17 Nov 2011

News 17 Nove 2011

जिला जनसम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा(म.प्र.)
समाचार

सभी स्वर्णिम म.प्र. निर्णय के स्वप्न को
साकार करने में सहयोग करें

-- स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री मोहोड़

स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री मोहोड़ द्वारा 12 हजार 915 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को
1.38 करोड़ रुपये से अधिक तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरित

               प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विगत 7 वर्षो में हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं तथा हर वर्ग विशेषकर गरीब, निर्धन और समाज के अंतिम छोर के व्यक्तियों के लिये कई कल्याणकारी योजनायें लागू की है जिनका लाभ उन्हें मिल रहा है । वन क्षेत्रों के वनवासियों और आदिवासियों के लिए भी प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है जिसका व्यवहारिक रुप सभी के सामने दिखाई दे रहा है । एकलव्य शिक्षा विकास योजना जैसी योजना से वनवासी लाभान्वित हो रहे हैं तथा उनकी उच्च शिक्षा के लिये उन्हें विदेश भी भेजा जा रहा है । आप सभी प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ लें तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के स्वर्णिम मध्यप्रदेश निर्माण के स्वप्न को साकार करने में सहयोग प्रदान करें । श्री मोहोड़ आज जिले के सौंसर विकासखंड मुख्यालय में स्थानीय कृषि उपज मंडी प्रांगण में दक्षिण वनमंडल के जिला लघु वनोपज यूनियन द्वारा आयोजित तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण समारोह को मुख्य अतिथि के रुप में सम्बोधित कर रहे थे । कार्यक्रम की अध्यक्षता म.प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री संतोष जैन ने की तथा पांढुर्ना विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री रामराव कवड़ेती और श्री नरेन्द्र (राजू) परमार विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे । स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री मोहोड ने दक्षिण सामान्य वनमंडल के जिला लघु वनोपज संघ की 10 समितियों के 12 हजार 915 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को एक करोड 38 लाख 62 हजार 154 रुपये की तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक की राशि वितरित की।
              कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री मोहोड़ ने कहा कि वन है तो कल है । वन हमारे जीवन के लिये अनिवार्य है तथा इसके बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती । आप सभी वनों को बचायें तथा वनोपज से संबंधित आजीविका से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करें । उन्होंने तेन्दूपत्ता संग्राहकों से आग्रह किया कि वे अच्छी गुणवत्ता का तेन्दूपत्ता तोड़े जिससे इसका अच्छा मूल्य मिल सके । उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पहली बार तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बोनस की राशि का इतनी अधिक मात्रा में भुगतान किया जा रहा है । उन्होंने पांढुर्ना समिति के श्री भीमराव सखाराम, बिछुआ समिति के श्री झनकलाल नोखेलाल और श्री नरसलाल प्रेम, सौंसर समिति की श्रीमती अनिता पति रुचो उईके और श्री जौहरीलाल एवं मोहखेड समिति के श्री गनेश लोधू को 25-25 हजार रुपये की तेन्दूपत्ता संग्राहक दुर्घटना बीमा राशि के चेक वितरित किये तथा   एकलव्य शिक्षा विकास योजना के अन्तर्गत तेन्दूपत्ता संग्राहकों के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना अन्तर्गत श्री सुरेन्द्र पिता ज्ञानेश्वर जांभोलकर को बी.ई. प्रथम वर्ष में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर 50 हजार रुपये, कुमारी भूमिका पिता प्रकाश जांभोलकर को कक्षा बारहवीं में 68.20 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर 12 हजार 500 रुपये, कुमारी साधना पिता सुखदेव सोमकुंवर को कक्षा बारहवीं में 64.60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर 12 हजार रुपये, श्री अजय चचाने पिता गजानन चचाने को  कक्षा बारहवीं में 69.20 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर 8 हजार रुपये तथा कुमारी रजनी पिता दशरथ कोचे को बी.ए. प्रथम वर्ष में 68.50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर 7 हजार रुपये के छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र भी वितरित किये। उन्होंने सर्वाधिक तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि प्राप्त करने वाली मोहखेड समिति की संग्राहक श्रीमती कमलाबाई को 9 हजार 553 रुपये की नगद राशि और प्राथमिक वनोपज समिति बिछुआ के प्रबंधक श्री संभलकर का शाल व श्रीफल से अभिनंदन भी किया । उन्होंने प्रारंभ में दीप प्रज्जवलित कर एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।
           कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री संतोष जैन ने इस अवसर पर कहा कि वन और मानव एक-दूसरे के पूरक हैं । हम अधिक से अधिक वनों का संरक्षण करें जिससे पर्यावरण संतुलित रहे। उन्होंने तेन्दूपत्ता संग्राहकों की बीमा राशि की बढ़ोत्तरी पर भी जोर दिया । कार्यक्रम में विधायक श्री रामराव कवड़ेती, जिला लघु वनोपज यूनियन दक्षिण वनमंडल के अध्यक्ष श्री सुरेश थेटे और श्री नरेन्द्र (राजू) परमार ने भी अपने विचार व्यक्त किये । मुख्य वन संरक्षक श्री पुष्कर सिंह ने इस अवसर पर कहा कि वन विभाग की नीति वनोपज से जुड़े वनवासियों, आदिवासियों और मजदूरों के आर्थिक विकास और उन्नयन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके बच्चों के शैक्षणिक विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है । इन बच्चों को शिक्षा के लिये जहाँ छात्रवृत्ति प्रदाय की जा रही है, वहीं मेडीकल, इंजीनियरिंग आदि क्षेत्रों की उच्च शिक्षा के लिये भी अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं । वन आधारित आजीविका से जुड़ने से उन्हें वैकल्पिक रोजगार के साधन भी उपलब्ध हुये हैं ।
                कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री ए.के.महाले  के संयोजन में 10 समितियों को अलग-अलग काउंटर बनाकर तेन्दूपत्ता संग्राहकों को तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक बोनस राशि का नगद वितरण किया गया । इसमें लघु वनोपज समिति मोहखेड के 2 हजार 240 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 24 लाख 36 हजार 792.35 रुपये, अम्बाडा के एक हजार 486 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 7 लाख 92 हजार 498.23 रुपये, पांढुर्ना  के एक हजार 47 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 4 लाख 41 हजार 500.41 रुपये, सौंसर के एक हजार 255  तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 8 लाख 98 हजार 922.15 रुपये,लोधीखेडा के 436 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 5 लाख 17 हजार 341.78 रुपये, सवरनी के एक हजार 237  तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 16 लाख 71 हजार 305.57 रुपये,बिछुआ के एक हजार 909 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 29 लाख 43 हजार 256.24 रुपये,सोनपुर के एक हजार 561  तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 18 लाख 11 हजार 353.01 रुपये, भिमालगोंदी के एक हजर 128 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 17 लाख 63 हजार 519.21 रुपय तथा रामाकोना के 616 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 5 लाख 85 हजार 664.64 रुपये की राशि वितरित की गई । कार्यक्रम का संचालन उप वनमंडलाधिकारी श्री मेश्राम और आभार प्रदर्शन दक्षिण वनमंडलाधिकारी श्री एल.पी.तिवारी ने किया । इस अवसर पर  जिला पंचायत सदस्य श्री संजय निंबुलकर, जनपद पंचायत के पदाधिकारी और सदस्य, अन्य जनप्रतिनिधि, दक्षिण वनमंडल परिक्षेत्र के सभी अधिकारी/कर्मचारी, पत्रकार, लगभग 8 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहक ओर बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे ।  

