जिला जनसंपर्क कार्यालय छिन्दवाड़ा(म.प्र.)
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शासकीय अधिकारी/कर्मचारी अनिवार्य रुप से यूनिक आई डी कार्ड बनायें
शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी अपने परिवार के सदस्यों के यूनिक आईडेंन्टिटीफिकेशन कार्ड अनिवार्य रुप से 31 जुलाई 2011 तक बनवा लें ।
संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शुचिस्मिता सक्सेना ने बताया कि जिला मुख्यालय के शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के यूनिक आईडेन्टिटीफिकेशन कार्ड कलेक्ट्रेट भवन के कक्ष क्रमांक 7, तहसील भवन कार्यालय तथा डाईट में तैयार किये जा रहे हैं । जिले में यह कार्य 31 जुलाई 2011 तक ही किया जायेगा । उन्होंने सभी कार्यालयों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों एवं परिवार के सदस्यों के साथ उपस्थिति सुनिश्चित करायें तथा अधिकारियों एव कर्मचारियों को निर्देशित करें कि वे यूनिक आईडेंन्टिटीफिकेशन कार्ड निर्धारित तिथि तक बनवा लें । साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिये है कि सभी अधिकारियों/ कर्मचारियों से यह प्रमाणीकरण करा लें कि उनके द्वारा अपने परिवार सहित यू.आई.डी. कार्ड बनवा लिये गये हैं। उन्होंने सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देश दिये हैं कि 31 जुलाई 2011 तक उपरोक्त में से जो भी यू.आई.डी. सेन्टर समीपस्थ हो वहाँ अपना यू.आई.डी. कार्य अनिवार्यत: बनवा लें।
संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शुचिस्मिता सक्सेना ने बताया कि जिला मुख्यालय के शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के यूनिक आईडेन्टिटीफिकेशन कार्ड कलेक्ट्रेट भवन के कक्ष क्रमांक 7, तहसील भवन कार्यालय तथा डाईट में तैयार किये जा रहे हैं । जिले में यह कार्य 31 जुलाई 2011 तक ही किया जायेगा । उन्होंने सभी कार्यालयों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों एवं परिवार के सदस्यों के साथ उपस्थिति सुनिश्चित करायें तथा अधिकारियों एव कर्मचारियों को निर्देशित करें कि वे यूनिक आईडेंन्टिटीफिकेशन कार्ड निर्धारित तिथि तक बनवा लें । साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिये है कि सभी अधिकारियों/ कर्मचारियों से यह प्रमाणीकरण करा लें कि उनके द्वारा अपने परिवार सहित यू.आई.डी. कार्ड बनवा लिये गये हैं। उन्होंने सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देश दिये हैं कि 31 जुलाई 2011 तक उपरोक्त में से जो भी यू.आई.डी. सेन्टर समीपस्थ हो वहाँ अपना यू.आई.डी. कार्य अनिवार्यत: बनवा लें।
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जनसुनवाई में 182 आवेदन पत्रों पर हुई सुनवाई
जनसुनवाई में 182 आवेदन पत्रों पर हुई सुनवाई
परेशान जनता को राहत एवं दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही का पर्याय जनसुनवाई कार्यक्रम का आगाज प्रभारी कलेक्टर सुश्री स्वाति मीणा द्वारा किया गया । आपके द्वारा मुन्नालाल निर्मलकर द्वारा बम्होरीगांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लेने पर आवागमन मार्ग बंद हो जाने की जाँच के निर्देश दिये गये । गांगीवाडा के शासकीय हाईस्कूल की जमीन पर अवैध कब्जा कर घर बनाये जाने की जाँच करने, शेख कलामत के बच्चे का इलाज कराने, शुभम. तिवारी को उत्कृष्ट विद्यालय में भर्ती कराने, मोहराम अहिरवार के सेवाकाल संबंधी विवाद सुलझाकर पेंशन दिलाने, सुखदयाल को एरियर्स राशि दिलाने, ज्ञानवतीबाई को पाला राहत राशि का भुगतान करने, शर्मिलाबाई के बच्चे का इलाज कराने, अरबिंदिया कवरेती को कन्या छात्रावास में भर्ती कराने, मालवतीबाई के घर दिन दहाड़े हुई डकैती की रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही करने,दशरथ को खेत में कुआँ बनाने, लीकचंद जैन की दुकान खाली कराने, हिमांशु चौकसे को अनुकम्पा नियुक्ति दिलाने, रोहित राय को घर एवं नल कनेक्शन के लिए नजूल से अनापत्ति दिलाने, मछुआरों को तालाब के निष्पक्ष आबंटन हेतु समिति निर्माण करने, नूर मोहम्मद के भूमि रिकार्ड को दुरुस्त करने, दलियाबाई की पावती बनाने, राजकुमारी जैन को आंगनबाडी कार्यकर्ता के रुप में नियुक्ति दिलाने, सरस्वती देवीलाल महोबे को बी.