25 Nov 2011

News 25 Nove 2011

जिला जनसम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा(म.प्र.)
समाचार
 
प्रतिस्पर्धा में हारने वाले निरंतर जीतने का प्रयास करें
 --मुख्य अतिथि श्री मोहोड़

स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री मोहोड़ द्वारा 57 वीं राज्य स्तरीय
शालेय खो-खो प्रतियोगिता के समापन समारोह में पुरस्कार वितरित
 
                  प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड़ ने कहा कि आज का युग विज्ञान और प्रतिस्पर्धा का युग है तथा इस प्रतिस्पर्धा में हारने वालों को निरंतर जीतने का प्रयास करना चाहिये । प्रदेश सरकार ने खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के साथ ही बजट की व्यवस्था भी की है जिससे खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ा है । इस खेल स्पर्धा में खिलाड़ियों को जो प्रोत्साहन मिला है उससे उनमें एक नये उत्साह और जोश का संचार हुआ है तथा आयोजकों द्वारा की गई व्यवस्था सराहनीय है । श्री मोहोड़ आज जिले के सौंसर विकासखंड मुख्यालय पर संकल्प विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक  विद्यालय प्रांगण में आयोजित 57 वीं राज्य स्तरीय शालेय खो-खो प्रतियोगिता के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह को मुख्य अतिथि के रुप में सम्बोधित कर रहे थे । कार्यक्रम की अध्यक्षता दीनदयाल अन्त्योदय समिति अध्यक्ष श्री बलवंत अप्पाजी ठोमरे ने की तथा श्री नरेन्द्र परमार विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे ।
                   मुख्य अतिथि एवं स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री मोहोड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 8 सालों में खेल गतिविधियों को जो प्रोत्साहन दिया है, वह सराहनीय है तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों से अब यह प्रदेश पिछड़े राज्यों की श्रेणी से बाहर निकलकर अग्रिम पंक्ति में पहुंच रहा है । उन्होंने बताया कि इस राज्य स्तरीय आयोजन को सागर जिले के बीना में किया जाना था, किन्तु प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चौहान और शिक्षा मंत्री श्रीमती चिटनीस से चर्चा करने पर उन्होंने इस क्षेत्र को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन की सौगात दी है । उन्होंने राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता भी इस क्षेत्र में कराने के लिए आम जन से सहयोग का आव्हान किया । उन्होंने संकल्प विद्या मंदिर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण के लिए विधायक निधि से ढ़ाई लाख रुपये देने की घोषणा भी की । उन्होंने जबलपुर, ग्वालियर, नर्मदापुरम्, रीवा, आदिवासी विकास, उज्जैन, शहडोल, भोपाल, इन्दौर और सागर के जनरल मैनेजरों को अपनी टीम के खिलाड़ियों के लिए प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह तथा विजेता और उप विजेता टीमों को शील्ड देकर पुरस्कृत किया ।साथ ही इन टीमों को अपनी ओर से व्यक्तिगत पुरस्कार भी प्रदान किये । उन्होंने खेल ध्वज का अवतरण किया और प्रतियोगिता के समापन की विधिवत घोषणा की ।
