29 Jul 2011

समाचार 29 जुलाई 2011


जिला जन सम्पर्क कार्यालय छिन्दवाडा(म.प्र.)
समाचार

किसान ईमानदारी से अपने किसान क्रेडिट
कार्ड का उपयोग करें -- प्रभारी मंत्री श्री बिसेन
प्रभारी मंत्री श्री बिसेन द्वारा वृहद किसान क्रेडिट कार्ड
वितरण के विशेष अभियान का शुभारंभ

6 प्रगतिशील किसानों का अभिनंदन एवं किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण

               प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सहकारिता एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि सभी किसान ईमानदारी से अपने किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग करें तथा इस कार्ड द्वारा ऋण प्राप्त कर समय पर ऋण भुगतान करें जिससे उन्हें लाभ मिल सके । उन्होंने कहा कि किसानों की समसयाओं के निराकरण और उनकी शंका के समाधान के लिए शीघ्र ही टोल फ्री नंबर की व्यवस्था की जा रही है । यह नंबर प्रत्येक गांव की दीवारों पर लिखवाया जायेगा जिससे किसान सम्पर्क कर अपनी समस्या का निराकरण और शंका का समाधान कर सकेंगे । प्रभारी मंत्री श्री बिसेन गत दिवस स्थानीय राजा की बगिया में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित द्वारा आयोजित वृहद किसान क्रेडिट कार्ड वितरण के विशेष अभियान के शुभारंभ समारोह को मुख्य अतिथि के रुप में सम्बोधित कर रहे थे।  उन्होंने 6 प्रगतिशील किसानों का शाल और श्रीफल से अभिनंदन किया । किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड भी वितरित किये । कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री अरुण कपूर ने की तथा प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड, राज्य सभा सदस्य सुश्री अनुसूईया उईके, म.प्र. घुमक्कड, अद्र्धघुमक्कड एवं विमुक्त जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नारायण सिंह बंजारा, विधायक  श्री ताराचंद बावरिया, और श्री रामराव कवरेती एवं नगरपालिका अध्यक्ष श्री कन्हईराम रघुवंशी विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे ।
            प्रभारी मंत्री श्री बिसेन ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश का किसान बहुत ही मेहनती और ईमानदार है तथा यदि उसे बिजली और अन्य संसाधन मिल जायें तो वह कृषि के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति कर सकता है । किसान की मेहनत का ही यह फल है कि इस वर्ष किसानों ने 58 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का रिकार्ड उत्पादन किया जिसे प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदा गया। यह उपलब्धि देश के पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों के समतूल्य है । उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश से धान का कटोरा कहा जाने वाला छत्तीसगढ़ क्षेत्र अलग हो जाने के बाद भी किसानों ने परिश्रम कर इतनी धान का उत्पादन किया कि अब लोग धान के कटोरा को भूल गये हैं। इसके लिए किसान साधुवाद के पात्र हैं । उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं । इसके लिये किसानों को एक अप्रैल से एक प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है । उन्होंने बताया कि अब मछलीपालक मछुआरों को भी  फिशर मेन क्रेडिट कार्ड जारी कर 3 प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है । देश में किसानों और फिशरमेनों को इतनी कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने वाला म.प्र. एकमात्र राज्य हैं । उन्होंने प्रगतिशील कृषक ग्राम बोरिया के श्री इंदल तुलाराम यादव,सारंगबिहरी के श्री सखाराम चैतू पवार, पालाखेड के श्री रविशंकर लाला पवार, सुरंगी के श्री रामस्वरुप लटकन रघुवंशी, उमरानाला के श्री रमेश काशीराम चौधरी और उमरेठ ढाना के श्री शिवचरण कली पवार का शाल और श्रीफल से अभिनंदन किया । उन्होंने प्रारंभ में दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ भी किया ।