पी.एल. कार्ड बनवाने एवं परिवार सहायता योजना से आर्थिक सहायता दिलाने, कमलाबाई को बीमा राशि दिलाने, सावित्री राय को प्रताड़ित किये जाने पर पति के विरुद्ध कार्यवाही करने, रजनीबाई को वृद्धावस्था पेंशन दिलाने, जीवन पिता टेकचंद का जीवनश्री बीमा योजना में पंजीकरण करवाने, गणेशीबाई का इलाज करवाने, प्रेमवतीबाई को ऋणपुस्तिका एवं पावती दिलाने,नेत्रहीन अनाथ बालिका सरस्वती बाई को विकलांग पेंशन हेतु पंजीकृत करने, सत्यभामा को राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत मकान दिलाने, सरस्वती पवार को विधवा पेंशन दिलाने, सोना चन्द्रवंशी को स्वरोजगार हेतु बैंक से लोन दिलाने जैसे 182 मामलों में प्रभारी कलेक्टर द्वारा जनसुनवाई करते हुये समस्याओं के यथाशीघ्र निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को त्वरित कार्यवाही के आदेश दिये गये ।
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अवैध चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु
एस.डी.एम. एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अधिकृत
एस.डी.एम. एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अधिकृत
राज्य शासन के वित्त विभाग,मंत्रालय,भोपाल द्वारा जिले में किसी भी वित्तीय स्थापना जिसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नॉन-बैंकिंग फायनेंस कंपनी के रुप में जनता से जमा स्वीकार करने हेतु पंजीयन प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया है, के द्वारा जिले में जनता से निक्षेप स्वीकार/प्राप्त किये जाने पर ऐसी वित्तीय संस्थाओं के विरुद्ध म.प्र. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण नियम-2000 के प्रावधानों के अन्तर्गत कानूनी कार्यवाही किए जाने के निर्देश प्रसारित किए गए है । इन निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर द्वारा जिले में अवैध चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध जांच कर कार्यवाही किये जाने हेतु जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) को अधिकृत किया गया है। संयुक्त कलेक्टर श्री अनुराग सक्सेना ने बताया कि जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों और पुलिस अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि जिले में अगर कोई कंपनी जिसे रिजर्व बैंक से जमा स्वीकार/प्राप्त करने का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है, तो ऐसी कंपनी के विरुद्ध कार्यवाही करें । उन्होंने बताया कि आम जनता से भी आग्रह किया गया है ऐसी अवैध संचालित कंपनियों की जानकारी सीधे संबंधित अधिकारियों को दें । साथ ही यह सलाह भी दी गई है कि कोई भी व्यक्ति अवैध चिटफंड कंपनियों में निवेश नहीं करें ।
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समय पर उपस्थित नहीं होने वाले 27 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
समय पर उपस्थित नहीं होने वाले 27 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
जिलाध्यक्ष कार्यालय में समय पर उपस्थित नहीं होने वाले 27 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 2 दिनों के भीतर संबंधित प्रभारी अधिकारी के माध्यम से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं । समयावधि में जवाब प्राप्त नहीं होने पर संबंधित के विरुद्ध एक पक्षीय कार्यवाही कर दी जायेगी ।