                        कार्यक्रम में विशेष अतिथि श्री नरेन्द्र परमार ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों और खिलाड़ियों के लिए बहुत सी जनकल्याणकारी योजनायें संचालित की जा रही है जिसका लाभ विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को मिल रहा है । उन्होंने इस क्षेत्र में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के आयोजन का श्रेय प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री मोहोड़ को देते हुये कहा कि इस आयोजन से सौंसर क्षेत्र के साथ ही छिन्दवाडा जिले का भी गौरव बढ़ा हे । उन्होंने कहा कि हमें जीतने वालों से अधिक हारने वाले खिलाड़ियों को बधाई देना चाहिये क्योंकि प्रतिद्वंद्विता में यदि वे हारते नहीं तो उनका प्रतिद्वंदी कैसे जीतता । उन्होंने सभी से मुख्यमंत्री श्री चौहान के स्वर्णिम म.प्र. निर्माण के संकल्प को पूरा करने में सहयोग का आव्हान भी किया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री कोषे ने प्रतियोगिता का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुये बताया कि प्रतियोगिता में 10 संभााग की ए और बी पूलों की टीमों ने पूल मैच, सेमीफाईनल, हार्डलाईन तृतीय स्थान का मैच और फाईनल मैच सहित 64 मैच खेले गये । फाईनल मैचों में बालक वर्ग में 14 वर्ष आयु वर्ग में आदिवासी विकास संभाग विजेता और जबलपुर संभाग उपविजेता, 17 वर्ष आयु वर्ग में इन्दौर संभाग विजेता और जबलपुर संभाग उप विजेता एवं 19 वर्ष आयु वर्ग में जबलपुर संभाग विजेता और इन्दौर संभाग उप विजेता तथा बालिका वर्ग में 14 वर्ष आयु वर्ग में जबलपुर संभाग विजेता और भोपाल संभाग उप विजेता, 17 वर्ष आयु वर्ग में इन्दौर संभाग विजेता और जबलपुर संभाग उपविजेता एवं 19 वर्ष आयु वर्ग में इन्दौर संभाग विजेता और ग्वालियर संभाग उपविजेता रहे ।  जिला शिक्षा अधिकारी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किये और पुष्पमालाओं से अभिनंदन भी किया ।
                         कार्यक्रम के प्रारंभ में संकल्प विद्या मंदिर की छात्राओं ने स्वागत गीत और सामूहिक कत्थक नृत्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाम की छात्राओं ने शैला नृत्य, प्रभावती मानेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने बेटी बचाओ अभियान, सर्व शिक्षा अभियान और समग्र स्वच्छता अभियान पर केन्द्रित नृत्य एवं भंसाली विद्या मंदिर की छात्राओं द्वारा महिला सशक्तिकरण पर केन्द्रित नृत्य नाटिका की रंगारंग सराहनीय प्रस्तुतियाँ दी गई ।  सभी 10 संभाग के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट कर अतिथियों को सलामी दी । कार्यक्रम का संचालन श्री राकेश चौरसिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रीति आशिका ने तथा आभार प्रदर्शन संकल्प विद्या मंदिर के प्राचार्य श्री राजेन्द्र नीमकर ने किया । जिला क्रीडा अधिकारी श्री एच.एस.झिरवार ने मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजावतरण और हस्तांतरण की कार्यवाही सम्पन्न कराई । इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री संजय निंबुलकर,सर्वश्री राजेन्द्र भक्ते, नरेन्द्र गुरुजी, श्याम वर्मा, मदन साहू, राजू पवार और अन्य जनप्रतिनिधि, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी श्री रमेश कुमरे, जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र श्री जी.एस.बघेल, मुख्य नगरपालिका अधिकारी डॉ. रवि खरे और अन्य अधिकारीगण, पत्रकार, प्राचार्यगण, शिक्षक-शिक्षिकायें, सभी संभागों के लगभग 750 खिलाडी और लगभग 100 प्रशिक्षक, छात्र-छात्रायें तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे । प्रतियोगिता के सफल संचालन में श्रीमती आशा माहुले, श्रीमती सरला सुक्का, श्रीमती रुक्मणी माहोरे, सर्वश्री सी.एल.सोनी, रविन्द्र भांगे, डी.एस.परतेती, गजानन पाटिल, आनंद साहू, जयेश मर्सकोले, जावेद खान, जी.डी.घोडमारे, रणधीर सूर्यवंशी, वसीम खान, फिरोज खान, रविन्द्र नाग, बी.एस.मोर्य, यू.एस.पोस्ते, संजीव आनदेव आदि का विशेष सहयोग रहा ।
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जिले के किसानों को रबी में खाद और बीज की कमी नहीं होगी