          समारोह में कार्यक्रम अध्यक्ष श्री अरुण कपूर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण और बीज,खाद,दवाई,उन्नत कृषि यंत्र आदि आदान सामग्री अनुदान पर उपलब्ध कराई जा रही है । उन्होंने कहा कि किसान अपने आपकों समिति का मालिक समझकर व्यवहार करें और अपना आर्थिक विकास करें । उन्होंने बताया कि जो बैंक वर्ष 2002-03 में लगभग 20 करोड़ रुपये के घाटे में था, प्रदेश सरकार के विशेष प्रयासों से अब 15 लाख रुपये के लाभ पर आ गया है । विशेष अतिथि एवं स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड ने कहा कि किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर और मेहनत करके अपना आर्थिक विकास करें तथा आत्मनिर्भर बनें । उन्होंने प्रदेश के मुख्य मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किसानों के लिए किये गये विशेष प्रयासों की विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि जिले के सौंसर और पांढुर्ना क्षेत्र के किसान बहुत मेहनती है तथा मैं स्वयं एक किसान के रुप में अभी भी अपने खेतों में मेहनत करता हूँ। विशेष अतिथि सुश्री अनुसूईया उईके ने कहा कि किसानों को एक प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की एक अभिनव पहल है । किसान आगे आकर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाये और कृषि ऋण प्राप्त कर ईमानदारी से ऋण का भुगतान भी करें जिससे उन्हें भविष्य में निरंतर ऋण प्राप्त करने में सुविधा रहेगी । उन्होंने कृषकों से आव्हान किया कि वे आगे आकर आधुनिकतम कृषि तकनीकों और उपकरणों का उपयोग करें ।
          समारोह में प्रभारी मंत्री श्री बिसेन की ओर से स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री मोहोड, राज्य सभा सदस्य सुश्री उईके और अन्य अतिथियों ने प्रतीक स्वरुप ग्राम इमलिया बोहता के श्री अर्जुनसिंह मोहन सिंग, चारगांव के श्री रमेश झनक, पोआमा के श्री टीकाराम सोकचंद,पिंडरईकला के श्री रामसिंह टेकू, सिहोरा मड़का के श्री हरनाम गिरि गोस्वामी, जटलापुर के श्री भगवत गिरि, रोहनाकला के श्री भीमसेन गुलाब, राजना के श्री ओमकार गयासिंह और पैजनवाड़ा के श्री जगदीश मंगलू को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किये । उल्लेखनीय है कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से सम्बद्ध 145 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा अभी तक एक लाख 3 हजार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराये जा चुके हैं तथा अगस्त माह में विशेष वृहद अभियान संचालित कर लगभग 25 हजार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराये जायेंगे । इसके अलावा जिले के चयनित 37 बलराम ग्रामों के 4 हजार 700 कृषक परिवारों में से 2 हजार 575 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किये जा चुके हैं तथा शेष किसानों को अगस्त माह में किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किये जायेंगे । समारोह के प्रारंभ में मुख्य अतिथि श्री बिसेन सहित अन्य अतिथियों का पुष्पहारों से अभिनंदन किया गया । कार्यक्रम का संचालन श्री नरेन्द्र शक्रवार और आभार प्रदर्शन इंडियन पोटाश लिमिटेड के जिला प्रतिनिधि श्री बी.सी.पंत ने किया । इस अवसर पर सर्वश्री पंडित रमेश दुबे, दौलतराम ठाकुर, रमेश पोफली, टीकाराम चन्द्रवंशी, श्रीराम रघुवंशी, दादा धर्माधिकारी, मधुकर ठाकरे और अन्य जनप्रतिनिधि, प्रभारी कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री स्वाति मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विनीत जैन, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी डॉ. के.डी.त्रिपाठी, संयुक्त आयुक्त सहकारिता जबलपुर श्री बी.पी.मारन, उपायुक्त सहकारिता श्री जी.एस.डेहरिया, उप संचालक कृषि श्री जे.एस.गुर्जर, जिला विपणन अधिकारी श्री सुधाकर येरपुडे, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के महाप्रबंधक श्री डी.के. परिहार, इफकों के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक श्री जे.पी.राठी, मध्यभारत खाद कंपनी के जिला प्रतिनिधि श्री संजू मिश्रा और अन्य अधिकारी, पत्रकार तथा बड़ी संख्या में किसान और नागरिकगण उपस्थित थे ।
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संचार तथा सकर्म स्थायी समिति की बैठक 3 अगस्त को

          जिला पंचायत की संचार तथा संकर्म स्थायी समिति की बैठक आगामी 3 अगस्त को दोपहर 2 बजे से स्थानीय जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई है ।
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अतिवृष्टि/बाढ़ के संबंध में प्रतिदिन जानकारी भेजने के निर्देश 

