जिला जनसम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा(म.प्र.)
समाचार
नवरात्रि की नवमी के दिन बेटी बचाओ के गूँजे जयकारे
प्रदेश के मुख्य मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रदेश की महिलाओं की दिशा और दशा सुधारने के अभियान के तारतम्य में प्रदेश के घटते हुए लिंगानुपात को बढ़ाने की दिशा में “बेटी बचाओ अभियान” की शुरुआत आज प्रदेश भर के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में की गई । इसी क्रम में छिन्दवाड़ा जिले में जिला मुख्यालय स्थित शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में आज नवरात्रि के पावन पर्व पर नवमी के दिन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्य सभा सांसद सुश्री अनुसूईया उईके के मुख्य आतिथ्य में “बेटी बचाओ अभियान” का श्रीगणेश किया गया । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में सुश्री अनुसूईया उईके के साथ ही म.प्र. पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री संतोष जैन, नगरपालिका के अध्यक्ष श्री कन्हईराम रघुवंशी, महाकौशल विकास प्राधिकरण जबलपुर के उपाध्यक्ष श्री शेषराव यादव, श्री दौलतसिंह ठाकुर, महिला पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर डॉ. पवन कुमार शर्मा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री स्वाति मीणा, एस.पी. डॉ. आशीष कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी, एस.डी.एम. श्री त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री स्वर्णिमा शुक्ला, अन्य अधिकारीगण एवं कर्मचारी उपस्थित थे ।
“बेटी बचाओ अभियान” की शुरुआत मुख्य अतिथि सुश्री अनुसूईया उईके द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन से हुई ।
मुख्य अतिथि सुश्री अनुसुईया उईके ने उपस्थित जनसमूह को बेटी बचाने हेतु संकल्प दिलाया । उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नवरात्र के इस पावन पर्व पर सृष्टि को जन्म देने वाली बेटी बचाओ अभियान की शुरुआत की । उन्होंने कहा कि पूरे देश में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने अद्वितीय कार्य की शुरुआत की । मुख्यमंत्री ने महिला एवं कन्याओं के हित में कई योजनायें प्रारंभ की जिसमें बेटी के जन्म से लेकर विवाह तक बेटियों की सहायता के लिए योजनायें शामिल हैं ताकि माता पिता बेटी को बोझ या अभिशाप समझकर उनकी भ्रूण हत्या न कर उनका अच्छे से पालन-पोषण कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर स्वर्णिम म.प्र. बनाने की दिशा में अग्रसर हों । सांसद सुश्री उईके ने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों और उन्नत तकनीक के कारण आजकल कन्या की हत्या उसके जन्म के पहले ही भ्रूणावस्था में कर दी जाती है । इसे रोकने के लिए 1994 में पीएनडीटी एक्ट बना एवं 2004 में पीसी पीएनडीटी एक्ट लागू हुआ, उसके बावजूद भी लिंगानुपात में लगातार कमी आ रही है, देश प्रदेश के साथ-साथ जिले का लिंगानुपात भी घट रहा है । उन्होंने कहा कि लड़कियाँ लड़कों से ज्यादा अपने माता-पिता की देखरेख एवं सहायता करती है । लिंगानुपात घटने से समाज में लैंगिक अपराध एवं अपहरण जैसे अपराध बढ़ रहे हैं । कन्या भ्रूणहंताओं को कठोर से कठोर दण्ड का प्रावधान होना चाहिये । उन्होंने आह्वान किया कि इस अभियान की सफलता के लिए सभी राजनेताओं को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर भरसक प्रयास करना चाहिये । सुश्री उईके ने उपस्थित जनसमूह से आग्रह किया कि संकल्प लें कि कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगायेंगे । उन्होंने अटल बाल मित्र योजना के तहत तामिया क्षेत्र की गर्भवती एवं कुपोषित बच्चों की सहायता के लिए सांसद निधि से एक एम्बुलेंस देने की घोषणा की । सुश्री उईके द्वारा एक या दो बेटी के बाद परिवार नियोजन अपनाने वाले 50 अभिभावकों को शॉल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया तथा इन अभिभावकों को संबल कार्ड भी प्रदान किये गये जिसके तहत कार्ड में दिये गये नम्बर पर फोन करने पर प्रशासन किसी भी परेशानी होने पर उनकी सहायता कर सके ।
