25 Oct 2011

News 25 Oct 2011


जिला जनसम्पर्क कार्यालय,छिन्दवाड़ा (म.प्र.)
समाचार

फसल प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी पर प्रशिक्षण सम्पन्न

          भारतीय फसल प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान तन्जाऊर, तमिलनाडू एवं जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र चंदनगांव,छिन्दवाड़ा के संयुक्त तत्वाधान में गत दिवस एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण  कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । प्रशिक्षण में जिले के चयनित 60 कृषकों ने भाग लिया । प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कृषकों को फसल प्रसंस्करण तकनीकी के बारे में जागरुक करना तथा प्रसंस्करण तकनीकी को अपनाने हेतु आगे आने के लिये प्रेरणा देना था । कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ.अजय कौशल नोडल अधिकारी आत्मा, डॉ. आकाश पारे, डॉ. सुरेन्द्र पन्नासे एवं श्री आर. एस.राही की उपस्थिति में हुआ ।
               कार्यक्रम में फसल प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान तन्जाऊर से पधारे डॉ. आशीष पारे ने कृषकों को संस्थान के उद्देश्य एवं कृषकोपयोगी कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की । साथ ही जिले में फसल की संभावना का आंकलन कर तकनीकी रुप से सहयोग करने का आश्वासन दिया । कृषि विज्ञान केन्द्र के कार्यक्रम समन्वयक डॉ सुरेन्द्र पन्नासे ने कहा कि छिन्दवाड़ा जिला जैवविविधता से समृद्ध है एवं यहाँ प्रसंस्करण की काफी संभावना है । कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रुप में पधारे डॉ. अजय कौशल ने कहा कि जिले की मुख्य फसलें मक्का, कोदो, कुटकी, जगनी, सब्जियाँ, दाल आदि के प्रसंस्करण की असीम संभावनायें है । उन्होंने आत्मा के माध्यम से कृषकों को तकनीकी जानकारी और शैक्षणिक भ्रमण के द्वारा शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया तथा जिले में जैविक उत्पाद को ब्राान्ड देकर सुव्यवस्थित तरीके से बाजार में उपलब्ध कराने के कार्य की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने जिले में क्रियान्वित खाद्य प्रसंस्करण के कार्यो को विस्तार से उल्लेखित किया । प्रशिक्षण में नागेश्वर चेरिटेबल ट्रस्ट के परियोजना समन्व्यक श्री आर.आर. राही ने आदिवासी अंचल में खाद्य पदार्थो के प्रसंस्करण पर किये गये कार्यो को विस्तार से समझाते हुये आकर्षक दृष्य श्रव्य सामग्री के माध्यम से शहद, महुआ, कोदो, कुटकी, आंवला, जामुन व वनऔषधियों के मूल्य संवर्धन पर किये जाने वाले कार्यो एवं संभावनाओं पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुतीकरण किया। केन्द्र के विस्तार विशेषज्ञ डॉ. अभय वानखेडे ने फसल प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन की आवश्यकता प्रस्तुत करते हुये कृषकों एवं ग्रामीण युवाओं के स्वसहायता समूह के रुप में इसे अंगीकृत कर क्रियान्वित करने हेतु प्रेरित किया । उन्होंने अंत में आभार भी व्यक्त किया ।
              कार्यक्रम में जिला पंचायत के अधिकारी श्री मालवीय द्वारा कृषकों से आग्रह किया गया कि वे स्वयं के स्वावलंबन के लिए शासन की योजनाओं का लाभ अवश्य लें एवं पंचायत की ग्राम सभा में मजबूती से कार्य करें । कृषि विज्ञान केन्द्र के युवा कृषि वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षण के सूत्रधार इंजीनियर श्री घनश्याम देशमुख ने कृषकों से इस उपयोगी प्रशिक्षण का लाभ लेने एवं तकनीकी प्राप्त करने हेतु समन्वित रुप से कार्य करने पर विशेष बल दिया । प्रशिक्षण के समापन सत्र में वन अनुसंधान केन्द्र पोआमा के केन्द्राध्यक्ष डॉ. सुनीश बक्शी ने वनोपज से समृद्ध जिले के उत्पादन के विदोहन पर विशेष जोर देने के साथ ही चिरौंजी का वृक्षारोपण करने की सलाह दी । उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किये ।

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जन सुनवाई कार्यक्रम के अन्तर्गत 49 आवेदनों का निराकरण

            जनसुनवाई कार्यक्रम के अन्तर्गत आज स्थानीय कलेक्टर न्यायालय कक्ष में 49 आवेदनों में जनसुनवाई की गई। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर डॉ. पवन कुमार शर्मा द्वारा बी पी एल सर्वे सूची में नाम जोडने, बंटवारा नामांतरण, मुआवजा राशि देने, पेंशन देने, अनुकम्पा नियुक्ति, छात्रवृत्ति, निर्माण कार्यो की जांच तथा अन्य विषयों पर जनसुनवाई की गई । उन्होंने आवेदकों को संबंधित कार्यालयों के प्रमुखों से भी सम्पर्क करने की समझाईश दी ताकि उनके आवेदनों का शीघ्र निराकरण हो सके।

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