अतिरिक्त कलेक्टर ने बताया कि जिलाध्यक्ष कार्यालय के सभी कर्मचारियों को प्रतिदिन कार्यालयीन समय में प्रात: 10.30 बजे अनिवार्य रुप से उपस्थित होकर अपनी सीट पर बैठकर कार्य करने के स्थायी निर्देश दिये गये हैं, किन्तु 23 और 25 जुलाई को प्रात: 10.40 बजे उपस्थिति पंजी का अवलोकन करने पर 27 कर्मचारी कार्यालय में देरी से उपस्थित होना पाये गये। स्पष्ट निर्देश के बाद भी कार्यालय में देरी से उपस्थित होना शासकीय कार्यो के प्रति उदासीनता का द्योतक है जो कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है । इन कर्मचारियों का इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया है कि क्यों न उनका उस अवधि का मध्यप्रदेश अवकाश नियम 1977 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवैतनिक अवकाश स्वीकृत किया जाये । इस संबंध में भू-अभिलेख शाखा के सहायक ग्रेड-2 अनिल कवरेती, सदर वासिल बाकी नवीस शाखा के सहायक ग्रेड-3 श्री अखिल डेहरिया और सहायक ग्रेड-2 श्री डी.सी.डेहरिया, निर्वाचन शाखा के सहायक ग्रेड-3 दुर्गाप्रसाद सिल्लाम, आपूर्ति शाखा की सहायक ग्रेड-2 श्रीमती विजय लक्ष्मी पनवेल, नंदलाल यादव और सहायक ग्रेड -3 पुनीत मस्तकार, सांख्यिकी लिपिक शाखा के सहायक ग्रेड -2 राकेश शर्मा, जनसमस्या निवारण कक्ष की सहायक ग्रेड 3 श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, खनिज शाखा की सहायक ग्रेड 3 श्रीमती रीता रात्रे, प्रेषक शाखा की सहायक ग्रेड- 3 श्रीमती द्वारका कौराची और श्रीमती प्रभा पाठक, राजस्व अभिलेखागार की सहायक ग्रेड-3 श्रीमती साधना राजौरिया, महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायक ग्रेड -3 श्रीमती ज्योति कमाले, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग की लेखापाल सुश्री आशा श्रीवास्तव और सहायक ग्रेड-2 नरेन्द्र गाडगे, योजना मंडल की सहायक ग्रेड -3 श्रीमती एलिजा बेथ, जिला कोषालय की सहायक ग्रेड -3 श्रीमती रेखा बनारसे, आबकारी कार्यालय की आपरेटर श्रीमती अनामिका शुक्ला और सहायक ग्रेड -3 श्री जे.एल.बरसैया, शिकायत शाखा की सहायक ग्रेड-3 श्रीमती शशिकला उईके और भृत्य कोदूलाल परतेती तथा नाजरात शाखा के भृत्य टंटू बिझाडेकर, कोमल प्रसाद रविकर, केवल प्रसाद डेहरिया, श्रीचंद इनवाती और परसराम साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है ।
अतिरिक्त कलेक्टर ने बताया कि जिलाध्यक्ष कार्यालय के सभी कर्मचारियों को प्रतिदिन कार्यालयीन समय में प्रात: 10.30 बजे अनिवार्य रुप से उपस्थित होकर अपनी सीट पर बैठकर कार्य करने के स्थायी निर्देश दिये गये हैं, किन्तु 23 और 25 जुलाई को प्रात: 10.40 बजे उपस्थिति पंजी का अवलोकन करने पर 27 कर्मचारी कार्यालय में देरी से उपस्थित होना पाये गये। स्पष्ट निर्देश के बाद भी कार्यालय में देरी से उपस्थित होना शासकीय कार्यो के प्रति उदासीनता का द्योतक है जो कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है । इन कर्मचारियों का इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया है कि क्यों न उनका उस अवधि का मध्यप्रदेश अवकाश नियम 1977 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवैतनिक अवकाश स्वीकृत किया जाये । इस संबंध में भू-अभिलेख शाखा के सहायक ग्रेड-2 अनिल कवरेती, सदर वासिल बाकी नवीस शाखा के सहायक ग्रेड-3 श्री अखिल डेहरिया और सहायक ग्रेड-2 श्री डी.सी.