इस अवसर पर म.प्र. पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री संतोष जैन ने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुये महिलाएँ सक्रिय भूमिका निभायें । उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बेटी के जन्म से लेकर विवाह तक की चिंता करते हुए बेटी वाले अभिभावकों को सहायता देने हेतु विभिन्न योजनायें चलाई है । श्री जैन ने कहा कि अधिकतर देखा गया है कि बेटे वाले अभिभावक अपना बुढ़ापा वृद्धाश्रम में बिताते हैं जबकि बेटियाँ अपने बूढ़े माँ-बाप की तन-मन-धन से सेवा करती हैं । उन्होंने कहा कि यदि लिंगानुपात इसी तरह घटता रहा तो 2050 तक 2 करोड 50 लाख युवक अविवाहित रह जायेंगे एवं समाज में लैंगिक अपराधों में तेजी आ सकती है । नगरपालिका अध्यक्ष श्री कन्हईराम रघुवंशी ने कहा कि जिस देश में देवी पूजी जाती है, किसी भी कार्य का प्रारंभ एवं समाप्ति बेटियों एवं देवियों की पूजा अर्चना से होती है, वहाँ कन्या भ्रूण हत्या की भत्र्सना होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि चूंकि बेटी बचाओ कार्यक्रम था अत: इसका आयोजन महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया गया जिसकी मुख्य अतिथि एक महिला सांसद है तथा कार्यक्रम संबंधी व्यवस्था महिला अधिकारी सुश्री स्वर्णिमा शुक्ला एवं प्रशासक जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री स्वाति मीणा की उपस्थिति में हुआ है । उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाएँ सफलता का परचम लहरा रही है, सभी संकल्प लें कि कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगायेंगे । जिला पंचायत की सी.ई.ओ. सुश्री स्वाति मीणा ने मुख्यमंत्री के “बेटी बचाओं अभियान” की विस्तृत जानकारी देते हुये दिलाये गये संकल्प को मूर्त रुप देकर घटते लिंगानुपात पर रोक लगाने हेतु सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया । उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिये जन-जन का सहयोग अपेक्षित है । सुश्री स्वाति मीणा ने कहा कि शाला में अध्ययनरत छात्राएँ भी इस बारे में जागरुकता लाने में महती भूमिका निभा सकती है, स्वयं के साथ होने वाले भेदभाव का विरोध कर स्वयं को आत्मनिर्भर बना कर माता-पिता का गौरव बढ़ा सकती है ।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री स्वर्णिमा शुक्ला ने स्वयं रचित पंक्तियों को कहते हुये बेटियों को हवा एवं जल के समान मानव जीवन के लिये आवश्यक माना एवं घटते लिंगानुपात के आंकड़ों की जानकारी देते हुये सभी को इस अभियान में सहायक बनने का आग्रह किया । कार्यक्रम में डॉ. सुधीर शुक्ला द्वारा कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिये बनाये गये पीएनडीटी एवं पीसी पीएनडीटी कानून के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि लिंग जाँच करने वाले एवं जाँच कराने वाले दोनों के लिए दण्ड का प्रावधान है । उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियाँ एवं तकनीक कन्याभ्रूण हत्या के लिए जिम्मेदार है । इस अवसर पर 3 हजार कन्याओं को ‘कन्याभोज’ कराया गया । कार्यक्रम के अंत में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी द्वारा आभार व्यक्त किया गया ।
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बेटियों को बचाने के अभियान में सहयोग करें -स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री मोहोड़