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सर्पदंश से मृत्यु होने पर एक वारिस हितग्राही को
50 हजार रुपये की अनुदान सहायता राशि स्वीकृत

               राजस्व अनुविभागीय अधिकारी जुन्नारदेव श्री अखिलेश जैन द्वारा सर्पदंश से जिले की जुन्नारदेव तहसील के ग्राम हरियागढ़ के श्री सुरजूलाल की मृत्यु होने पर उसकी वारिस पत्नी श्रीमती संगीता को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6 (4) के अन्तर्गत 50 हजार रुपये की अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की गई है । उन्होंने तहसीलदार जुन्नारदेव को निर्देश दिये है कि स्वीकृत राशि आहरित कर संबंधित हितग्राही को प्रदाय करें ।

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19 से 25 नवम्बर तक कौमी एकता सप्ताह मनाने का निर्णय

आज दिलाई जायेगी राष्ट्रीय अखंडता की शपथ

            राज्य शासन द्वारा 19 से 25 नवम्बर तक कौमी एकता सप्ताह मनाने का निर्णय लिया गया है । इस सप्ताह के दौरान विभिन्न कार्यक्रम जैसे विचार गोष्ठी, सेमीनार, रैली आदि कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे तथा 18 नवम्बर को राष्ट्रीय अखंडता की शपथ दिलाई जायेगी । राष्ट्रीय अखंडता की शपथ में सभी शपथ लेंगे कि– ‘मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता/करती हूँ कि देश की आजादी तथा अखंडता बनाये रखने और उसे मजबूत करने के लिये समर्पित होकर कार्य करुंगा/करुंगी । मैं यह भी प्रतिज्ञा करता/करती हूँ कि कभी हिंसा का सहारा नहीं लूँगा/लूँगी तथा धर्म, भाषा, क्षेत्र से संबंधित भेदभाव ओर झगड़ोंे और अन्य राजनीतिक या आर्थिक शिकायतों का निपटारा शांतिपूर्ण तथा संवैधानिक तरीकों से करने के लिये प्रयास करता/करती  रहूँगा/रहूँगी ।’  कलेक्टर डॉ. पवन कुमार शर्मा ने राज्य शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं ।
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