डेहरिया, निर्वाचन शाखा के सहायक ग्रेड-3 दुर्गाप्रसाद सिल्लाम, आपूर्ति शाखा की सहायक ग्रेड-2 श्रीमती विजय लक्ष्मी पनवेल, नंदलाल यादव और सहायक ग्रेड -3 पुनीत मस्तकार, सांख्यिकी लिपिक शाखा के सहायक ग्रेड -2 राकेश शर्मा, जनसमस्या निवारण कक्ष की सहायक ग्रेड 3 श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, खनिज शाखा की सहायक ग्रेड 3 श्रीमती रीता रात्रे, प्रेषक शाखा की सहायक ग्रेड- 3 श्रीमती द्वारका कौराची और श्रीमती प्रभा पाठक, राजस्व अभिलेखागार की सहायक ग्रेड-3 श्रीमती साधना राजौरिया, महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायक ग्रेड -3 श्रीमती ज्योति कमाले, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग की लेखापाल सुश्री आशा श्रीवास्तव और सहायक ग्रेड-2 नरेन्द्र गाडगे, योजना मंडल की सहायक ग्रेड -3 श्रीमती एलिजा बेथ, जिला कोषालय की सहायक ग्रेड -3 श्रीमती रेखा बनारसे, आबकारी कार्यालय की आपरेटर श्रीमती अनामिका शुक्ला और सहायक ग्रेड -3 श्री जे.एल.बरसैया, शिकायत शाखा की सहायक ग्रेड-3 श्रीमती शशिकला उईके और भृत्य कोदूलाल परतेती तथा नाजरात शाखा के भृत्य टंटू बिझाडेकर, कोमल प्रसाद रविकर, केवल प्रसाद डेहरिया, श्रीचंद इनवाती और परसराम साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है ।
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राज्य सभा सांसद सुश्री उईके 27 जुलाई को जिला योजना समिति की बैठक में भाग
राज्य सभा सांसद सुश्री अनुसूईया उइके 27 जुलाई को प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सहकारिता एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन की अध्यक्षता में जिलाध्यक्ष कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में भाग लेंगी । साथ ही आप प्रभारी मंत्री श्री बिसेन के जिले में आयोजित अन्य कार्यक्रमों भी सम्मिलित होंगी । राज्य सभा सांसद सुश्री उईके 28 जुलाई को दोपहर 2 बजे छिन्दवाड़ा से सडक मार्ग द्वारा जबलपुर के लिए प्रस्थान करेंगी ।
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प्रभारी मंत्री श्री बिसेन आज करेंगे किसानों को किसान
क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के विशेष अभियान का शुभारंभ
क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के विशेष अभियान का शुभारंभ
विशेष अभियान में अगस्त माह में 25 हजार किसानों को
किसान क्रेडिट कार्ड वितरण का लक्ष्य निर्धारित
राज्य शासन के निर्देशों के मुताबिक कृषि को लाभ का धन्धा बनाने के लिए स्थानीय जिला सहकारी केन्द्री बैंक मर्यादित से संबद्ध 145 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा किसानों को एक प्रतिशत की दर पर किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराये जा रहे हैं तथा वर्तमान में बैंक से संबद्ध समितियों द्वारा लगभग एक लाख 3 हजार किसानों को किसान क्रेडिट र्का उपलब्ध कराये जा चुके हैं । अगस्त माह में विशेष अभियान चलाकर 25 हजार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराये जाने का वृहद अभियान का प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी ,सहकारिता एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन 27 जुलाई को दोपहर 12.30 बजे राजा की बगिया परिसर में शुभारंभ करेंगे । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री अरुण कपूर करेंगे तथा राज्य सभा सदस्य सुश्री अनुसूईया उईके, प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री नानाभाऊ मोहो, म.प्र. घुमक्कड,अद्र्धघुमक्कड एवं विमुक्त जाति विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री नारायण सिह बंजारा, विधायक सर्वश्री ताराचंद बावरिया, प्रेमनारायण ठाकुर और रामराव कवरेती, म.प्र. पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री संतोष जैन एवं नगरपालिका अध्यक्ष री कन्हईराम रघुवंशी विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित रहेंगे ।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के महाप्रबंधक श्री पी.के.