विधानसभा क्षेत्र सौंसर में बेटी बचाओ अभियान का शुभारंभ
लगभग 450 बेटियों और माता-पिताओं का हुआ अभिनंदन
प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड़ ने कहा कि बेटियाँ वरदान हैं तथा बेटियों को बचाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा नवरात्र में नवमी के दिन से बेटी बचाओ अभियान को एक जन आन्दोलन के रुप में प्रदेश में एक साथ प्रारंभ किया गया है । आप सभी बेटी को बचाने का संकल्प लेकर घटते लिंगानुपात को समान स्तर पर लाने की प्रदेश सरकार की इस पहल में सहयोग करें । श्री मोहोड़ आज जिले के सौंसर विधानसभा क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित बेटी बचाओ अभियान को मुख्य अतिथि के रुप में सम्बोधित कर रहे थे । उन्होंने माँ सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्जवलन के बाद कन्याओं के पैर पखारकर, उन्हें टीका लगाकर, मिष्ठान्न खिलाकर और माला पहनाकर उनका स्वागत करते हुये अभियान का शुभारंभ किया । उन्होंने एक और दो बेटी वाले माता-पिताओं का शाल और श्रीफल से अभिनंदन किया तथा सौंसर विधानसभा क्षेत्र में शामिल मोहखेड और सौंसर विकास खंड की लगभग 450 बालिकाओं को अपनी ओर 101-101 रुपये की नगद राशि भी प्रदान की । उन्होंने एक और दो बच्ची के बाद राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम के अन्तर्गत नसबंदी कराने वाले माता-पिताओं और बच्चियों का भी अभिनंदन करते हुये उन्हें राष्ट्रीय बचत पत्र वितरित किये तथा सभी सभी बच्चियों और माताओं को भोजन परोसकर सामूहिक भोज कराया । उन्होंने सभी को बेटी बचाने का संकल्प भी दिलाया । इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता म.प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री संतोष जैन ने की तथा श्री रमेश पोफली विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे ।
स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री मोहोड ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान बेटियों के प्रति बहुत उदार ह्मदय है तथा समाज में बेटियों की संख्या की कमी को दूर करने के लिए उन्होंने बेटी बचाओ अभियान की शुरुआत की है । उन्होंने बेटी बचाओ अभियान के अन्तर्गत बेटी है तो कल है कि अवधारणा पर केन्द्रित सभी को सामूहिक रुप से संकल्प दिलाया कि ‘मैं (स्वयं का नाम) संकल्प लेता/लेती हूँ कि बेटी के जन्म को मैं कभी बाधित नहीं करुंगा/करुंगी । मैं, बेटी और बेटे को समान संरक्षण, प्रोत्साहन और सम्मान दूँगा/दँूगी । मैं बेटी के पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर बेटी और बेटे के बीच भेदभाव नहीं करुंगा/करुंगी । समाज का कोई भी व्यक्ति बेटी और बेटे के बीच भेदभाव नहीं करे, इस हेतु मैं सदैव प्रयत्नशील रहूँगा/ रहूँगी ।’ कार्यक्रम अध्यक्ष श्री संतोष जैन ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में एक हजार बेटों की तुलना में 912 बेटियों का लिंगानुपात है तथा यदि यह लिंगानुपात बढ़ता रहा तो आगामी वर्षो में 2.50 करोड़ व्यक्ति अविवाहित रह जायेंगे । उन्होंने कहा कि यदि यह लिंगानुपात बढ़ता रहा तो भविष्य में महिलाओं के अपहरण और बलात्कार की घटनाओं में भी वृद्धि होगी जिसके दुष्परिणाम समाज को भोगना पड़ेंगे । उन्होंने आव्हान किया कि सभी यह संकल्प लें कि वे भ्रूण हत्या का बहिष्कार करेंगे और बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करेंगे । उन्होंने कहा मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ बेटियों के संरक्षण के लिये लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू है तथा बेटियों के महत्व को देखते हुये पूरे प्रदेश में आज बेटी बचाओं अभियान की शुरुआत की गई है । यह आयोजन देश के किसी राज्य में नहीं हो रहा है । विशेष अतिथि श्री रमेश पोफली ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूरे प्रदेश में एक नया अभियान बेटी बचाओ अभियान को हाथ में लिया है । प्रदेश सरकार के इस संकल्प को सफल बनाने में हम सभी सहयोग करें । उन्होंने कहा कि यह हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हम बेटियों को बचायें जिससे प्रदेश में लिंगानुपात को समान किया जा सके । कार्यक्रम को सर्वश्री राजू परमार, बंडू जी ठाकरे और नरेश पोल्हटकर ने भी सम्बोधित किया ।