            कलेक्टर द्वारा अतिवृष्टि/बाढ़ की स्थिति में प्रतिदिन निर्धारित प्रारुप में फसल,पशु और जनहानि के संबंध में राहत आयुक्त भोपाल को जानकारी भेजने के निर्देश दिये गये हैं । ये निर्देश पुलिस अधीक्षक और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के साथ ही सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों, थाना प्रभारियों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, जिला कार्यालय की भू-अभिलेख और राहत शाखा के प्रभारी अधिकारी, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला नागरिक आपूर्ति अधिकारी को दिये गये हैं ।
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अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को प्रशिक्षण के लिए
16 अगस्त तक संस्थाओं से आवेदन पत्र आमंत्रित

           जिला अन्त्यावसायी सहकारी विकास समिति द्वारा जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को विभिन्न स्वरोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने के लिए पंजीकृत प्रशिक्षण संस्थाओं से 16 अगस्त तक आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है । इच्छुक संस्थायें निर्धारित तिथि तक आवेदन दे सकती हैं ।
          कलेक्टर ने बताया गया कि जिला अन्त्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित के माध्यम से जिले के मूल निवासी अनुसूचित जाति वर्ग के न्यूनतम 10 वीं उत्तीर्ण शिक्षित बेरोजगार युवकों को विभिन्न विषयों में रोजगार निश्चिततायुक्त रोजगार और स्व रोजगारन्मुखी प्रशिक्षण कौशल विकास के लिए प्रतिष्ठित,अनुभवी एवं प्रशिक्षण हेतु पंजीकृत अथवा मान्यता प्राप्त निजी,स्वशासी, शासकीय एवं अद्र्धशासकीय संस्थाओं से उनके द्वारा संचालित प्रशिक्षण कोर्स एवं प्रशिक्षण शुल्क की राशि के साथ जारी वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्ताव/आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये हैं । ये प्रस्ताव पोस्ट ऑफिस से पंजीकृत डाक द्वारा भेजे जाने पर ही स्वीकार किये जायेंगे । इस संबंध में विस्तृत विवरण और शर्ते जिला अन्त्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित के कलेक्ट्रेट कम्पाउण्ड स्थित कार्यालय में कार्यालयीन समय पर देखी जा सकती है ।
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संयुक्त वन प्रबंधन समितियों और
 लीड सोसायटियों से शासकीय

उचित मूल्य दुकानों के आवंटन
के संबंध में आवेदन पत्र आमंत्रित

         राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत दूरस्थ क्षेत्रों एवं वन क्षेत्रों में निवासरत लोगों को शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से खाद्यान्न, शक्कर एवं केरोसिन आदि की उपलब्धता सुलभता से कराने हेतु प्राथमिक कृषि सहकारी सोसायटियों तथा लघु वनोपज सहकारी सोसायटियों के साथ-साथ संयुक्त वन प्रबंध समितियों को भी शासकीय उचित मूल्य दुकानों का आवंटन करने का निर्णय लिया गया है । कलेक्टर ने इस संबंध में वन विभाग द्वारा चयनित संयुक्त वन प्रबंध समितियों एवं लीड सोसायटियों को निर्धारित शासकीय उचित मूल्य दुकानों का आवंटन प्राप्त किये जाने हेतु अपने क्षेत्र के राजस्व अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय में आवेदन जमा करने के निर्देश दिये हैं ।

कमिश्नर/कलेक्टर्स कान्फ्रेन्स के लिए जानकारी भेजने के निर्देश

         प्रदेश के मुख्य मंत्री की अध्यक्षता में आगामी 6 और 7 अगस्त को भोपाल में कमिश्नर और कलेक्टर्स कान्फ्रेन्स का आयोजन किया गया है । इस कान्फ्रेन्स में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से निर्धारित तिथि तक 3 प्रतियों में ए-4 साईज पेपर में जानकारी सी.डी. सहित सहायक अधीक्षक (राजस्व शाखा)को भिजवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं ।
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विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन एक अगस्त से

           महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विगत वर्षो की तरह इस वर्ष भी जिले में आगामी एक अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया जायेगा । यह सप्ताह परियोजना एवं आंगनवाडी स्तर पर मनाया जायेगा तथा  सप्ताह के दौरान जिला एवं विकासखंड मुख्यालयों के कन्या महाविद्यालयों और विद्यालयों में उन्मुकरण कार्यक्रम और सेमिनार आयोजित कर बालिकाओं में जागरुकता लायी जायेगी । सेमिनार में ‘माँ का प्यार’ फिल्म भी दिखायी जायेगी तथा विषय विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी देकर शंकाओं का समाधान किया जाकर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जायेगा एवं विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जायेगा । परियोजना मुख्यालयों पर आंगनवाडी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, ए.एन.एम. और आशा कार्यकर्ताओं  का एक दिवसीय प्रशिक्षण, मीडिया कार्यशाला, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता जैसी विभिन्न जागरुकता गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा।
         जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुश्री स्वर्णिमा शुक्ला ने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान जन्म के तुरन्त बाद स्तनपान, 6 माह तक केवल माँ के दूध के महत्व की पर्याप्त जानकारी समुदाय को दी जाकर उसमें व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से कुपोषण में महत्वपूर्ण कमी लाये जाने के संबंध में जागरुक किया जायेगा । उन्होंने बताया कि इस सप्ताह की गतिविधियों का मुख्य लक्ष्य ऐसी गतिविधियॉं करना हैं जिससे अधिक से अधिक जनसमुदाय स्तनपान के महत्व को समझें एवं उन रास्तों को खोजना हैं जिससे माताओं को इस हेतु सशक्त किया जाकर उन्हें स्तनपान कराने के लिए प्रेरित किया जा सके । उन्होंने बताया कि शिशु को जन्म से छ: माह तक केवल माँ का दूध देने का मतलब है माँ शिशु को जन्म से छ: माह तक सिर्फ अपना दूध पिलायें, कोई अन्य तरल पदार्थ जैसे पानी, घुट्टी, शहद आदि नहीं दिये जायें। हाँ, इस दौरान चिकित्सक की सलाह अनुसार शिशु को तरल दवाईयाँ, विटामिन, सिरप आदि दिए जा सकते हैं । छ: माह के बाद शिशु को स्तनपान के साथ-साथ पूरक आहार दिया जाना जरुरी है। स्तनपान दो या अधिक वर्षो तक कराया जा सकता है । माँ का दूध सुरक्षित है। इसमें बच्चे को डायरिया, निमोनिया आदि जैसे संक्रमणों से सुरक्षित रखने वाले तत्व, माँ का दूध अस्थमा जैसी बीमारियों के होने के खतरे को भी कम करता है, यह स्वास्थ्यकर है  क्योंकि माँ के दूध में मौजूद है सही मात्रा में विशेष गुणों वाले पोषक तत्व, जबकि डिब्बा बंद दूध व अन्य आहारों में इन पोषक तत्वों का सही अनुपात एवं गुण नहीं रहता है । यह शिशु के लिये हर वक्त उपलब्ध है । माँ जब भी शिशु के पास हो वह उसे स्तनपान करा सकती है। इसे तैयार करने के लिए माँ को कोई विशेष तैयारी भी तो नहीं करनी पड़ती है । माँ कोई भी आहार/आहारों का मिश्रण ले उनसे माँ के शरीर में शिशु के लिए दूध अपने आप तैयार हो जाएगा।  माँ का दूध छ: माह तक शिशु को आवश्यक सभी तत्वों की पूर्ति करता है। दूध पिलाने वाली महिलाओं के मन में कई प्रश्न उठना स्वाभाविक है। शिशु को पर्याप्त मात्रा में माँ का दूध मिले इसके लिए- माँ यह समझे कि उसका दूध शिशु के लिये सुरक्षित और स्वास्थ्यकर है। प्रसव के बाद जितनी जल्दी हो सके माँ शिशु को अपना दूध पिलायें इससे स्तनों में दूध बनना शुरु होगा । उन्होंने बताया कि शिशु को सही तरीके से स्तनपान कराना सबसे जरुरी है। कई बार स्तन से दूरी या अनुचित बैठक/स्थिति के कारण शिशु पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं पी पाता है। शिशु जब भी चाहे उसे स्तनपान करायें । शिशु जब तक चाहे उसे स्तनपान करायें। सही जानकारी, सहायक वातावरण और आत्मविश्वास ऐसे प्रमुख तत्व हैं जो एक माँ को सफलतापूर्वक स्तनपान कराने में सहायक होते हैं। इसमें सभी का सहयोग जरुरी है। चाहे वह नीति निर्माता हों, चिकित्सक, नर्स, ए.एन.एम. हो या आंगनबाडी कार्यकर्ता, हर स्तर पर गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को स्तनपान के महत्व के बारे में परामर्श एवं जानकारी दी जाती है । साथ ही समुदाय व प्रत्येक परिवार का भी यह दायित्व है कि वह माँ के दूध व शिशु को छ: माह तक केवल स्तनपान कराने के महत्व को समझें। इसमें सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है एक माँ की।क्योंकि एक माँ ही दूसरी माँ को स्तनपान और माँ के दूध का महत्व समझा सकती है।
            जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुश्री शुक्ला ने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह के संबंध में मीडिया कर्मियों में जागरुकता के लिए एक जिला स्तरीय कार्यशाला का भी आयोजन किया जायेगा जिसमें माँ के दूध के महत्व से मीडिया को अवगत कराकर व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जायेगा ।
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जिले में अभी तक 520.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