परिहार ने बताया कि जिले में 37 बलराम ग्राम हैं जिनमें सभी पात्र कृषिकों को माह अगस्त में ही किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराये जाने की योजना है । वर्तमान में लगभग 4700 कृषक परिवार इन ग्रामों में निवासरत हैं जिनमें से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक द्वारा 2575 किसानों को क्रेडिट कार्ड दिये जा चुके हैं । बैंक द्वारा गठित तकनीकी समूह की बैठक में फसल ऋणमान वर्ष 2011-12 निर्धारित किये गये हैं जिसमें दूरस्थ अंचलों में बाई जाने वाली फसल यथा कोदो, कुटकी आदि को सम्मिलित किया गया है ताकि सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में निवासरत कृषकों को इन फसलों के लिए भी ऋण उपलब्ध कराया जा सके। बैंक की समितियों द्वारा अभी तक 1.50 लाख रुपये का अधिकतम फसल ण दिया जा रहा था जिसे एक अप्रैल 2011 से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है । बैंक का प्रयास है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारभूत संरचना में यथायोग्य वृद्धि की जाये । इसी उद्देश्य से बैंक अध्यक्ष श्री कपूर द्वारा मार्कफेड को पत्र लिखकर आग्रह किया गया है कि जिन ब्लाकों में उनके पास डबल लॉक केन्द्र नहीं हैं, उन ब्लाकों में वे बडे गोदाम बनाकर डबल लॉक केन्द्र संचालित करें । इसी व्यवस्था के अनुरुप समितियों द्वारा जगह उपलब्ध करायी जायेगी जिस पर विपणन संघ को आगामी 10 वर्षो तक कोई किराया नहीं देना होगा ।
उन्होंने बताया कि खरीफ 2011 में बैंक द्वारा एक अप्रेल 2011 से 30 सितम्बर 2011 तक 96 करोड रुपये का खरीफ ऋण कृषकों को उपलब्ध कराया जायेगा जिसमें अभी तक 40 करोड का ऋण वितरण किया जा चुका है।इस वर्ष प्रथम बार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा सोयाबीन बीज के साथ-साथ मक्का एवं कपास का उन्नत बीज उपलब्ध कराया गया है ।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के महाप्रबंधक श्री पी.के.परिहार ने बताया कि जिले में 37 बलराम ग्राम हैं जिनमें सभी पात्र कृषिकों को माह अगस्त में ही किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराये जाने की योजना है । वर्तमान में लगभग 4700 कृषक परिवार इन ग्रामों में निवासरत हैं जिनमें से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक द्वारा 2575 किसानों को क्रेडिट कार्ड दिये जा चुके हैं । बैंक द्वारा गठित तकनीकी समूह की बैठक में फसल ऋणमान वर्ष 2011-12 निर्धारित किये गये हैं जिसमें दूरस्थ अंचलों में बाई जाने वाली फसल यथा कोदो, कुटकी आदि को सम्मिलित किया गया है ताकि सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में निवासरत कृषकों को इन फसलों के लिए भी ऋण उपलब्ध कराया जा सके। बैंक की समितियों द्वारा अभी तक 1.50 लाख रुपये का अधिकतम फसल ण दिया जा रहा था जिसे एक अप्रैल 2011 से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है । बैंक का प्रयास है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारभूत संरचना में यथायोग्य वृद्धि की जाये । इसी उद्देश्य से बैंक अध्यक्ष श्री कपूर द्वारा मार्कफेड को पत्र लिखकर आग्रह किया गया है कि जिन ब्लाकों में उनके पास डबल लॉक केन्द्र नहीं हैं, उन ब्लाकों में वे बडे गोदाम बनाकर डबल लॉक केन्द्र संचालित करें । इसी व्यवस्था के अनुरुप समितियों द्वारा जगह उपलब्ध करायी जायेगी जिस पर विपणन संघ को आगामी 10 वर्षो तक कोई किराया नहीं देना होगा ।
उन्होंने बताया कि खरीफ 2011 में बैंक द्वारा एक अप्रेल 2011 से 30 सितम्बर 2011 तक 96 करोड रुपये का खरीफ ऋण कृषकों को उपलब्ध कराया जायेगा जिसमें अभी तक 40 करोड का ऋण वितरण किया जा चुका है।इस वर्ष प्रथम बार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा सोयाबीन बीज के साथ-साथ मक्का एवं कपास का उन्नत बीज उपलब्ध कराया गया है ।
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