-प्रभारी मंत्री श्री बिसेन

बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता पर चर्चा

                  प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सहकारिता एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि जिले के किसानों को रबी में खाद और बीज की कमी नहीं होने दी जायेगी तथा सिंचाई के लिये बिजली भी सुचारु रुप से उपलब्ध कराई जायेगी । उन्होंने अपने संक्षिप्त छिन्दवाड़ा प्रवास के दौरान स्थानीय सर्किट हाउस में बैठक में कमिश्नर जबलपुर संभाग डॉ रविन्द्र पस्तौर, कलेक्टर डॉ. पवन कुमार शर्मा और पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की तथा कलेक्टर से खाद और बीज की उपलब्धता के साथ ही बिजली के संबंध में  जानकारी ली । इस अवसर पर राजस्व अनुविभागीय अधिकारी डॉ. के.डी.त्रिपाठी तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और सहकारिता विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे ।
                  बैठक में कलेक्टर डॉ. शर्मा ने बताया कि यूरिया और एन.पी.के.खाद का एक-एक रैक छिन्दवाडा आ चुका है तथा डी.ए.पी. और पोटाश खाद का एक रैक रास्ते में है जो शीघ्र ही उतर रहा है । उन्होंने बताया कि जिले में खाद और बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है । प्रभारी मंत्री श्री बिसेन ने जिले में किसानों के लिए पर्याप्त खाद और बीज उपलब्धता देखते हुये किसानों से आग्रह किया है कि वे रबी की बोनी के लिए आवश्यकतानुसार बीज और खाद सहकारी समितियों से उठायें ।
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समितियों को 5 दिन में मिलेगा दूध का भुगतान -- संभागीय आयुक्त डॉ. पस्तौर

कृषक एवं दुग्ध उत्पादक सम्मेलन सम्पन्न

                 जबलपुर संभाग के आयुक्त डॉ. रवीन्द्र पस्तौर ने कहा कि दूध संकलन एवं विक्रय करने वाली समितियों को 5 दिवस में दूध का भुगतान किया जायेगा । समितियाँ एवं पशुपालक दूध संकलन के साथ-साथ उत्पादन पर भी ध्यान दें । समितियाँ सिर्फ दूध संकलन का केन्द्र नहीं है, बल्कि व्यवसाय का केन्द्र है । इससे आय में वृद्धि होगी । आयुक्त डॉ. पस्तौर जबलपुर सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित के खजरी ढ़िमराढ़ाना स्थित दुग्ध संयंत्र छिन्दवाडा में आयोजित कृषक एवं दुग्ध उत्पादक सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे । इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. पवन कुमार शर्मा, मुख्य वन संरक्षक श्री पुष्कर सिंह, सीईओ जिला पंचायत सुश्री स्वाति मीणा, सीईओ दुग्ध संघ, संयुक्त संचालक दुग्ध संघ जबलपुर डॉ. पाठक, श्री अशोक इंगले, विभागीय अधिकारी, किसान एवं दुग्ध उत्पादक उपस्थित थे ।
                       आयुक्त डॉ. पस्तौर ने कहा कि समितियाँ दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ अन्य उत्पाद भी बेचे जिससे आमदनी बढ़ेगी । साथ ही सदस्यों की संख्या बढ़ाये । मिल्क रुट के ग्रामों में भी सदस्य बनाकर दूध क्रय किया जाये । प्रति लीटर दूध पर एक रुपया कमीशन दिया जायेगा । उन्होंने कहा कि समितियाँ मात्र संकलन केन्द्र नहीं बल्कि व्यवसाय के केन्द्र के रुप में कार्य करें । आगामी दिनों में समिति संचालन एवं डेयरी का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा । किसान दुग्ध व्यवसाय के क्षेत्र में समृद्ध एवं स्वस्थ बने । उन्होंने पशुपालन के लिए विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही 23 योजनाओं की जानकारी दी तथा समितियों को प्रमाण पत्र एवं एक समिति को पशु अनुदान भी प्रदान किया ।  वन संरक्षक श्री पुष्कर सिंह ने कहा कि अधिक दूध उत्पादन के लिए चारा आवश्यक है, इसलिये वनों में अच्छी गुणवत्ता का अधिक से अधिक चारा उत्पादन किया जाकर ग्रामीणों को दिया जायेगा । सीईओ जिला पंचायत सुश्री मीणा ने कहा कि पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराये । उन्होंने कहा कि जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सभी घटक मिलकर कार्य करें । संयुक्त संचालक डॉ. पाठक ने कहा कि डेयरी का व्यवसाय बढ़ाने के लिए पशुओं को कृमिनाशक दवाई एवं मिनरल मिक्सर आहार दें और कृत्रिम गर्भाधान को अपनाये । श्री अशोक इंगले ने कहा कि कृषि और पशुपालन एक दूसरे के पूरक है । इसे फायदे का धंधा बनाये । किसान बायोगैस, नाडेप, सर्मी कम्पोस्ट, खाद का उपयोग करें जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी ।
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दुग्ध उत्पादन को दे व्यवसाय का रुप -- आयुक्त डॉ. पस्तौर