              जिले में अभी तक 520.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है,जबकि गत वर्ष इस अवधि तक 444.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गर्ई थी। जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान प्रात: 8 बजे तक 13.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जिसमें  विकासखंड मोहखेड में 8 मि.मी., तामिया में 30, चौरई में 2.2, हर्रई में 25.6, सौंसर में 14.6, बिछुआ में 33.1, परासिया में 22 और जुन्नारदेव में 16.2 मि.मी. वर्षा शामिल है।
          अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा बताया गया कि जिले में 29 जुलाई तक 520.8 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज की गई है जिसमें विकासखंड छिन्दवाड़ा में 513 मि.मी.,मोहखेड में 472.1,तामिया में 531.9, अमरवाडा में 1002.8, चौरई में 445.4, हर्रई में 571.2, सौंसर में 451.4, पांंढुर्ना में 418.2, बिछुआ में 290.8, परासिया में 509.6 और जुन्नारदेव में 550.5 मि.मी.वर्षा दर्ज की गई है।
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छात्रा रेहाना नर्स  और दीक्षा टीचर बनने
 का सपना कर सकेगी पूरा

प्रभारी मंत्री श्री बिसेन ने की दोनों
छात्राओं को गोद लेने की घोषणा

           जिले के चौरई नगर की लगभग 11 वर्षीय छात्रा कु. रेहाना मंसूरी नर्स और लगभग 12 वर्षीय छात्रा कु. दीक्षा रघुवंशी टीचर बनने का सपना पूरा कर सकेगी । दोनों छात्राओं का यह सपना प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सहकारिता एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन पूरा करेंगे ।  इस संबंध में गत दिवस जिले के चौरई नगर स्थित शासकीय कन्या माध्यमिक शाला में आयोजित शाला के अतिरिक्त कक्ष के भूमिपूजन समारोह में प्रभारी मंत्री श्री बिसेन ने दोनों छात्राओं को गोद लेने की घोषणा करते हुये उनकी शिक्षा के लिए निरंतर आर्थिक सहयोग देने के लिए कहा । प्रभारी मंत्री श्री बिसेन के इस निर्णय से दोनों छात्राओं के साथ ही उपस्थित विशाल जनसमूह में हर्ष और उमंग का वातावरण व्याप्त हो गया । इस समारोह में प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड और क्षेत्रीय विधायक श्री मेरसिंह चौधरी भी मौजूद थे । दोनों छात्राओं को यह सौगात उनकी सरल, सहज और मीठी बातों से प्रभारी मंत्री श्री बिसेन का दिल जीत लेने से मिली है ।
               चौरई नगर की कु. रेहाना मंसूरी के पिता श्री रहमान मंसूरी चौरई में हमाली/मजदूरी करते हैं । उसकी माँ श्रीमती रफीका मंसूरी गृहिणी है तथा एक भाई और तीन बहनों में रेहाना सबसे छोटी है एवं कक्षा छठवीं में पढ़ती है । कु. दीक्षा रघुवंशी के पिता श्री रनजीत रघुवंशी नगरपालिका चौरई में दैनिक वेतन भोगी के रुप में कार्यरत हैं । उसकी माँ भी गृहिणी है तथा दो भाईयों की वह लाड़ली बहन है एवं कक्षा सातवीं में पढ़ती है । कु. रेहाना और कु. दीक्षा शासकीय कन्या माध्यमिक शाला चौरई की छात्रायें हैं जिन्होंने अपने सरल और मृदु व्यवहार से बातों ही बातों में प्रभारी मंत्री श्री बिसेन का ह्मदय जीत