार्य करने के लिए कहा जिस पर केन्द्र की ग्रुप लीडर सुश्री आराधना शर्मा ने सहमति व्यक्त कर शीघ्र ही सभी औपचारिकतायें पूरी करने के लिए आश्वस्त किया। सुश्री शर्मा ने बताया कि केन्द्र में हायर सेकेण्डरी उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रवेश देते हैं तथा उनके लिये अंग्रेजी शिक्षण की विशेष कक्षायें प्रारंभ की गई है जिससे वे अच्छी तरह प्रशिक्षित हो सके । उन्होंने केन्द्र के सभी कक्षों का अवलोकन भी कराया ।
-----------------
एक बच्ची के संबंध में दावे/आपत्ति आमंत्रित
मध्यप्रदेश किशोर न्याय (बालको कें संरक्षण) नियम 2003 78 के प्रावधानो के अन्तर्गत एक बच्ची के संबंध में दावे/आपत्ति आमंत्रित किये गये हैं। आपत्तिकर्ता/दावाकर्ता किशोर न्याय बोर्ड/बाल कल्याण समिति के स्थानीय सांई मंदिर रोड बड़बन स्थित कार्यालय में सोमवार और गुरुवार को कार्यालयीन समय प्रात: 11 से शाम 5 बजे तक दावे/आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं ।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुश्री स्वर्णिमा शुक्ला ने बताया कि जिले के थाना चांद के ग्राम परसगांव की दाई 40 वर्षीय श्रीमती छोटी बाई पति दयालाल चन्द्राकर को तीन माह पूर्व किसी अज्ञात महिला (अनाथ बच्ची की माँ) ने एक बच्ची यह कहते हुये देकर चली गई कि वह अभी वापस आकर उसे ले जायेंगी, लेकिन उसके बाद वह महिला उस बच्ची को लेने नहीं आई । दाई श्रीमती छोटी बाई द्वारा इसकी सूचना दी गई जिसके आधार पर उक्त महिला की तलाश की गइ, लेकिन उसका पता नहीं चल सका, इसलिये उस बालिका को कार्यालय नगर निरीक्षक थाना चांद द्वारा मातृछाया सेवाभारती जबलपुर भेज दिया गया है । उन्होंने कहा है कि इस बच्ची के संबंध में किसी को कोई आपत्ति हो तो वे दे सकते हैं ।
------------------------
दो समितियों के पुनगर्ठन के लिए अशासकीय चिकित्सकों
और अशासकीय सदस्यों से बायोडाटा आमंत्रित
किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2000 के अन्तर्गत गठित किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति का पुनगर्ठन किया जायेगा तथा किशोर न्याय बोर्ड में दो अशासकीय चिकित्सकों और बाल कल्याण समिति में दो अशासकीय सदस्य नियुक्त किये जायेंगे । इस संबंध में अशासकीय चिकित्सकों और अशासकीय सदस्यों से समाचार जारी होने की तिथि से एक सप्ताह के भीतर बायोडाटा आमंत्रित किये गये हैं । इच्छुक व्यक्ति अपना बायोडाटा निर्धारित तिथि तक दे सकते हैं ।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुश्री स्वर्णिमा शुक्ला ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड हेतु अर्हताओं के अन्तर्गत बोर्ड के सदस्य के रुप में नियुक्त किया जाने वाला सामाजिक कार्यकर्ता ऐसा व्यक्ति होगा, जो बाल अधिकारों संबंधी विषयों से संबंधित, स्वास्थ्य शिक्षा या अन्य कल्याणकारी कार्यकलापों की योजना, क्रियान्वयन तथा प्रशासन में कम से कम पांच वर्षो से सक्रिय रुप से लगा हो, किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक हो, कोई शिक्षक, कोई चिकित्सक, सेवानिवृत्त लोक सेवक या कोई व्यवसायी जो किशोरों से संबंधित कार्य में लगा हुआ हो या कोई सामाजिक कार्यकर्ता जो बाल कल्याण में प्रत्यक्ष रुप से संलग्न हो, पात्र होगा । इस बोर्ड में विधि व्यवसाय करने वाले वकील को बोर्ड का अध्यक्ष या सदस्य नियुक्त नहीं किया जायेगा । इसी प्रकार बाल कल्याण समिति हेतु अर्हताओं के अन्तर्गत बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष/सदस्य के रुप में चयनित होने वाले व्यक्ति के पास अपने क्षेत्र में पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिये । साथ ही वह किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक,सामाजिक कार्य, बाल मनोविज्ञान, शिक्षा, समाजशास्त्र या गृह विज्ञान के विशेष ज्ञान की पृष्ठभूमि वाला प्रतिष्ठित, सुशिक्षित नागरिक, कोई शिक्षक या चिकित्सक अथवा वरिष्ठ सेवानिवृत्त लोक सेवक जो बाल कल्याण से संबंधित कार्य में लगा हो या कोई ख्याति प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता जो बाल अधिकारों के कार्य में प्रत्यक्षत: लगा हो, पात्र होगा । इस समिति में कोई विधि व्यवसायी वकील नियुक्त नहीं किया जायेगा । आवेदन हेतु निर्धारित फार्म कार्यालय से कार्यालयीन समय में प्राप्त किये जा सकते हैं।
--------------------
जिला चिकित्सालय के प्रसूति वार्ड में पोषण
आहार संबंधी डी.वी.डी. का प्रसारण होगा
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री स्वर्णिमा शुक्ला ने बताया कि जिला चिकित्सालय के प्रसूति वार्ड में बच्चों एवं महिलाओं के पोषण आहार एवं स्वास्थ्य संबंधी डी.वी.डी. का प्रसारण कराया जायेगा । इस संबंध में सिविल सर्जन सह अधीक्षक को एक डी.वी.डी. उपलब्ध कराई गई है । इस डी.वी.डी. का जिला चिकित्सालय के प्रसूति वार्ड के टी.वी. में प्रसारण करवाने से वार्ड में दाखिल महिलायें इस फिल्म को देखकर बच्चों एवं स्वयं के पोषण से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगी ।
-----------------
अत्याचार से पीडित 13 हितग्राहियों को
2 लाख 87 हजार 500 रुपये की राहत राशि स्वीकृत
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री बृजेशचन्द्र पाण्डेय ने बताया कि अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत गठित जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा पर आकस्मिकता योजना नियम 1995 के अन्तर्गत अत्याचार से पीडित 13 हितग्राहियों को 2 लाख 87 हजार 500 रुपये की राहत राशि स्वीकृत की गई है । इसमें अनुसूचित जाति के 3 हितग्राहियों की 37 हजार 500 रुपये और अनुसूचित जनजाति के 10 हितग्राहियों की 2.50 लाख रुपये की राहत राशि शामिल हैं ।
-----------------
दो योजनाओं में मजदूरों के पंजीयन हेतु परासिया में
विशेष शिविर का आयोजन एक दिसम्बर को
जिले की जनपद पंचायत परासिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री श्रीवास्तव ने बताया कि आगामी एक दिसम्बर को दोपहर 12 बजे से जनपद पंचायत कार्यालय में मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना 2007 तथा म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल योजनाओं के तहत असंगठित मजदूर परिवारों के पंजीयन हेतु जनपद पंचायत स्तर पर विशेष शिविर का आयोजन किया गया है । इस शिविर में ऐसे परिवार के मुखिया (महिला अथवा पुरुष) जो वित्त वर्ष के दौरान कम से कम 90 दिन भवन एवं अन्य सदृश्य निर्माण कार्य में संलग्न रहते हो, का पंजीयन भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजना के तहत किया जायेगा । इसी प्रकार ऐसे परिवार के मुखिया (महिला अथवा पुरुष) जिनके पास स्वयं के अथवा पिता/पति/पत्नी अथवा पुत्र के नाम से असिंचित एक हेक्टेयर तथा सिंचित आधा हेक्टेयर कृषि भूमि है, परन्तु उनकी आजीविका का साधन कृषि आधारित मजदूरी ही है, का पंजीयन मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना के तहत किया जायेगा । उन्होंने जनपद पंचायत की सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों को निर्देशित किया है कि पंजीयन हेतु पात्र हितग्राहियों को शिविर में उपस्थित होने हेतु मुनादी कराकर जानकारी दें तथा पूर्व में जिन परिवारों का पंजीयन किया है उनकी सूची पंचायत समन्वयक अधिकारी को अनिवार्यत: उपलब्ध करायें ।
----------------
No comments:
Post a Comment