17 Jul 2011

समाचार 13 जुलाई 2011

शहीदों को मध्यप्रदेश में हमेशा मिलेगा सम्मान : मुख्यमंत्री

     मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में शहीदों को भरपूर सम्मान मिलेगा। हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे। हमारे दिलों में वे हमेशा रहेंगे और स्मारकों का निर्माण कर शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा के सुपुत्र अमर शहीद मेजर अमित ठेंगे ने रक्त की अंतिम बूंद तक आतंकवादियों से मुकाबला किया और शहीद हुये।
     मुख्यमंत्री श्री चौहान आज छिंदवाड़ा में अमर शहीद अमित ठेंगे की प्रथम पुण्य तिथि के अवसर पर उनकी नौ फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने के बाद उपस्थित विशाल जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन और शालेय शिक्षा राज्य मंत्री नाना भाऊ मोहोड़, राज्य सभा सदस्य सुश्री अनुसुईया उईके, विधायक श्री ताराचन्द्र वावरिया और पूर्व मंत्री श्री चौधरी चन्द्रभान सिंह मौजूद थे।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद मेजर श्री ठेंगे ने देश की एकता एवं अखण्डता की बलिवेदी पर अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। छिंदवाड़ा की धरती में पले बढ़े शहीद श्री ठेंगे साफ्टवेयर इंजीनियर थे। वे चाहते तो जीवन भर सुख एवं धनधान्य से भरा जीवन व्यतीत कर सकते थे, लेकिन वे देशभक्ति के जज्बे से ओतप्रोत थे। उन्होंने सेना में भर्ती होकर देश सेवा को चुना। धन्य हैं माता-पिता जिन्होंने ऐसे महान सपूत को जन्म दिया। शहीद श्री ठेंगे जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुये शहीद हो गये।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने शहींदों तथा उनके परिजनों को हमेशा सम्मान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर आश्चर्य हुआ था कि देश के जवान पाकिस्तान के साथ तथा एक बार चीन के साथ युद्ध में शहीद हुये थे और देश की सीमाओं की रक्षा की थी। लेकिन देश भर में एक भी शौर्य स्मारक (वार मेमोरियल) नहीं है। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है जहां भोपाल में 11 करोड़ रूपये लागत का वार मेमोरियल (शौर्य स्मारक) का निर्माण किया जा रहा है।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 16 जुलाई 2010 को छिंदवाड़ा आकर शहीद स्वर्गीय मेजर अमित ठेंगे को श्रद्धांजलि अर्पित की थी तथा शहीद की याद को चिर स्थायी बनाने एवं उनके सम्मान के लिये 6 घोषणायें की थीं जिसमें से 5 घोषणायें पूरी हो गयी हैं। शहीद की याद में छिंदवाड़ा में स्मारक बनाया जाना है, जिसके लिये भूमि का चयन हो गया है। अब आगे की कार्रवाई प्रगति पर है।
     शहीद मेजर अमित ठेंगे के पिता मधुकर राव ठेंगे ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद प्रपत्र सौंपा और रंजीत सिंह परिहार द्वारा लिखित पुस्तक छिंदवाड़ा जिले की यशोगाथा' मुख्यमंत्री को भेंट स्वरूप दी।

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