लिया । प्रभारी मंत्री श्री बिसेन अपने चौरई प्रवास के दौरान प्रात:काल बस स्टैण्ड पर भ्रमण के लिए निकले । उन्होंने एक होटल में चाय पी और फलवाले श्री कय्यूम की दुकान पर जा बैठे । फल वाले से बातचीत चल ही रही थी कि दोनों छात्रायें वहाँ अचानक पहुंच गई । उन्होंने प्रभारी मंत्री को देखकर प्रणाम किया और अपने स्कूल चलने का आमंत्रण दे दिया । प्रभारी मंत्री ने स्कूल का नाम पूछते हुये कहा कि स्कूल में ऐसा क्या है जिसे देखना चाहिये। दोनों छात्राओं ने कहा कि हमारे स्कूल में अच्छी पढ़ाई होती है, अच्छा ताजा भोजन मिलता है और सभी अनुशासन में रहकर पढ़ते हैं । इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि चलो तुम्हारा स्कूल देखते हैं । स्कूल में पहल स्व सहायता समूह की सदस्य श्रीमती मुनियाबाई वर्मा द्वारा मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के अन्तर्गत राजमा की सब्जी बनाई गई थी और गर्मागर्म रोटियाँ सेंकी जा रही थी । प्रभारी मंत्री ने सब्जी के गंज में सब्जी को चलाकर उसकी गुणवत्ता देखी  और बाल सुलभ जिज्ञासा दिखाते हुये छात्राओं के साथ रोटियाँ भी सिंकवाई । उन्होंने छात्राओं के साथ स्कूल का निरीक्षण भी किया और व्यवथा पर संतोष व्यक्त किया । उन्होंने अच्छी गुणवत्ता का स्वादिष्ट भोजन बनाने के लिए समूह की सदस्य रसोइन श्रीमती मुुनियाबाई वर्मा को एक हजार रुपये की नगद राशि पुरस्कार के स्वरुप दी तथा समूह को बर्तन के लिए प्रभारी मंत्री स्वेच्छानुदान मद से 5 हजार रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा भी की ।
              प्रभारी मंत्री श्री बिसेन ने दोनों छात्राओं रेहाना और दीक्षा से पूछा कि देश के प्रधानमंत्री कौन है ? मध्यप्रदेश के मुख्य मंत्री कौन है ? देश के राष्ट्रपति कौन हैं ? प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री कौन है ? क्षेत्र के विधायक और पूर्व विधायक कौन है ?   इस पर दोनों छात्राओं ने अपने सामान्य ज्ञान का परिचय देते हुये सभी प्रश्नों के सही उत्तर दिये तो वातावरण तालियों की गडगड़ाहट से गूँज उठा । दोनों छात्राओं की कुशाग्रता और अध्ययन के प्रति ललक देखते हुये प्रभारी मंत्री श्री बिसेन ने घोषणा की कि मैं दोनों छात्राओं को गोद लेता हूँ और इनकी शिक्षा की फीस का जिम्मा लेता हूँ । मैं मंत्री पद पर रहूँ अथवा न रहूँ, किन्तु जब तक ये छात्रायें पढ़ना चाहेंगी इन दोनों छात्राओं की पढ़ाई की जिम्मेदारी मेरी रहेगी । उन्होंने दोनों छात्राओं को नये कपड़ों के लिए तत्काल एक-एक हजार रुपये की नगद राशि भी प्रदान की । प्रभारी मंत्री श्री बिसेन की इस घोषणा और त्वरित कार्यवाही से उपस्थित विशाल जनसमूह ने तालियों की गडगड़ाहट से अपनी खुशी और हर्ष व्यक्त कर प्रभारी मंत्री की भूरि-भूरि प्रशंसा की । दोनों छात्रायें रेहाना और दीक्षा प्रसन्न हैं कि अब गरीबी का अभिशाप उनकी पढ़ाई में बाधक नहीं बनेगा, बल्कि प्रभारी मंत्री श्री बिसेन जैसे अभिभावक से उनका जीवन संवर जायेगा तथा वे शिक्षित होकर अपने सपनों को पूरा कर सकेंगी ।

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