पशु मेले में समितियों ने स्वतंत्र रुप से क्रय किये पशु

                 जबलपुर संभाग के आयुक्त डॉ. रवीन्द्र पस्तौर ने कहा कि दुग्ध उत्पादक एवं किसान दुग्ध उत्पादन को सिर्फ रोजगार ना समझे ,बल्कि इसे व्यवसाय का रुप दें जिससे उनका आर्थिक जीवन स्तर उठ सके एवं ग्रामीण किसान स्वरोजगार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके । संभागीय आयुक्त डॉ. पस्तौर जिला पंचायत, पशु विभाग एवं दुग्ध संघ के संयुक्त तत्वावधान में स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत ईमलीखेडा में आयोजित पशु मेले का कार्यक्रम अध्यक्ष के रुप में सम्बोधित कर रहे थे ।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सीताराम डेहरिया थे तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अमित सक्सेना और सदस्य श्री सैयद जाफर विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे । इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. पवन कुमार शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री स्वाति मीणा, विभागीय अधिकारी, स्वसहायता समूह, ग्रामीण आदि  उपस्थित थे ।
                      संभागीय आयुक्त डॉ. पस्तौर ने कहा कि स्वरोजगार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए दुग्ध व्यवसाय एक सशक्त माध्यम है । समितियाँ सिर्फ दुग्ध संकलन का कार्य ही न करें बल्कि चाराबीज, सुदाना, दवाईयाँ, दुग्ध उत्पाद जैसे घी, मठ्ठा, श्रीखण्ड आदि उत्पाद भी बेचे। ऋण एवं बीमा का कार्य भी समितियों के द्वारा किया जाये । इन कार्यो के लिए समितियों को कमीशन भी दिया जायेगा । गोसेवक भी यदि दुग्ध समितियों का गठन करेंगे तो उन्हें भी दूध क्रय करने में कमीशन दिया जायेगा । उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ द्वारा उत्पादकों से चार रुपये प्रति यूनिट फेड की दर से दूध क्रय किया जायेगा जिससे दुग्ध उत्पादकों को मुनाफा होगा । नगरपालिका क्षेत्र में बूथ लगाये जाकर दूध संकलन का कार्य किया जाये । डॉ. पस्तौर ने पशु मेला आयोजन के लिए कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत की प्रशंसा करते हुये कहा कि पशु मेले में पशु क्रय करने के अतिरिक्त बैंक प्रकरण, बीमा, पशु चिकित्सा आदि की सुविधा भी उपलब्ध करायी गई है जिसका लाभ किसान ले सकते हैं । उन्होंने बताया कि छिन्दवाडा में ब्राीडर सेंटर प्रारंभ कराने का भी प्रयास किया जायेगा ।
               मुख्य अतिथि एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सीताराम डेहरिया ने इस अवसर पर कहा कि पशु मेले का आयोजन एक सराहनीय पहल है ।  यह खुला बाजार है जहाँ पशुओं का चयन किया जा सकता है । समूह संगठित होकर कार्य करें एवं बैंक का ऋण चुकायें । विभागीय अधिकारी भी ऋण देने के पश्चात समूहों की मानीटरिंग करें एवं उन्हें प्रशिक्षण भी प्रदान करें । जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अमित सक्सेना ने कहा कि जिले में विभिन्न कारणों से दुग्ध उत्पादन कम हुआ है । यहाँ आयोजित पशु मेला सभी विभागों का संयुक्त प्रयास है जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की संभावना है । यह विभागों द्वारा की गई एक अच्छी पहल है। जिला पंचायत सदस्य श्री सैयद जाफर ने कहा कि गरीबी का अंत स्वरोजगार से ही हो सकता है । इस दिशा में जिला पंचायत, पशु विभाग और दुग्ध संघ द्वारा किया गया प्रयास सराहनीय है ।
                मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री स्वाति मीणा ने मेला आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुये कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी है । पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन का कार्य संगठित होकर नहीं करने के कारण उत्पादकों को कम दाम मिलता है । उन्होंने बताया कि मेले में हितग्राहियों को पशु का चयन कर क्रय  करने का अवसर उपलब्ध कराने के अलावा ऋण सुविधा, बीमा एवं प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था भी की गई है । उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से चारागाह विकास एवं निस्तारी तालाबों का निर्माण कर पशुपालन को महत्व दें ।
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