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री मोहोड ने प्रतीक स्वरुप सौंसर विधानसभा क्षेत्र में शामिल मोहखेड और सौंसर विकासखंड की 11-11 कन्याओं के पैर पखारकर चरण स्पर्श किये, उन्हें मिष्ठान्न खिलाया और फूलमालाओं से उनका सम्मान किया तथा उनके माता-पिताओं का शाल और श्रीफल से सम्मानित किया । उन्होंने राष्ट्रीय परिवार कल्याण के अन्तर्गत एक या दो बेटी के बाद नसबंदी कराने वाले जिला पंचायत सदस्य श्री संजय निंबुलकर, उनकी पत्नी श्रीमती संगीता निंबुलकर और पुत्रियों कु. वैशाली और कु. साक्षी का तिलक लगाकर, फुलमाला, शाल और श्रीफल से अभिनंदन किया तथा कु. जाह्नवी और कु. माही एवं कु. हर्षदा और कु. समीक्षा के साथ ही कु. कनककिता, कु. दमदर, कु.कार्तिका, कु. वैशाली, कु. भूमिका, कु. सांडिया और कु. शोभा को 5-5 हजार रुपये के राष्ट्रीय बचत पत्र वितरित किये। कार्यक्रम का संचालन श्री राजेन्द्र भक्ते और आभार प्रदर्शन एकीकृत बाल विकास परियोजना सौंसर की परियोजना अधिकारी श्रीमती अनिता राय ने किया । इस अवसर पर श्री बत्रा और अन्य जनप्रतिनिधि, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी श्री रमेश कुमरे, तहसीलदार श्री के.एस.बघेल, एकीकृत बाल विकास परियोजना मोहखेड की परियोजना अधिकारी श्रीमती रीता परते, पर्यवेक्षक, आंगनबाडी कार्यकर्ता और सहायिका, पत्रकार, बड़ी संख्या में बच्चियां और उनके माता-पिता तथा नागरिकगण उपस्थित थे ।
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संभागीय कमिश्नर श्री पस्तौर ने किया
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चौहान को निलंबित
संभागीय कमिश्नर श्री पस्तौर ने किया
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चौहान को निलंबित
कलेक्टर द्वारा डॉ. नायडू को मुख्य चिकित्सा
एवं स्वास्थ्य अधिकारी पद का प्रभारी नियुक्त
जबलपुर संभाग के कमिश्नर श्री रविन्द्र पस्तौर द्वारा छिन्दवाड़ा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.आर.चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है । यह कार्यवाही डॉ. चौहान द्वारा शासन के नियमों के विपरीत 14 कर्मचारियों का नियमितीकरण कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने और अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरतते हुये विभागीय समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने से बैठक को निरस्त करने के कारण की गई है । उनके ये कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत होकर घोर कदाचरण किये जाने के फलस्वरुप उन्हें म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है । निलंबन अवधि में डॉ. चौहान का मुख्यालय कार्यालय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें जबलपुर संभाग जबलपुर निर्धारित किया गया है तथा निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी ।
कलेक्टर डॉ.पवन कुमार शर्मा द्वारा संभागीय कमिश्नर के आदेश से डॉ. चौहान को निलंबित किये जाने के फलस्वरुप जिला चिकित्सालय के निष्चेतना विशेषज्ञ डॉ. हेमंत कुमार नायडू को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी छिन्दवाड़ा के पद का प्रभार सौंपा गया है ।
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